>>: 'रिपिया तो वापस दराओ सरकार...', सांसद बेनीवाल को सौंपा ज्ञापन

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हनुमानगढ़. संगरिया क्षेत्र के गांव रतनपुरा सोसायटी में करोड़ों रुपए के गबन/दुरुपयोग मामले में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल को ग्रामीणों ने रविवार सुबह ज्ञापन सौंपा। एक कार्यक्रम में भटिंडा जाते वक्त वे रतनपुरा कैंचिया पर ग्रामीणों के निवेदन पर दोपहर करीब दो बजे रुके। ग्रामवासियों ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। रतनपुरा सोसाइटी मामले में हुए 21 करोड़ के घोटाले से बेनीवाल को अवगत करवाते हुए लिखित में ज्ञापन भी सौंपा।

उन्होंने बताया कि पूर्व व्यवस्थापक रमेश सहारण व साथ शामिल निलंबित व्यवस्थापक भूपसिंह छिंपा, सहकर्मी चंदनसिंह आदि ने मिलीभगत कर गरीब, मजदूर व किसान वर्ग का पैसा हड़प लिया। पीडि़त पिछले छह माह से रतनपुरा ग्राम सेवा सहकारी समिति मिनी बैंक में धरना पर बैठे हैं। सहकारिता विभाग की जांच आने के बाद भी ना तो कुर्कशुदा चल-अचल सम्पत्तियों की अभी तक नीलामी कर वसूली हुई ना पैसा वापिस मिल रहा है। जिसके बाबत हर स्थानीय नेता व मुख्यमंत्री तक वे लोग ज्ञापन देकर गुहार लगा चुके हैं। लेकिन सरकार के मुखिया या किसी नुमांइदे ने इन पीडि़तों के दुख को नहीं बांटा। जिससे लोगों में रोष व्याप्त है। पूरा गांव गबन रकम के कारण प्राय: उजड़ चुका है।

इस पर हनुमान बेनीवाल ने सरकार तक उनकी बात पुरजोर तरीके से रखकर समस्या का शीघ्र निराकरण करवाने, अमानतदारों की रकम वापसी समेत घोटाले में शामिल दोषियों के खिलाफ जरुरी कार्रवाई सुनिश्चितत करने, संसद में आवाज बुलंद करने व पूरी तरह से मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान संघर्ष समिति सदस्य व ग्रामीण नरेश गोदारा, रुपेंद्र मान, महेंद्र भादू, जयसिंह बेनीवाल, महावीर प्रसाद, हरिकृष्ण राहड़, मुकेश गोदारा, अजय सागवान, रमेश स्याग, करणी बेनीवाल, संदीप कुमार, प्रेमकुमार, ओम नायक, मोहन राहड़, भीम गोदारा, राजपाल, सुभाष सैन, प्रेम भादू, सुभाष सुथार, मालारामपुरा सरपंच प्रतिनिधि सहदेव करीर, पार्षद विजयपाल आदि मौजूद रहे।

एमडी की लापरवाही से बढ़े घोटाले, कार्रवाई की उठाई है मांग
राजस्थान व्यवस्थापक व सोसायटी यूनियन प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों में मिनी बैंक तो खुलवा दिए। लेकिन गबन हो गया। पैसे अमानतदारों को कौन देगा? इस लापरवाही का दोषी कोन है? गरीब लोग बेवजह ***** गए हैं। उनके पैसे केसे मिलेंगे इस पर गहराई से मंथन करने की आवश्यकता है। शर्मा ने आरोप लगाया कि समिति ऑडिट व निरीक्षण में लापरवाही बरती जाती हैं तभी जिले की समितियों में गबन हो रहे हैं। एमडी की लापरवाही के कारण गबन/घोटाले बढ़े हैं। मोनिटरिंग ढंग से नहीं हुई। उन्होंने सहकारी समितियां रजिस्ट्रार जयपुर सहित मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री को पूरा प्रकरण लिखकर कार्रवाई कर अति शीघ्र लोगों को उनका पैसा वापिस दिलवाने की मांग की है।

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