>>: mahngai rahat camp के बीच लोगों को लगा बड़ा झटका, भाजपा बोली ये है सच

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जयपुर। इधर प्रदेश भर में 24 अप्रेल से महंगाई राहत कैंप आयोजित किए जा रहे हैं और खुद सीएम अशोक गहलोत इनका जायजा ले रहे हैं। इन कैंपों में रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को 10 योजनाओं के लाभ की गारंटी मिल रही है। उधर भाजपा ने इनको महंगाई आहत कैम्प बता डाला है। ट्विटर पर भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर ने ट्वीट किया, महंगाई आहत कैम्प। राजस्थान में बिजली 45 पैसे प्रति यूनिट महंगी। राजस्थान में किस तरह महंगाई कम कर रहे हैं देखिए- 1 रुपये की वस्तु के दाम 2 रुपये कर दो फिर उस पर 50 पैसे की छूट बोल दो । मिल गई महंगाई से राहत....वाह अशोक गहलोत जी कहां से ली ये अर्थशास्त्र की डिग्री ?


दरअसल प्रदेश में एक बार फिर से बिजली की दरें बढ़ गई हैं। इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन टैरिफ विनियम-2019 के प्रावधान के अनुसार बिजली खरीद की अपलोड वेरिएबल कॉस्ट और बिजली खरीद की वास्तविक वेरिएबल कॉस्ट का अंतर फ्यूल सरचार्ज के रूप में त्रैमासिक आधार पर बिजली निगमों की ओर से उपभोक्ताओं से वसूल करने का प्रावधान है।

अब बिजली उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। फ्यूल सरचार्ज का पैसा तीन महीने तक बिल में जुड़कर आएगा। राजस्थान डिस्कॉम्स के तहत आने वाली तीनों बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL), अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JDVVNL) प्रति यूनिट 45 पैसे की वसूली बिजली उपभोक्ताओं से बिलों में यह अतिरिक्त राशि जोड़कर करेंगे। केवल सरकार की ओर से निर्धारित 50 यूनिट प्रतिमाह फ्री बिजली का उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ता और कृषि उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज राशि का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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