>>: Rajasthan Politics: राजस्थान में मंत्रियों के टूट रहे मंच

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राजेश दीक्षित

Today Rajasthan Politics: राजस्थान में भले ही कोहरा छाया हुआ है। सर्दी का सितम चरम पर है। लेकिन "सियासत में गर्माहट" जारी ही है। आज श्री गंगानगर जिले में करणपुर सीट पर स्थगित हुए विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। यहां पर कांग्रेस प्रत्याशी गुरुमीत सिंह कुन्नर के निधन के कारण चुनाव स्थगित हो गए थे। अब उनकी जगह उनके बेटे को टिकट दिया गया है। वहींं भाजपा के सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी मैदान में हैं। इधर भाजपा ने इस बार मास्टर स्ट्रोक खेलकर उन्हें मंत्री बना दिया। हालांकि उनके मंत्री बनाने को लेकर कांग्रेस ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया गया है। अब देखना यह है कि इस सीट पर कांग्रेस की सहानुभूति जीतती है या फिर मंत्री बनने की सौगात का फायदा भाजपा को मिलता है।
इधर तीन दिवसीय डीजी-आईजी कॉफ्रेंस के चलते राजधानी सजी हुई है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जयपुर रहेंगे। वे पहली बार भाजपा कार्यालय जाएंगे। वहां भाजपा पदाधिकारियों, नए मंत्रिमण्डल व सभी विधायकों से मुलाकात करेंगे। मोदी के इस तरह भाजपा कार्यालय आने को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हैं। इसे लोकसभा चुनाव से जोडकऱ भी देखा जा रहा है।

भजनलाल सरकार ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया। इसमें अब सीबीआई जांच के लिए अब राज्य सरकार की अनुमति लेने की जरुरत नहीं होगी। पिछली कांग्रेस सरकार ने 19 जुलाई 2020 को इस पर रोक लगा दी थी।

राजस्थान में मंत्री तो बना दिए,लेकिन विभागों का बंटवारा "बीरबल की खिंचड़ी" बना हुआ है। जिस तरह से लगातार विभगा बंटवारे पर देरी हुई हैं और देरी होने की भी संभावना जताई जा रही है। अब तो इस पर कोई चर्चा भी करना बंद हो गया है। कयास लगाने वाले भी थक गए हैं। जब तक विभाग नहीं मिलें तब तक पदभार ही संभाल लें या फिर स्वागत करने में मंत्री जुटे हैं। मंत्री मंजू बाधमार ने गुरुवार को मंत्रालय भवन में कार्यभार ग्रहण कर लिया। यह बात अलग है कि एक दिन पहले ही नए मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर मंत्रालय में आवंटित अपने कक्ष में तो गए,लेकिन कार्यभार ग्रहण नहीं किया। उनसे जब विभागों के बंटवारे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया था कि "विभाग नहीं बंटने से कोई पहाड़ नहीं टूट जाएगा।"

खैर...पहाड़ तो नहीं टूट रहे हैं, लेकिन इधर स्वागत के जोश में मंत्रियों के मंच जरुर टूट रहे हैं। मंत्री हीरालाल नागर अपने क्षेत्र सांगोद पहुंचे। मंत्री के स्वागत के बनाए गए मंच पर जोश-जोश में कई कार्यकर्ता चढ़ गए। फिर क्या था, मंच ही टूट गया। वे चोटिल भी हुए हैं। इधर अलवर में भी ऐसी ही घटना हुई है। मंत्री संजय शर्मा का जब स्वागत चल रहा था। स्वागत के बाद वे जाने लगे तो सीढिय़ों से उतरे तो सीढियां ही टूट गई।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी दुबारा यात्रा पर निकलने वाले हैं। आखिर लोकसभा चुनाव निकट ही हैं। ये यात्रा राजस्थान के धौलपुर से भी गुजरेगी। इसकी तैयारियां कांग्रेस ने शुरू कर दी हैं। लगातार दो बार से सभी सीटें जीतने वाली भाजपा को कितना झटका देगी यह यात्रा यह तो मई में ही चुनाव परिणाम के बाद मालूम चलेगा। लेकिन यात्रा से राजस्थान में कांग्रेस को संजीवनी जरुर मिलेगी।

इधर राठौड़ वर्सेज डोटासरा के बीच वाकयुद्ध जारी है। पिछले दिनों कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने भाजपा पर "पर्ची की सरकार" बताकर हमला बोला था। इस पर पूर्व प्रतिपक्ष नेता राजेन्द्र राठौड़ ने जवाबी हमला बोलते हुए कहा कि डोटासरा "खिसियानी बिल्ली खंभा नोंचे" जैसी बातें कर रहे हैं। आखिर उनके ही कार्यकाल में पेपर लीक जैसे मामले हुए। हमारी "पर्ची की सरकार नहीं सच्ची सरकार है।"

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