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बेसमेंट बनाने से पहले ये खबर जरूर पढ़ लें, जानिए क्या हैं नियम Saturday 20 January 2024 06:13 AM UTC+00 बिल्डिंग बायलॉज बना है लेकिन इसका पालन शहर में नहीं हो रहा है। जगह-जगह बेसमेंट के लिए खुदाई चल रही हैं। निरीक्षण करने वाले न नगर निगम के पास हैं और न यूआईटी के पास। जानकार बताते हैं कि 10 बेसमेंट में से 4 ही बेसमेंट की अनुमति ली जाती है। बाकी अवैध रूप से बनते हैं और ये खेल चल रहा है। इससे सरकार को राजस्व का ही नुकसान नहीं हो रहा है बल्कि आसपास के लोगों पर भी खतरा मंडरा रहा है। - 500 वर्ग मीटर जमीन पर ही बन सकता है बेसमेंट...यहां हर किसी को अनुमति, कई अवैध बनाए जा रहे - शहर में 3 हजार से ज्यादा कॉमर्शियल बेसमेंट, पार्किंग का हो सकता है संचालन, पर अधिकांश किराये पर दिए गए - आवासीय बेसमेंट भी 700 से ज्यादा, इसमें भी अधिकांश में कॉमर्शियल गतिविधियां संचालित, दर्जनों बेसमेंट के लिए जगह-जगह खुदाई चल रही - नगर निगम व यूआईटी किसी को अनुमति दे देते तो किसी को नहीं, बिना अनुमति के कई जगहों पर बेसमेंट बनाए जा रहे बिल्डिंग बायलॉज बना है लेकिन इसका पालन शहर में नहीं हो रहा है। जगह-जगह बेसमेंट के लिए खुदाई चल रही हैं। निरीक्षण करने वाले न नगर निगम के पास हैं और न यूआईटी के पास। जानकार बताते हैं कि 10 बेसमेंट में से 4 ही बेसमेंट की अनुमति ली जाती है। बाकी अवैध रूप से बनते हैं और ये खेल चल रहा है। इससे सरकार को राजस्व का ही नुकसान नहीं हो रहा है बल्कि आसपास के लोगों पर भी खतरा मंडरा रहा है। इतनी बड़ी घटना...यूआईटी ने जांच तक नहीं की गुरुवार को शहर की जाट कॉलोनी में बेसमेंट की खुदाई करते समय पड़ोसी का मकान जमींदोज हो गया। बड़ा हादसा टल गया। बताते हैं कि न तो बेसमेंट खुदाई की अनुमति ली गई थी और न अन्य मानक पूरे थे। कायदे में यूआईटी की टीम को जाकर जांच करनी चाहिए थी। कार्रवाई होनी थी लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। यानी जो हो रहा है सब ठीक है। जनता की जान सस्ती हो गई। इसका यूआईटी से कोई सरोकार नहीं रहा।
बेसमेंट में केवल पार्किंग चला सकते शहर में बेसमेंट की अनुमति यूआईटी व नगर निगम की ओर से दी जाती है। यूआईटी के पास पटरी पार वाला पूरा हिस्सा आता है। बहरोड़ मार्ग भी यूआईटी के पास है। स्कीम 10 भी यूआईटी के हिस्से में है। इसी तरह बाकी हिस्सा नगर निगम के पास है। शहर में 3 हजार से अधिक कॉमर्शियल भवनों में बेसमेंट चल रही हैं। कायदे में इन बेसमेंट का प्रयोग पार्किंग के लिए किया जा सकता है लेकिन यहां दुकानें बनाकर किराये पर दी गई हैं। आवासीय क्षेत्रों में भी 700 से अधिक बेसमेंट बनी हुई हैं। ये भी कॉमर्शियल प्रयोग में ली जा रही हैं। नियम सब दरकिनार हैं।
बिल्डिंग बायलॉज में इमारतों के लिए 500 वर्ग मीटर की जमीन से कम आकार वाले मकानों में बेसमेंट नहीं बनाए जा सकते। इसके नक्शे पास नहीं हो सकते। बेसमेंट में पार्किंग के अलावा किसी भी तरह की कॉमर्शिलय गतिविधियां नहीं हो सकती हैं। कॉमर्शियल इमारत में जमीन का 25 फीसदी हिस्सा पार्किंग के लिए सुरक्षित रखना अनिवार्य है। नियम ये है कि बिल्डिंग लाइन से 2-2 मीटर जगह छोड़कर ही बेसमेंट बनाया जा सकता है।
- भारत भूषण गोयल, प्रभारी सचिव यूआईटी - मनीष कुमार, आयुक्त, नगर निगम |
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