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बगैर मान्यता के चल रहा स्कूल, टी.सी. मांगने पर खुला राज Sunday 14 April 2024 08:26 PM UTC+00 अजमेर. शहर में दो निजी विद्यालयों के बिना मान्यता संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। पिता ने जब अपने दो बच्चों की पढ़ाई के स्तर को लेकर स्कूल प्रबंधन को शिकायत कर ऑनलाइन टीसी मांगी तो दोनों स्कूल का फर्जीवाड़ा सामने आ गया। सदर कोतवाली थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार हाथीभाटा राजेन्द्रपुरा निवासी चमन चीता ने के. एस. सोसायटी की एप्पल प्ले स्कूल डायरेक्टर हाल वैशालीनगर एलआईसी कॉलोनी निवासी चेतन यादव, हाथीभाटा में बनाना वैली स्कूल प्रिंसिपल हाल प्रभात सिनेमा रोड बापूनगर निवासी शालिनी खन्ना, वैशालीनगर एप्पल प्ले स्कूल की तत्कालीन प्रिंसिपल अंजू थडानी, वर्तमान प्रिंसिपल कुमारी भावना व अन्य स्टाफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। ...अभी दाखिला करवा लो पीडि़त चमन ने बताया कि वह बच्चों का दाखिला करवाने के लिए वैशालीनगर में एप्पल स्कूल गया। के. एस. एजुकेशन सोसायटी के डायरेक्टर चेतन यादव, प्रिंसिपल ने उसे सोसायटी की हाथीभाटा में संचालित बनाना वैली स्कूल में एडमिशन कराने के लिए कहा। वह बनाना वैली स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी खन्ना से मिला तो उन्होंने शिक्षा व अन्य गतिविधि की तारीफ की। उसने स्कूल की मान्यता संबंधित दस्तावेज मांगे तो एडमिशन करवाने पर रसीद के साथ मान्यता के दस्तावेज देने का आश्वासन देने पर दोनों बच्चों का एडमिशन करवा दिया। मोटी फीस वसूली स्कूल प्रबंधन द्वारा 20 हजार रुपए प्रति छात्र एडमिशन फीस देकर दोनों बच्चों का दाखिला करवा दिया।डायरेक्टर चेतन यादव व दोनों स्कूल की प्रिंसिपल ने भारी एडमिशन व हर माह की फीस लेकर बिना किसी मान्यता के उसके बच्चों का दाखिला कर लिया। उसे कभी भी स्कूल की मान्यता नहीं होने की कोई जानकारी नहीं दी गई। आगे पढ़ाने से किया इनकार पीडित ने बताया कि आरोपी मासिक फीस व अन्य कार्यक्रम के नाम पर राशि वसूलते रहे। उसने स्कूल के शिक्षा के स्तर की शिकायत की उन्होंने बच्चों का एडमिशन अन्यत्र कराने की नसीहत देकर आगे पढ़ाने से इनकार कर दिया। यूं खुला मान्यता नहीं होने का राज पीडि़त ने अन्य स्कूल में एडमिशन का प्रयास किया तो उससे ऑनलाइन टी.सी. मांगी गई। वह आरोपियों से ऑनलाइन टीसी के लिए मिला तो पहले उसे टालते रहे। काफी चक्कर काटने पर ऑफलाइन टीसी बना दी गई। टीसी लेकर दूसरे स्कूल में गया तो ऑफलाइन टीसी से एडमिशन देने से इनकार कर टीसी ऑनलाइन लेकर आने पर ही दाखिले की बात कही, लेकिन आरोपियों ने ऑनलाइन टी.सी. देने से हाथ खड़े कर दिए। बच्चों का बिगड़ गया साल पीडि़त चमन ने बताया कि आरोपियों ने डीईओ के यहां मान्यता अटकना बताया। उसने जब बच्चों के भविष्य की बात कही तो चेतन, शालिनी ने स्कूल की मान्यता नहीं होना बताया। काफी प्रयास व डीईओ के दखल के बाद उसके बच्चों का मुश्किल से एक साल पीछे पुरानी स्कूल की ऑनलाइन टीसी से दाखिला मिला। इससे उसके बच्चों का एक साल खराब हो गया। बिना मान्यता के धोखाधड़ी चमन ने बताया कि आरोपियों ने बिना मान्यता के स्कूल व सोसायटी की मोहर, नाम काम में लेकर उसके साथ छल, कपट करते हुए उसके बच्चों के एडमिशन व मासिक फीस के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली। उसके बच्चों की जिन्दगी से खिलवाड किया। पीडि़त के कोर्ट में पेश इस्तगासे पर के. एस. एज्युकेशन सोसायटी डायरेक्टर चेतन, स्कूल के प्रिंसिपल व स्टाफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया। |
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