पोकरण. भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार माने जाने वाले लोकदेवता बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ महाराज के पोकरण में स्थित आश्रम में इन दिनों दर्शनों के लिए प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंच रहे है, लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। साथ ही अभी तक प्रशासन व पुलिस की ओर से यहां कोई व्यवस्थाएं नहीं की गई है। गौरतलब है कि कस्बे में स्थित बालीनाथ महाराज के आश्रम के दर्शनों के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है। रामदेवरा आने वाले श्रद्धालु बालीनाथ महाराज के आश्रम के दर्शन अवश्य करते है। जिसके चलते ***** मेले के दौरान यहां श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती है। द्वितीय श्रावण माह में यहां प्रतिदिन उमड़ रहे श्रद्धालुओं के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। छाया पानी के अभाव में श्रद्धालुओं को गर्मी के मौसम में परेशानी हो रही है। साथ ही अन्य अव्यवस्थाओं की दशा में उनका बेहाल हो रहा है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है।
गुरु के आश्रम का धार्मिक महत्व
बालीनाथ महाराज लोकदेवता बाबा रामदेव के गुरु थे। जिनका आश्रम पोकरण कस्बे में रामदेवसर व सालमसागर तालाब के पास स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी आश्रम में बाबा रामदेव की भैरव राक्षस से भेंट हुई थी और बाबा रामदेव ने कस्बे से पांच किमी दूर स्थित पहाड़ी पर एक गुफा में भैरव राक्षस को बंद कर गुफा को बड़ी शिला से बंद कर दिया। ऐसे में गुरु बालीनाथ महाराज का आश्रम बाबा के इतिहास से जुड़ा होने के कारण श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केन्द्र है। रामदेवरा आने वाले अधिकांश श्रद्धालु पोकरण आकर बालीनाथ आश्रम में स्थित उनके आश्रम के दर्शन करने के बाद ही अपनी यात्रा को पूर्ण समझते है।
अव्यवस्थाओं से परेशान हो रहे श्रद्धालु
आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूर्व में पुजारियों की ओर से छाया, पानी सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाती थी। गत कुछ वर्षों से पुजारियों के बीच विवाद होने के कारण उपखंड मजिस्ट्रेट की ओर से आश्रम को कुर्क कर दिया गया था। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कुर्की के बाद आश्रम का रिसीवर तहसीलदार को नियुक्त किया गया था। जिसके चलते बीते कुछ वर्षों से व्यवस्थाएं प्रशासन की ओर से ही की जा रही है। इस वर्ष अभी तक यहां सुविधाओं के नाम पर भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। ***** मेले से पूर्व ही श्रद्धालु यहां पहुंच रहे है। गर्मी के मौसम के बावजूद यहां छाया, पानी, रोशनी, हवा, आश्रम के बाहर सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं को तेज धूप में खड़े रहना पड़ता है। इसके अलावा यहां पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं का बेहाल हो रहा है। इसके अलावा मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद यहां रोशनी व हवा की कोई व्यवस्था नहीं है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नहीं हो रही सफाई, कीचड़ से परेशानी
आश्रम के आसपास सफाई को लेकर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण यहां कचरे के ढेर लगे पड़े है। यहां वर्षों पूर्व निर्मित नाली भी जमींदोज हो जाने के कारण कीचड़ पर सड़क पर जमा हो रहा है। इसी प्रकार यहां निर्मित डामर सड़क भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जिसके कारण श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है।