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बीसलपुर बांध में 40 प्रतिशत पानी रहा शेष, 14 साल बाद फिर सूखने लगी बनास नदी Wednesday 03 April 2024 02:33 PM UTC+00 गत वर्ष बरसात कम होने पर बनास नदी के जल की 2010 वाली स्थिति नजर आने लगी है। 14 वर्ष बाद फिर से गर्मी की शुरुआत में ही बनास नदी का शिलाबारी दह का पानी सूखकर सिमटने लगा है। बनास का पानी सूखने के साथ ही निकटवर्ती गांवों के जलस्त्रोतों का भूजलस्तर भी कम हो रहा है। ऐसे में करीबी गांवों के लोगों को गर्मी के मौसम में होने वाले पेयजल संकट की ङ्क्षचता सताने लगी है। 2010 में रहा बांध का सबसे कम गेज बीसलपुर बांध बनने के बाद से अब तक बांध का सबसे कम गेज 2010 में रहा है। बांध परियोजना के अधिशासी अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि 2010 के दौरान लगातार तीन वर्षो से मानसून की बेरूखी के चलते बांध का जलभराव लगातार गिरते हुए 2010 में बांध सूखने की स्थिति में आ पहुंचा था। जो अब तक का सबसे कम गेज 298.67 आर एम मीटर दर्ज किया गया था। तब सरकार को जयपुर व अजमेर की जलापूर्ति को लेकर ङ्क्षचता सताने लगी थी। इस बार अभी बांध में कुल जलभराव का 40.67 प्रतिशत पानी शेष बचा हुआ है। जो एक वर्ष की जलापूर्ति के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। गौरतलब है कि बीसलपुर बांध के कुल जलभराव में 315.50 आर एल मीटर का भराव होता है, जिसमें 38.70 टीएमसी पानी भरता है। कई गांवों में सप्लाई कुओं से बीसलपुर बांध के निकट राजमहल, बोटूंदा, सतवाडा, कुरासियां, बनेडिया,बंथली आदि गांवों में जलापूर्ति बनास नदी किनारे पर खुदे कुओं से की जाती है। यहां ग्रामीणों की मांग के बाद भी अब तक बीसलपुर बांध परियोजना से जलापूर्ति नहीं होती है। कुछ गांवों में बीसलपुर- टोंक- उनियारा पेयजल परियोजना के तहत पाइप लाइन डाली जा चुकी है। मगर विभाग की अनदेखी के चलते पानी की बूंद तक नहीं आती है। कुछ गांवों के नलों में पानी आता भी है तो वो भी पर्याप्त मात्रा में नही आने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। |
आचार संहिता से अटका नि:शुल्क साइकिल वितरण, बेटियों को करना होगा इंतजार Wednesday 03 April 2024 03:04 PM UTC+00 मुख्यमंत्री नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत राजकीय विद्यालयों में नवीन प्रवेश लेने वाली जिले की 15263 हजार बेटियों के लिए दो सत्र की साइकिलें तो आई, लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता ने इनके वितरण पर ब्रेक लगा दिया है। खुले में पड़े होने से इन पर धूल मिट्टी जमना शुरू होने लगी है। अब इनका वितरण चुनाव की मतगणना के बाद ही सम्भव हो पाएगा। फिंटिग का कार्य जारी अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (शैक्षिक प्रकोष्ठ) चौथमल चौधरी ने बताया कि जिले के सरकारी स्कूलों में पिछले दो सत्र में राजकीय विद्यालय की कक्षा 9 में नवीन प्रवेश लेने में पढऩे वाली 15263 बेटियों को नि:शुल्क साइकिल वितरण करने के लिए साइकिलें आ गई हैं। कम्पनी की ओर से आए मैकेनिक की टीम की ओर से साइकिल फिंटिग का कार्य किया जा रहा है। नया सत्र जून से दो सत्र की है बकाया तैयार करने में लगेगा एक माह का समय जिले के सात ब्लॉकों मे साइकिलें पहुंच गई है। इनमें 15 हजार से अधिक साइकिलों को तैयार करने के कार्य में एक महीने का समय लग जाएगा। कम्पनी की ओर से आए मैकेनिक की टीम की ओर से साइकिल असेंबङ्क्षलग का कार्य किया जा रहा है। किस ब्लॉक में कितनी साइकिलें ब्लॉक 2022-23 2023-24 अधिशेष कुल इनका कहना है |
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