>>: अब हर तहसील पर कमेटी करेगी फसल बीमा योजना की माॅनिटरिंग

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

नागौर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसल खराबे के बावजूद किसानों को उचित क्लेम देने की बजाए फर्जीवाड़ा करके धन एकत्र करने में जुटी बीमा कम्पनी पर अब लगाम कसेगी। फसल बीमा योजना का प्रसार-प्रचार करने के साथ किसानों की शिकायतों का निवारण करने एवं फसल खराबे से जुड़े प्रकरणों की निगरानी करने के लिए अब जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने तहसील स्तर पर कमेटी का गठन किया है। हालांकि फसल बीमा योजना खरीफ-2022 की अधिसूचना के तहत तहसील स्तरीय कमेटियों का गठन करीब एक साल पहले ही किया जाना था, लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जब कम्पनी की ओर से की गई गड़बडि़यों को राजस्थान पत्रिका ने सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित कर उजागर किया तो जिला कलक्टर ने पूरे मामले को गंभीरता से लेकर न केवल कृषि विभाग से पूरी रिपोर्ट मांगी है, बल्कि बीमा प्रकरणों की तहसील स्तर पर निगरानी के लिए कमेटी भी गठित करने के आदेश दिए हैं।

क्या है आदेश में

जिला कलक्टर की ओर से जारी आदेशानुसार जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए उचित प्रचार-प्रसार तथा जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन एवं फसल बीमा सम्बन्धित शिकायतों का निराकरण करने तथा योजना से सम्बन्धित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी करने के लिए जिला कलक्टर ने तहसील स्तरीय कमेटी का गठन किया है। कलक्टर समारिया के आदेशानुसार फसल बीमा योजना की तहसील में निगरानी के लिए खरीफ-2022 में जारी अधिसूचना के अनुसार तहसील स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। समिति में उपखंड अधिकारी/तहसीलदार को अध्यक्ष तथा वाणिज्यिक/ग्रामीण बैंक के व्यवस्थापक, ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी, सहायक कृषि अकिधारी, बीमा कम्पनी प्रतिनिधि, सीसीबी तहसील स्तर व्यवस्थापक, कृषि पर्यवेक्षक एवं कृषक प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा। इस कमेटी की हर महीने एक बैठक आयोजित की जाएगी।

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.