नागौर. नगरपरिषद में कार्यवाहक सभापति को घर से आफिस लाने के लिए चालक नहीं मिला तो इसको लेकर कार्यवाहक सभापति व आयुक्त के बीच गर्मागरम बहस हो गई। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि वहां पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। यह स्थिति करीब पौन घंटे तक बनी रही। दोनों के बीच हुई गर्मागरम बहस नगरपरिषद में चर्चाओं का केन्द्र बनी रही।
मिली जानकारी के अनुसार दोपहर में कार्यवाहक सभापति ने दोपहर में नगरपरिषद के चालक को उसके मोबाइल पर कॉल कर उसे गाड़ी लेकर घर आने के लिए कहा, लेकिन चालक घर नहीं गया। इस पर कार्यवाहक सभापति के पति प्रणय गहलोत ने चालक से इस बारे में जानकारी मांगी तो बताया कि आयुक्त देवीलाल बोचल्या ने उसको मना कर दिया। इसको लेकर कार्यवाहक सभापति के खेमे के पार्षदों में असंतोष व्याप्त हो गया। इस दौरान आयुक्त देवीलाल बोचल्या अपने चेंबर से बाहर निकले तो बाहर खड़े प्रणय गहलोत ने उनसे ड्राइवर नहीं भेजने का कारण पूछा तो इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। प्रणय गहलोत का कहना था कि ड्राइवर नहीं भेजने के कारण कार्यवाहक सभापति पायल गहलोत को बाइक पर किसी के साथ नगरपरिषद आना पड़ा। आयुक्त बोचल्या ने बताया कि उनको खुद कहीं जाना था। ऐसे में प्रशासनिक कार्य में दिक्कत हो जाती। इसको लेकर दोनों के बीच हो रही कहासुनी गर्मागरम बहस में बदल गई। दोनों के बीच हो रही बहस को सुनने के लिए परिषद में आए लोग एकत्रित हो गए। भीड़ बढ़ती देखकर आयुक्त बोचल्या व कार्यवाहक सभापति के पति प्रणय गहलोत दोनो ही नगरपरिषद से बाहर निकले, फिर वापस अपने-अपने चेंबर में चले गए।
इनका कहना है...
मुझे गाड़ी से खुद ही प्रशासनिक कारणों से जाना था। ऐसे में ड्राइवर चला जाता तो फिर प्रशासनिक प्रक्रिया में दिक्कत हो जाती। मैंने ड्राइवर को बोला कि वह रुक जाए, क्यों कि उनको खुद ही जाना है।
देवीलाल बोचल्या, आयुक्त, नगरपरिषद नागौर
कार्यवाहक सभापति को लाने के लिए जो ड्राइवर आता था। उसको फोन किया तो आया नहीं। बाद में उससे पूछा गया तो बताया कि आयुक्त ने मना कर दिया। इसी को लेकर आपस बातचीत हो रही थी, और कुछ नहीं।
पायल गहलोत, कार्यवाहक सभापति
नागौर. आयुक्त देवीलाल बोचल्या व कार्यवाहक सभापति के पति प्रणय गहलोत के बीच चालक को लेकर होती बहस