>>: Digest for September 25, 2021

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Table of Contents

नागौर. नागौर का मेड़ता तहसील क्षेत्र जिले का 'चेरापूंजी' बन रहा है। पिछले पांच-छह सालों में जिस प्रकार बारिश ने मेड़ता क्षेत्र में मेहरबानी दिखाई है, उतनी किसी भी अन्य तहसील में नहीं दिखाई है। इस बार तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। मेड़ता तहसील क्षेत्र में इस वर्ष 905 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जबकि मेड़ता से सटी खींवसर तहसील में अब तक मात्र 355 एमएम बारिश ही हुई है।

हालांकि इस बार जिले की सभी 13 तहसीलों में औसत (369.7 एमएम) से अधिक बारिश हो चुकी है, लेकिन पिछले पांच वर्ष की बारिश देखें तो खींवसर, रियांबड़ी, परबतसर व नावां ऐसी तहसीलें हैं, जहां पांच वर्ष के औसत (480.5 एमएम) से कम बारिश हुई है। जिले की अन्य 9 तहसीलों में पांच वर्ष के औसत से भी अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। जिले में 23 सितम्बर तक 556 एमएम बारिश हो गई है, जबकि गत वर्ष की बात करें तो 23 सितम्बर तक 499.6 एमएम बारिश हुई थी।
मौसम विभाग के अनुसार अब पश्चिमी राजस्थान में ज्यादा बारिश नहीं होगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह अच्छे संकेत हैं कि जिले में वर्ष दर वर्ष बारिश का औसत बढ़ रहा है। कलक्ट्रेट की भू-अभिलेख शाखा के जिला रिसोर्स पर्सन कपिल देव शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 23 सितम्बर तक औसत बारिश 556 मिलीमीटर हुई है, जो पिछले पांच वर्ष की औसत बारिश से भी 76 एमएम अधिक है।

जिले की बारिश पर एक नजर
तहसील - औसत - 5 वर्षों की औसत बारिश - 23 सितम्बर 2021 तक
नागौर - 309.9 - 345.6- 394
मूण्डवा - 309.9 - 378 - 491
खींवसर - 309.9 - 374.5 - 355
जायल - 325.4 - 391.5 - 479
मेड़ता - 418.6 - 640.1 - 905
रियांबड़ी - 418.6 - 628 - 601
डेगाना - 372.0 - 467.8 - 613
डीडवाना - 309.9 - 488.2 - 585
लाडनूं - 331.4 - 435 - 537
परबतसर - 389.3 - 549.8 - 500
मकराना - 389.3 - 500 - 693
नावां - 460.8 - 562 - 514
कुचामन - 460.8 - 485.6 - 560
औसत - 369.7 - 480.5 - 555.9

चेरापूंजी में होती है सबसे ज्यादा बारिश
बारिश की राजधानी के रूप में मशहूर चेरापूंजी समुद्र से लगभग 1300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है जो मेघालय की राजधानी शिलांग से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चेरापूंजी की औसत वर्षा 10,000 मिलीमीटर होती है।

मेड़ता में औसत से दुगुनी से ज्यादा बारिश
मेड़ता तहसील में इस बार औसत (418.6 एमएम) से दुगुनी से ज्यादा बारिश हुई है। जिले की अन्य तहसीलों में ऐसी स्थिति नहीं है। गौरतलब है कि सावन तक मेड़ता में बारिश काफी कम हुई थी, लेकिन भाद्रपद माह में अच्छी बारिश होने से कुल बारिश का आंकड़ा 900 एमएम पार हो गया।

नागौर. जिले में राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) को लेकर नागौर सहित चार शहरों में 85 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं, जहां पहली पारी में 30,406 अभ्यर्थियों तथा दूसरी पारी में 30,405 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। यानी दोनों पारियों में कुल 60 हजार 811 अभ्यर्थियों को नागौर जिले में परीक्षा केन्द्र आवंटित किए गए हैं।
नागौर के अलावा डीडवाना में 18, कुचामन में 12 तथा लाडनूं में 14 केन्द्र बनाए गए हैं। जहां परीक्षा कराने के लिए करीब साढ़े 3 हजार वीक्षक लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि परीक्षा कराने के लिए केवल सरकारी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी तथा किसी भी शिक्षक को अपनी स्कूल में ड्यूटी नहीं मिलेगी। यानी जहां शिक्षक कार्यरत है, उससे दूसरी स्कूल में ड्यूटी दी जाएगी, ताकि नकल कराने की संभावना नहीं रहे। इसको लेकर गुरुवार को सीडीईओ को निर्देश जारी कर दिए गए।

प्रश्न पत्र पहुंचे नागौर
रीट परीक्षा के प्रश्न पत्र गुरुवार को नागौर पहुंच गए, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कलक्ट्रेट स्थित जिला कोषागार कार्यालय में रखवाया गया है। परीक्षा के नोडल प्रभारी डॉ. रणजीत पूनिया ने बताया कि डीडवाना, कुचामन व लाडनूं के प्रश्न पत्र 25 सितम्बर को वितरित किए जाएंगे, जिन्हें स्थानीय उप कोषागार कार्यालयों में रखा जाएगा। इसी प्रकार नागौर के प्रश्न पत्र परीक्षा के दिन ही परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचाए जाएंगे।

परीक्षार्थियों को केन्द्र पर मिलेंगे मास्क
गत दिनों हुई एसआई की परीक्षा के दौरान मास्क में चिप लगाकर आए परीक्षार्थी पकड़े जाने के बाद राज्य सरकार रीट परीक्षा में इसका तोड़ निकाल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिला कलक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों सहित अन्य अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली, जिसमें उन्होंने परीक्षा केन्द्र पर परीक्षार्थियों को मास्क देने सम्बन्धी चर्चा की। हालांकि इस सम्बन्ध में लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि अभ्यर्थी जो मास्क लगाकर आएंगे, उन्हें परीक्षा केन्द्र के बाहर ही उतारा जाएगा और नए मास्क दिए जाएंगे, ताकि चिप का झंझट ही नहीं रहे। मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से रीट परीक्षा के आयोजन से जुड़े विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि दूर दराज से आने वाले अभ्यर्थियों के ठहराव व भोजन आदि की व्यवस्था के लिए सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। प्रदेश में जिन सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा इस ओर सहयोग रूपी कदम उठाए गए हैं, वे धन्यवाद के पात्र हैं।

कलक्टर सोनी ने ली अधिकारियों की बैठक
मुख्यमंत्री की वीसी के बाद जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जिले के अधिकारियों की बैठक ली। कलक्टर ने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि नागौर जिला मुख्यालय सहित कुचामन, लाडनूं तथा डीडवाना में बनाए गए अस्थाई बस स्टैण्डों, रेलवे स्टेशन तथा रोडवेज बस स्टैण्डों पर दूसरे जिलों व शहरों से पहुंचने वाले रीट के अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा की जानकारी देने के लिए हैल्प डेस्क पर कार्मिकों की नियुक्ति के साथ-साथ वहां आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाए। साथ ही हैल्प डेस्क पर संबंधित शहर में निर्धारित रीट परीक्षा केन्द्रों की जानकारी देने वाला रोडमेप भी वहां नियुक्त स्टॉफ के पास मौजूद हो, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने में आसानी हो सके। परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों के आगमन से लेकर प्रस्थान तक पूर्ण सुरक्षा प्रबंध हों, ताकि नकल जैसे प्रकरण न हो सके। एसपी अभिजीत सिंह ने कहा कि रीट परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए परीक्षा केन्द्रों पर पुलिस स्टॉफ की तैनाती रहेगी। इसके साथ-साथ जिले में स्थापित किए गए अस्थाई बस स्टैण्डों पर भी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।

चौसला. कस्बे की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को प्रधानाचार्य के खिलाफ ग्रामीणों ने रोष जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य मधु शर्मा बच्चों के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं करती है। दरअसल, अभिभावक बालूराम गुर्जर व प्रधानाचार्य मधु शर्मा के बीच हस्ताक्षर नहीं करने को लेकर बुधवार को कहासुनी हुई।
गुरुवार को इसी बात को लेकर 20-30 ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। प्रधानाचार्य मधु शर्मा व गांव वालों के बीच आधे पौन घंटे तक खींचतान चलती रही। मौके पर सरपंच सम्पति देवी शर्मा भी पहुंच गई। ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य की मनमानी से नाराज होकर सभी बच्चों को स्कूल के मुख्यद्वार के बाहर निकाल लिया तथा धरना देने लगे। थोड़ी देर बाद तत्कालीन सरपंच शिवकरण चौधरी, भंवरलाल झाझड़ा (चौधरी चरण सिंह), अशोक कुमार शर्मा वहां पहुंच गए। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर ग्रामीणों से बात की। प्रदर्शन कर लोगों ने बताया कि हमारी मुख्य शिकायत प्रधानाचार्य मधु शर्मा के व्यवहार से है। मैडम स्कूल में पढऩे वाले बच्चों के कागजात पर हस्ताक्षर नहीं करती है। वहीं प्रधानाचार्य मधु शर्मा का कहना है जायज कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए किसी को मना नहीं किया। बालूराम गुर्जर अपनी पत्नी की जन्म तिथि बदलवाने के कागजात पर हस्ताक्षर करवा रहा था। उसका कब और कहा जन्म हुआ है मुझे क्या मालूम। ऐसे कैसे हस्ताक्षर कर दूं। मैंने विद्यालय में पढऩे वाले बच्चों के कागजों पर हस्ताक्षर के लिए कभी मना नहीं किया। ग्रामीणों व शिक्षकों की बात सुनकर गांव के बुजुर्ग लोगों ने समझाइश कर मामले को शांत किया। जिसके बाद बच्चों को 9:45 बजे स्कूल में प्रवेश करने दिया।

नागौर. नागौर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 इसरार खोखर ने शुक्रवार को करीब सात साल पुराने दहेज प्रताडऩा व विवाहिता को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में आरोपी पति को 8 साल के कठोर कारावास व 60 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय के अपर लोक अभियोजक घनश्याम मेहरड़ा ने बताया कि सुरपालिया थाना क्षेत्र के गुगरियाली निवासी मुकेश पुत्र नरसीदास साद को दहेज प्रताडऩा के मामले में 3 साल का कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना एवं आत्महत्या के लिए दुष्पे्ररित करने के मामले में दोषसिद्ध मानते हुए न्यायालय ने 8 साल के कठोर कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा दी है।

ये था प्रकरण
ऐवाद निवासी परिवादी राजेन्द्र कुमार पुत्र आदुराम साद ने सुरपालिया थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि एक मई 2005 को उसकी बहन दुर्गा की शादी मुकेश पुत्र नरसीदास साद के साथ की थी। शादी के बाद ही मुकेश व उसके माता-पिता दहेज कम लाने की बात को लेकर दुर्गा को तंग व परेशान करने लग गए। बाद में 10 अगस्त 2013 को दुर्गा के पति मुकेश व ससुराल वालों ने दुर्गा को हौद में गिराकर मार दिया। रिपोर्ट मिलने पर सुरपालिया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद अनुसंधान आरोपी के विरूद्ध न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए शुक्रवार को सजा सुनाई।

नागौर. नागौर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 इसरार खोखर ने शुक्रवार को करीब सात साल पुराने दहेज प्रताडऩा व विवाहिता को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में आरोपी पति को 8 साल के कठोर कारावास व 60 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय के अपर लोक अभियोजक घनश्याम मेहरड़ा ने बताया कि सुरपालिया थाना क्षेत्र के गुगरियाली निवासी मुकेश पुत्र नरसीदास साद को दहेज प्रताडऩा के मामले में 3 साल का कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना एवं आत्महत्या के लिए दुष्पे्ररित करने के मामले में दोषसिद्ध मानते हुए न्यायालय ने 8 साल के कठोर कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा दी है।

ये था प्रकरण
ऐवाद निवासी परिवादी राजेन्द्र कुमार पुत्र आदुराम साद ने सुरपालिया थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि एक मई 2005 को उसकी बहन दुर्गा की शादी मुकेश पुत्र नरसीदास साद के साथ की थी। शादी के बाद ही मुकेश व उसके माता-पिता दहेज कम लाने की बात को लेकर दुर्गा को तंग व परेशान करने लग गए। बाद में 10 अगस्त 2013 को दुर्गा के पति मुकेश व ससुराल वालों ने दुर्गा को हौद में गिराकर मार दिया। रिपोर्ट मिलने पर सुरपालिया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद अनुसंधान आरोपी के विरूद्ध न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए शुक्रवार को सजा सुनाई।

नागौर. दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले काश्तकारों के लिए 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की योजना लागू की है। समय पर कृषि ऋण चुकाने वाले काश्तकारों को पांच प्रतिशत ब्याज दर से ऋण मिल पाएगा। यह योजना 31 मार्च तक लागू रहेगी। यह योजना सहकारी भूमि विकास बैंकों से दीर्घ कालीन अवधि के लिए लेने वाले ऋणों पर लागू होगी। उन्होंने बताया कि यह ब्याज दर किसी भी वाणिज्यिक बैंक द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर से सबसे कम है। । 1 अप्रेल, 2021 से 31 मार्च, 2020 तक की अवधि में ऋण लेने वाले सभी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। दीर्घ कालीन कृषि ऋण 10 प्रतिशत की ब्याज दर पर देय होता है तथा समय पर ऋण चुकता करने वाले कृषकों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देकर उन्हें राहत प्रदान की गई है।
इन कार्यों के लिए ऋण लेने पर मिलेगा ब्याज अनुदान
योजना के तहत किसान लघु सिंचाई के कार्य जैसे नवकूप, नलकूप, कूप गहरा करने, पम्पसैट, फव्वारा, ड्रिप सिंचाई, विद्युतीकरण, नाली निर्माण, डिग्गी, हौज निर्माण तथा कृषि यंत्रीकरण के कार्य जैसे ट्रेक्टर, कृषि यंत्रादि, थ्रेसर, कम्बाईन हार्वेस्टर आदि को क्रय करने के लिए दीर्घ कालीन अवधि के लिए ऋण ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि डेयरी, भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण, कृषि भूमि क्रय, अनाज, प्याज गोदाम निर्माण, ग्रीन हाउस, कृषि कार्य हेतु सोलर प्लांट, कृषि योग्य भूमि की तारबंदी, बाउण्ड्रीवाल, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट, भेड़, बकरी, सुअर, मुर्गी पालन, उद्यानीकरण, ऊंट, बैल गाड़ी जैसी कृषि आदि के बाबत लिए गए दीर्घ कालीन ऋण भी इस योजना के दायरे में शामिल रहेंगे। बैंक सचिव जयपाल गोदारा ने बताया कि योजना के तहत किसानों को इससे लाभान्वित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

नागौर. राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) देने के लिए दूसरे जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों की यहां अतिथियों की तरह आवभगत करने की तैयारी चल रही है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। राज्य सरकार ने एक ओर जहां परीक्षार्थियों को रोडवेज एवं निजी बसों में नि:शुल्क यात्रा की घोषणा की है, वहीं परीक्षा वाले शहरों में आने के बाद उन्हें परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने, ठहरने व खाने-पीने के लिए भटकना नहीं पड़े, इसको लेकर भी जिला प्रशासन एवं सामाजिक संगठनों ने न केवल व्यवस्था की है, बल्कि इसके बदले परीक्षार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।

जिला मुख्यालय पर विभिन्न समाजों ने अपने-अपने छात्रावासों, धर्मशालाओं एवं समाज भवनों में परीक्षार्थियों के रहने व खाने की व्यवस्था की है तो नगर परिषद की ओर से परीक्षार्थियों को इंदिरा रसोई का भोजन नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं कुछ समाजसेवी परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र के बाहर ही भोजन एवं अल्पाहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था में जुट गए हैं।

सीसी टीवी कैमरों से होगी निगरानी
26 सितम्बर को जिले के 85 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होने वाली रीट के सफलतापूर्वक आयोजन को लेकर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में सभी प्रकार की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एडीएम मोहनलाल खटनावलिया ने बताया कि रीट के आयोजन को लेकर जिला कलक्टर के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर की तैयारियों को पूर्ण कर लिया है। खटनावलिया ने बताया कि परीक्षा को लेकर नागौर जिले में 85 केन्द्र बनाए गए हैं, इनमें से 25 सरकारी शिक्षण संस्थानों तथा 60 निजी शिक्षण संस्थानों के भवनों में बनाए गए हैं। एडीएम ने बताया कि परीक्षा केन्द्रों पर पूर्ण सुरक्षा इंतजाम रहेंगे। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी से भी निगरानी रहेगी। परीक्षा के दौरान जिला मुख्यालय सहित संबंधित उपखण्ड मुख्यालय के उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार भी मॉनिटरिंग करते हुए पूर्ण निगरानी रखेंगे।

हैल्प डेस्क देगी परीक्षा केन्द्र की जानकारी
नागौर सहित डीडवाना, कुचामन तथा लाडनूं में निर्धारित किए गए केन्द्रों की जानकारी अभ्यर्थियों को देने के लिए सभी शहरों में रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड व निर्धारित किए गए अस्थाई बस स्टैण्डों पर हैल्प डेस्क बनाई गई हैं, जो 25 सितम्बर की दोपहर से ही यहां पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र के बारे में जानकारी देगी। इन हैल्प डेस्क पर शिक्षा, राजस्व विभाग तथा पुलिस तथा स्थानीय निकाय विभाग के कार्मिक तैनात रहेंगे। हैल्प डेस्क पर प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। प्रत्येक हैल्प शहर पर संबंधित शहर में निर्धारित किए गए रीट परीक्षा केन्द्रों का रोडमेप भी उपलब्ध रहेगा।

पुलिस का जाब्ता रहेगा तैनात
नागौर एएसपी राजेश मीणा ने बताया कि एसपी अभिजीतसिंह के निर्देशानुसार रीट परीक्षा को लेकर नागौर जिला मुख्यालय सहित डीडवाना, लाडनूं तथा कुचामन में निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा जाप्ता तैनात रहेगा। इसके अतिरिक्त परीक्षा से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि पुलिस सुरक्षा के बीच रहेगी, ताकि किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो। रीट का आयोजन शांतिपूर्वक व सफलतम तरीके से हो, इसके लिए 1100 पुलिस के जवान, 2 आरएसी की बटालियन, हाडी रानी बटालियन की एक प्लाटून तथा 300 होमगार्ड भी तैनात किए जाएंगे। इनके अलावा परीक्षा केन्द्रों से संबंधित शहर के पुलिस उपाधीक्षक, थानाधिकारी व फ्लाइंग स्क्वायड पूरी तरह निगरानी रखेंगे। परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश करते समय महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए अलग से व्यवस्था की गई है, जहां महिला पुलिस स्टॉफ ही तैनात रहेगा।

पहले सत्र में होगी रीट लेवल-2 की परीक्षा
रीट के आयोजन को लेकर नागौर के कॉर्डिनेटर डॉ. रणजीत पूनिया ने बताया कि परीक्षा का आयोजन दो सत्रों में होगा। पहले सत्र में लेवल-2 की परीक्षा होगी, जिसका समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक रखा गया है। वहीं दूसरे सत्र में दोपहर ढाई बजे से शाम पांच बजे लेवल-प्रथम की परीक्षा होगी। पूनिया ने बताया कि लेवल प्रथम की परीक्षा में 30 हजार 405 तथा लेवल द्वितीय में 30 हजार 406 अभ्यर्थी भाग लेंगे। परीक्षा केन्द्र का केन्द्राधीक्षक संबंधित शिक्षण संस्थान का संस्था प्रधान रहेगा। निजी शिक्षण संस्थान पर स्थापित किए गए केन्द्र पर एक अतिरिक्त केन्द्राधीक्षक नियुक्त किया गया है, जो सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल रैंक का अधिकारी है।

24 अभ्यर्थियों पर दो वीक्षक, 4 कक्षों पर एक सुपरवाइजर
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा को लेकर केन्द्राधीक्षकों से लेकर वीक्षकों तक की सूची तैयार की जा चुकी है। जिला स्तर से इसकी पूरी मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सुरेन्द्रसिंह शेखावत व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश सोनी तथा उपखण्ड स्तर पर संबंधित ब्लॉक के सीबीईओ कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में 24 अभ्यर्थियों पर दो वीक्षक तथा चार कक्षों पर एक सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है। वहीं परीक्षा केन्द्र में 500 अथ्यर्थियों पर एक दो सदस्यीय फ्लाइंग दल निगरानी रखेगा। ऐसे केन्द्र जहां 500 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे, वहां पर अगले 250 अभ्यर्थियों पर फ्लाइंग दल का सदस्य और नियुक्त रहेगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर एक फिल्ड सुपरवाइजर की सुविधा रहेगी।

अभ्यर्थियों के लिए रहेगी परिवहन व्यवस्था
नागौर जिले में रीट-2021 में भाग लेने के लिए अन्य जिलों से आने एवं जाने वाले परीक्षार्थियों की खातिर सुरक्षित, सुलभ एवं सहज परिवहन व्यवस्था के संबंध में स्थायी बस स्टैण्ड के अलावा जिला मुख्यालय पर दो अस्थायी बस स्टैण्ड तथा डीडवाना, कुचामन व लाडनूं कस्बे में चार अस्थाई बस स्टैण्ड की व्यवस्था की गई है। जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि 25 सितम्बर को जिले से बाहर जाने वाले परीक्षार्थियों के लिए अस्थायी बस स्टैण्ड माडी बाई महिला कॉलेज ग्राउण्ड, नागौर से निजी बसों का संचालन होगा तथा रोडवेज नागौर की बसें यथास्थान केन्द्रीय बस स्टैण्ड, नागौर से संचालित होंगी। 26 सितम्बर को परीक्षा के बाद वापस जाने वाले परीक्षार्थियों के लिए निजी बसों का माडी बाई कॉलेज ग्राउण्ड तथा निगम की बसों का राजकीय स्टेडियम, नागौर से संचालन होगा। नागौर जिले के परीक्षार्थियों के लिए जिले में ही आने के लिए स्वीकृत निजी मार्गों पर संचालित बसों के अतिरिक्त प्रत्येक उपखण्ड मुख्यालय पर दो-दो निजी बसें रिजर्व के रूप में व्यवस्था की गई है। परीक्षा केन्द्रों से बस स्टैण्ड तक जाने के लिए प्रत्येक केन्द्र पर 7 ऑटो रिक्शाओं की व्यवस्था रहेगी। समन्वय के लिए जिला परिवहन कार्यालय, नागौर में कन्ट्रोल रूप (8890323550) स्थापित किया गया है तथा उडऩदस्ते भी तैनात किये गए हैं, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि रीट के आयोजन को लेकर अभ्यर्थियों के परिवहन के लिए जिले में 262 निजी बसों को अधिग्रहित किया गया है। इसके साथ-साथ रोडवेज की 120 बसें रीट अभ्यर्थियों के परिवहन में काम आएगी। इन बसों पर रीट परीक्षा का लेबल रहेगा तथा अभ्यर्थी अपना परीक्षा प्रवेश पत्र दिखाकर नि:शुल्क यात्रा कर सकेंगे। वहीं जिले में नियमित तौर पर संचालित होने वाली बसें अपने सुचारू रूट पर चलेंगी।

प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर दो चिकित्साकर्मी नियुक्त रहेंगे
परीक्षा को लेकर निर्धारित किए गए प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर कोरोना से बचाव व रोकथाम संबंधी गाइडलाइन की पूर्ण पालना की जाएगी। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवराज राव ने बताया कि जिला कलक्टर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार रीट परीक्षा को लेकर निर्धारित परीक्षा केन्द्र पर दो चिकित्सा कार्मिक मय थर्मल गन, मास्क व सेनेटाइजर तथा आवश्यक दवाइयों के साथ नियुक्त रहेंगे। इसके अतिरिक्त परीक्षा आयोजन से जुड़े उपखण्ड मुख्यालयों में से प्रत्येक पर दो-दो 108 एम्बुलेंस आपातकालीन सेवाओं के लिए मय पैरामेडिकल स्टॉफ तैनात रहेंगी। 108 एम्बुलेंस संबंधित उपखण्ड मुख्यालय पर 25 सितम्बर की रात्रि से 27 सितम्बर की सुबह तक तैनात रहेंगी।

इंदिरा रसोई पर नि:शुल्क मिलेगा पैक्ड फूड
परीक्षा देने के लिए नागौर सहित कुचामन, लाडनूं व डीडवाना में आ रहे अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार इंदिरा रसोई पर नि:शुल्क पैक्ड फूड की व्यवस्था की गई है। नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी ने बताया कि जिला मुख्यालय पर रीट अभ्यर्थियों के लिए नकास दरवाजा, गांधी चौक तथा निजी बस स्टैण्ड पर संचालित इंदिरा रसोई के अतिरिक्त रतन बहन स्कूल, वाटर वक्र्स चौराहा तथा विजय वल्लभ चौराहा पर एक्सटेंशन ब्रांच पर भी निशुल्क पैक्ड फूड की सुविधा रहेगी। इसके अतिरिक्त कुचामन, डीडवाना तथा लाडनूं कस्बे में भी संचालित इंदिरा रसोई पर रीट अभ्यर्थियों के लिए पैक्ड फूड की सुविधा रहेगी। आयुक्त चौधरी ने बताया कि कुचामन कस्बे में बस स्टैण्ड पर संचालित इंदिरा रसोई के अतिरिक्त नेहरू पार्क, कनोई पार्क तथा नगर पालिका के पास इसकी एक्सटेंशन ब्रांच भी खोली जाएगी। नागौर सहित डीडवाना, लाडनूं व कुचामन सिटी में इंदिरा रसोई तथा रीट परीक्षा में अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 25 सितम्बर से स्थापित की जाने वाली इसकी अस्थाई एक्सटेंशन ब्रांचों पर निशुल्क पैक्ड फूड की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
डीडवाना नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी प्रियंका बुडानिया ने बताया कि शहर में नेहरू पार्क के पास स्थापित इंदिरा रसोई के अतिरिक्त राजकीय अस्पताल के पास इसकी एक्सटेंशन ब्रांच भी खोली जाएगी, जहां रीट के अभ्यर्थियों को नि:शुल्क पैक्ड फूड की सुविधा मिलेगी। इसी प्रकार लाडनूं में भी संचालित इंदिरा रसोई के अतिरिक्त दो जगह इसकी स्थाई एक्सटेंशन बं्राच 25 सितम्बर को स्थापित कर दी जाएगी, जहां रीट परीक्षा के अभ्यर्थियों को नि:शुल्क पैक्ड फूड मुहैया करवाया जाएगा।

अस्पताल संचालक देंगे रीट परीक्षार्थियों को अल्पाहार
नागौर शहर के 41 परीक्षा केन्द्रों पर महादेव अस्पताल व जिला प्रशासन नागौर के सहयोग से रीट की पहली पारी के बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा सेंटर पर ही अस्पताल संचालक डॉ. हापुराम चौधरी द्वारा अल्पाहार की व्यवस्था की जाएगी। जिसमें फलाहार के साथ बिस्किट पैकेट का वितरण किया जाएगा, जिससे परीक्षार्थियों को भोजन के लिए अपना कीमती समय खराब ना करना पड़े।

नागौर. सिंघियों की पोल निवासी पुखराज कोठारी ने 21 दिन का उपवास किया। इसका पारणा 25 सितंबर को होगा। लगातार 21 दिनों तक कठिन तप करने वाले पुखराज कोठारी इतने दिनों तक दिन में महज एक या दो बार केवल गर्म पानी का घूंट ले लेते थे। 21 दिन का उपवास शुक्रवार को पूरा हुआ। यह उपवास महासती नानुकंवर की शिष्या महासती पुष्पावती, सुलभाश्रीजी, निर्मलाश्रीजी एवं साधनाश्रीजी की प्रेरणा व निर्देशन में पूरा किया गया। 76 वर्ष की उम्र में इस कठिन तप को धारण करने वाले पुखराज कोठारी इसके पूर्व भी कई बार ऐसे ही कठिन-दुष्कर व असाध्यों की श्रेणी में माने-जाने वाले उपवासों को धारण कर चुके हैं। इनमें कोठारी 51, 31, 27, 25, 22, 21, 17, 15, 12, 19, 9 व आठ दिनों के उपवास को कर चुके हैं। इनमें 31 दिनों वाले उपवास को दो बार एवं आठ दिनों के उपवास को छह बार कर चुके हैं। इस वय में भूख, प्यास को सहन करने के साथ ही अपनी इन्द्रियों को दमन करते हुए सफलतापूर्वक उपवास करने वाले पुखराज कोठारी बताते हैं कि हर बार उपवास से उनको एक नई ऊर्जा एवं शक्ति का एहसास होता है। यह जीवन भोग के लिए नहीं, बल्कि तपस्या के लिए मिलता है। इस संदेश को समझने एवं आत्मसात करने वाले बिरले ही होते हैं। पुखराज कोठारी इनमें से एक हैं। जिन्होंने तपमार्ग का चयन करने के साथ ही पूरी निष्ठा से कठिन उपवास को धारण किया। कोठारी लगातार 11 साल तक आयम्बिल तप भी कर चुके हैं। यह साधना या उपवास महज एक चने का दाना सेवन कर किया जाता है। चंडकला तप एक माह तक एवं प्रतिदिन सामयिक तीन बार करने वाले कोठारी अ_म तप को कई बार कर चुके हैं। तप व उपवास की साधना से परिपूर्ण तेजोमय हुए पुखराज कोठारी कहते हैं कि युवा पीढ़ी को अन्य कार्यों के साथ ही धर्म साधना के मार्ग पर भी चलना चाहिए, तभी देश एवं समाज का परिपूर्ण विकास हो सकेगा। पुखराज कोठारी के भेईसा भास्कर खजांची बताते हैं कि पुखराज का शुरू से अध्यात्म के प्रति आकर्षण रहा। यह समाज की ओर से होने वाले कार्यक्रमों में बाल्यकाल से ही बढ़-चढकऱ सहभागिता करते रहे। अब बड़े हुए तो फिर यह घरेलू कार्यों के साथ ही अध्यात्मिक कार्यों को भी काफी समय देने लगे। सामाजिक कार्यों के साथ ही अध्यात्मिक साधना के पथ पर कब खुद चलने लगे इसका पता ही नहीं चला। अब तो पुखराज कोठारी तप व साधनाओं को करते हुए खुद ही उपवासमय होने के साथ यह अध्यात्मिक उपवास के रंग में पूरी तरह से रंग चुके हैं। पुखराज कोठारी कहते हैं कि महावीर के अपरिग्रह सिद्धांत को अपनाते हुए जीवन में उपवास किया जाता है। इसमें भगवान महावीर के सिद्धांतों की पालना की जाती है। इस पालना केा आत्मसात करने वाले तप की दिव्यता में निखरने के साथ ही समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में सामने आते हैं।
फोटो नंबर 11-नागौर. पुखराज कोठारी

नागौर. प्रशासन-शहरों के संग की तैयारियों पर नागौर नगरपरिषद में बुधवार को हुई बैठक पूर्व में पट्टों से संबंधित नियमन खांचा भूमि स्टेट ग्रॉक्ट एक्ट की फाइलों के गायब हुए प्रकरण के भेंट चढ़ गई। इसको लेकर नगरपरिषद प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगा। काफी देर तक इसी को लेकर गर्मागरम स्थिति बनी रही। इस दौरान आयुक्त की ओर शिविर के संदर्भ में तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सुझाव भी मांगे गए, सभापति मितू बोथरा के सामने उनके पार्षद पति नव रतन बोथरा सुझाव की जगह कहा गया कि पट्टों की फाइल बनवाने में आमजन के हजारों रुपए लग जाते हैं, लेकिन प्रकरणों के लंबित होने की स्थिति में इस पर पानी फिर जाता है। करीब 400 से अधिक फाइलें वर्तमान में नगर परिषद से गायब है उच्च स्तरीय जांच चल रही है लेकिन फाइलों के बारे में आयुक्त अपनी रिपोर्ट आगे भेज नहीं कर रहे हैं इस पर उपखण्ड अधिकारी सुनील पवार की ओर से इस संबंध में यथोचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया गया।
उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में करीब साढ़े 11 बजे नगरपरिषद के सभागार में बैठक शुरू हुई। आयुक्त श्रवणराम चौधरी ने प्रशासनिक-शहरों के संग तैयारियों के संदर्भ में पूरी पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला, और सुझाव मांगे गए। आयुक्त चौधरी ने कहा कि इस संबंध में सरकार की ओर से गाइडलाइन भी जल्द आ जाएगी। इसके पश्चात सरकारी मंशानुसार लोगों के पट्टे आदि से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। विशेषकर कृषि भूमि पर बसी आवासीय बस्तियों के नियमन का कार्य प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द निस्तारित कर दिया जाएगा। इस दौरान पार्षद नवनरत्न बोथरा ने पूर्व में पट्टों से संबंधित फाइलों को लेकर गायब होने का प्रकरण उठाया। बोथरा ने कहा कि पहले से पट्टों से संबंधित प्रकरणों के लंबित होने के साथ ही कई फाइलें भी गायब हैं। इसको लेकर परिषद प्रशासन में सक्रियता के अभाव के चलते कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया। पार्षद ओम ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा कि परिषद की ओर से पात्र लोगों के कार्य ही नहीं किए जाते हैं। परिषद में केवल रसूखदारों के काम होते हैं। इस पर उपखण्ड अधिकारी सुनील पंवार के साथ ही आयुक्त चौधरी ने यथोचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। पार्षदों से कहा गया कि वह आवासीय बस्तियों में लोगों को पट्टे आधिकाधिक लिए जाने के लिए प्रेरित करें, ताकी लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। आयुक्त चौधरी ने आश्वस्त किया कि कानूनी प्रावधानों के अनुसार पात्र लोगों के कार्यों का निस्तारण करने में कोइ्र्र विलंब नहीं किया जाएगा। सभापति मीतू बोथरा ने भी कहा कि जनहित के कार्यों में विलंब नहीं होना चाहिए। शिविर के दौरान इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। पार्षद ओम प्रकाश ने भी नगरपरिषद प्रशासन से कहा कि आमजन के कार्यों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। आयुक्त श्रवणराम चौधरी ने बताया कि अभियान के सफल बनाने के लिए परिषद की ओर से नागौर शहर के 60 वार्डों के लिए वार्ड प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। प्रयास रहेगा कि शिविर शुरू होने के दौरान लोगों का कोई भी कार्य लंबित न रहे। विशेषकर पट्टों से जुड़े कार्यों में विलंब बिलकुल नहीं होने देने की परिषद हरसंभव कोशिश करेगा।


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