>>: नया ट्रेंड : मुंबई, दिल्ली की तर्ज पर यहां भी शुरू हुआ स्टूडियो अपार्टमेंट कल्चर

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अलवर. पहले किराये के कमरे, फिर पेईंग गेस्ट का चलन और अब इसका अपग्रेड रूप है स्टूडियो अपार्टमेंट कल्चर। मुंबई, दिल्ली की तर्ज पर अपने शहर में भी यह नया ट्रेंड अब शुरू हो गया है। होटल जैसी सुविधाएं सब इन अपार्टमेंट में मौजूद हैं। यदि यहां कंपनियों की संख्या में इजाफा होगा तो इस कारोबार के महानगरों की तरह दौड़ने की संभावनाएं हैं।
70 हजार से ज्यादा हैं किरायेदार
शहर की आबादी करीब चार लाख है। आवासों की संख्या करीब 1.50 लाख है। यहां किरायेदारों की संख्या भी 70 हजार से ज्यादा मानी जा रही है। यानी यह किराये पर कमरे लेकर रहे हैं तो कोई पेईंग गेस्ट की सुविधा ले रहा है। इन्हें बाकायदा रहने के लिए या जरूरतें पूरी करने के लिए घर का सामान जुटाना पड़ा है। इसी बीच महानगरों से चलकर स्टूडियो अपार्टमेंट कल्चर यहां तक पहुंचा जो तेज से पैर पसार रहा है। करीब दो दर्जन ऐसे स्टूडियो शहर में संचालित हो रहे हैं। स्कीम नंबर दो, शालीमार एरिया, स्कीम नंबर पांच, दिल्ली मार्ग, रेलवे स्टेशन के आसपास, मोती डूंगरी क्षेत्र में लोग स्टूडियो में रह रहे हैं। इनका किराया छह हजार से लेकर आठ हजार तक है। हालांकि रूम के साइज के मुताबिक रेट हैं। सुविधाओं पर भी यह निर्भर है।

नया चलन, मेहनत कर रहे, दौड़ेगा कारोबार

स्टूडियो अपार्टमेंट संचालक मनीष अरोड़ा कहते हैं कि एकल युवाओं के बीच यह चलन बढ़ रहा है। लोग यहां नौकरी आदि के लिए आते हैं जो इन अपार्टमेंट को पसंद कर रहे हैं। यदि कंपनियां आदि और यहां आएं तो यह कारोबार और आगे बढ़ेगा। यही बात मोती डूंगरी निवासी मयंक अग्रवाल कहते हैं। बोले, यहां यह नया चलन है। इसके लिए मेहनत कर रहे हैं। उम्मीद है कि यह कारोबार दौड़ेगा। शुरूआत अच्छी हुई है।
ये है स्टूडियो अपार्टमेंट में सुविधाएं
- एक बैठक क्षेत्र

- एक बेडरूम
- रसोई घर व उसका समुचित सामान

- बाथरूम
- एसी व टीवी की सुविधा

- छोटा फ्रीज
- रूम की सफाई के विशेष बंदोबस्त

- वाई-फाई की सुविधा
- पीने के लिए आरो का पानी

- गर्म पानी की भी सुविधा। गीजर भी मौजूद


ऑनलाइन भी है बुकिंग

जिस तरह होटल आदि की बुकिंग ऑनलाइन हो जाती है। ऐसे में स्टूडियो अपार्टमेंट की सुविधा भी धीरे-धीरे यहां ऑनलाइन हो रही है। यहां नौकरी के लिए आने वाले लोग गूगल के जरिए स्टूडियो सर्च कर रहे हैं। पूरे स्टूडियो की सुविधाओं से जुड़ी इमेज भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिसके आधार पर लोग बुकिंग कर रहे हैं।

पेशेवर लोग खुद पूरा घर किराये पर लेकर अपार्टमेंट का दे रहे रूप

कुछ पेशेवर लोगों ने घरों को मोडिफाई करके अपार्टमेंट जैसा लुक दिया है। छोटे-छोटे हिस्सों में उन्हें बांटा जा रहा है। एक घर में पांच से सात लोग जहां रहते हैं वहां सुविधाओं के लिए लोगों को भी लगाया गया है, जिससे रोजगार के अवसर पनप रहे हैं।

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