>>: Digest for June 01, 2023

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हनुमानगढ़. जिले में बुधवार को अल सुबह से ही बरसात होती रही। बरसात के चलते तापमान में भारी गिरावट आई और हल्की ठण्डक का अहसास नजर आया। एसी और कूलर बंद रहे और महज पंखे चलते नजर आए। निर्जला एकादशी पर बरसों बाद पहली बार तपिश की बजाय ठण्डक का अहसास नजर आया। खास बात यह नजर आई कि निर्जला एकादशी पर ठण्डे मीठे जल की छबीलों की बजाए गर्मा-गरम पकौड़ों के लंगर लगे। जिले भर में बरसात का यह दौर दोपहर करीब एक बजे तक रूक रूक कर चलता रहा। जिला मुख्यालय पर हल्की बरसात हुई। वहीं डबलीराठान और पीलीबंगा सहित कई क्षेत्रों में काफी बरसात हुई। इससे तापमान में काफी गिरावट आई। लोगों को गर्मी से राहत मिली।


डबलीराठान. मंगलवार पूरी रात से अलसुबह चार बजे तक कभी तेत तो कभी धीमी बरसात रूक रूक कर चलती रही। बुधवार प्रात:काल साढ़े पांच बजे पुन: शुरु हुआ बरसात का दौर दोपहर तक चलता रहा। कुछ स्थानों पर जल भराव की स्थिति बनी।


केलनिया में आसमानी बिजली गिरी
पल्लू. तहसील के केलानिया गांव में मंगलवार को बारिश के दौरान गोशाला के पास बिजली पोल पर आसमानी बिजली गिर गई और बिजली पोल बीच में से चीर दिया। गांव के विद्यालय में चल रहे महंगाई राहत कैंप में उपस्थित विद्युत निगम के प्रभारी ने तुरंत गांव की विद्युत सप्लाई को बंद करवाया। आसमानी बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि सभी ने अपने कानों पर हाथ रख बंद कर लिया। तहसीलदार उमा मित्तल ने मोबाइल बंद करने व विद्यालय में पेड़ों के नीचे खड़े ग्रामीणों को विद्यालय के बरामदे में आने का निर्देश दिया।


कई जगह जल भराव, कुईयां धंसी
फेफाना. क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश का दौर सोमवार रात्रि को भी जारी रहा। देर रात्रि करीब बारह बजे एकाएक गरज चमक के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई। जिससे सडक़ों पर पानी ही पानी हो गया। वहीं कई जगह निकासी के अभाव में जलभराव की स्थिति नजर आई। वार्ड 21, 22 के मध्य हाल ही में नवनिर्मित सडक़ के दोनों ओर बनाई गई एक तरफ की नाली पानी के साथ ही बह गई। वहीं वार्ड तीन में एक कुई धंस गई। जिससे उसके नजदीक बने मकान में दरारें आने से उसे क्षति पहुंची है। गांव में 8 से 10 अंगुल बारिश हुई है। बारिश होने के बाद से किसान सावणी की फसलों की बुवाई में जुटे हुए हैं।


तीन जून तक बारिश की संभावना
संगरिया. स्थानीय ग्रामोत्थान विद्यापीठ कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जिले में मुख्य रुप से 31 मई व एक जून को तेज हवाओं के साथ, कहीं-कहीं हल्की बारिश तथा अन्य दिनों में छुटपुट बारिश की संभावना है। दो जून के बाद तापमान में वृद्धि तथा बारिश की गतिविधियों में कमी हो सकती है। पांच दिनों मे अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


सडक़ का लेवल सही नहीं होने से परेशानी
संगरिया. स्थानीय गुरुनानक नगर स्थित वार्ड 30 व 31 के मध्य मार्ग की सडक़ निर्माण व पानी निकासी की समुचित व्यवस्था की मांग को लेकर वार्डवासियों ने उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वार्ड के हरपाल सिंह जौड़ा, नीरज चौरडिय़ा, बलविंद्र सिंह, हर्ष जैन, महेंद्र सोनी ने बताया कि गणेश मंदिर रोड के समानांतर लंबी सडक़ में तीन सौ मीटर के करीब का यह भाग आस पास की सडक़े ऊंची होने के कारण नीचा रह गया है व यहां पानी बिना बारिश भी नियमित रुप से रुका रहता है। सडक़ का निर्माण एक समान होने से इस समस्या का समाधान हो सकेगा। इस सम्बंध में वार्ड 31 के पार्षद प्रदीप बेनीवाल व वार्ड 30 की पार्षद मीनू गर्ग ने बताया कि यह सडक़ नगरपालिका की निम्न राजनीति की भेंट चढी हुई है। लम्बे समय से इसके समाधान की मांग की जा रही है परंतु अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। बार संघ के अध्यक्ष हरविंद्र गर्ग ने बताया कि इस भाग को सिर्फ वार्डवासियों को प्रताडि़त करने के लिए बकाया रखा गया है। इसके विधायक कोटे से निर्माण के प्रयास भी किए जा रहे है।

पानी निकासी नहीं होने पर दिया धरना
गोलूवाला. ग्राम पंचायत निवादान में नवनिर्मित सडक़ की निकासी व्यवस्था सही नहीं होने के कारण पानी जमा हो गया। पानी निकासी की मांग को लेकर व सडक़ का लेवल सही करवाने को लेकर वार्ड नंबर तीन के निवासियों ने ग्रामपंचायत गोलूवाला निवादान कार्यालय के आगे धरना लगा दिया। वार्ड वासियों का आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव के साथ विजय सिंह पुनिया द्वारा जानबूझकर सडक़ मिट्टी भर्ती कर बना दी। जिसके कारण आसपास पानी जमा हो गया। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। वार्ड निवासी पवन कुमार ने बताया कि हमने इस संबंध में पहले भी अनेक बार विकास अधिकारी व जिला परिषद के उच्च अधिकारियों को शिकायत की परंतु कोई समस्या का हल नहीं निकला।

हनुमानगढ़ में मेडिकल कॉलेज शुरू होने में एक माह शेष
- चूरू मेडिकल कॉलेज से आएगा लाइब्रेरी का सामान
हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ में मेडिकल कॉलेज जुलाई में शुरू होने वाला है। इस मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल के करीब ४० चिकित्सक लेक्चर देंगे। इसके अलावा राज्य सरकार अपने स्तर पर भर्ती करेगी। वहीं लाइब्रेरी के लिए किताबें व फर्नीचन चूरू मेडिकल कॉलेज खरीद करके देगा। गत २४ मई को चूरू मेडिकल कॉलेज की टीम ने निर्माणाधीन कॉलेज का निरीक्षण किया था। हालांकि मेडिकल कॉलेज के भवन के लिए विद्युत व पानी सप्लाई को लेकर कार्यवाही नहीं हुई और निर्माण एजेंसियों ने भुगतान में देरी होने के कारण श्रमिकों की संख्या पहले से काफी कम कर दी है। उल्लेखनीय है कि प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा टी रविकांत ने मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान विद्युत सप्लाई के लिए जीएसएस व पेयजल सप्लाई को लेकर प्रोजेक्ट शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस चौकी, धर्मशाला व रोगियों के लिए कैंटीन का निर्माण करने की भी हिदायत दी। मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर कुल ३२५ करोड़ खर्च होंगे। केन्द्र तथा राज्य सरकार के बीच 60/40 के अनुपात में लागत वहन की जाएगी। इसमें केन्द्रीयांश 195 करोड़ रुपए एवं राज्यांश 130 करोड़ रुपए है। चिकित्सा महाविद्यालय की क्षमता 100 एमबीबीएस सीट निधार्रित की गई है।

यह होगा लाभ
बाइपास वाले भवन में शैक्षणिक, रेजीडेंट, नर्सेज व इंटर्न छात्रावास, प्राचार्य निवास, शिक्षक आवास तथा खेलकूद का ग्राउंड होगा। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर की संख्या में भी इजाफा होगा। मेडिकल कॉलेज खुलने से शहर के नागरिकों को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे धन व समय दोनों की बचत होगी। मेडिकल कॉलेज से हनुमानगढ़ को कई रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक भी मिलेंगे। वर्तमान में न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण दुर्घटना के जख्मी को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में रैफर किया जाता है। मेडिकल कॉलेज खुलने से इस तरह के रैफर केसों में काफी हद तक कमी आएगी। इसके अलावा हार्ट, ईएनटी, न्यूरो, ग्रेस्ट्रोलोजिस्ट इत्यादि चिकित्सकों की सेवाएं मिल सकेंगी। मेडिकल कॉलेज में एकेडमिक ब्लॉक की बिल्डिंग जी+3 है। जिसमें शैक्षणिक ब्लॉक ग्राउंड फ्लोर रूफ स्लैब का काम पूरा हो चुका है। इस भवन में सिविल का कार्य १०० प्रतिशत हो चुका है। इस ब्लॉक में 5 लिफ्ट होंगी। बॉयज-इंटन्र्स हॉस्टल में 225 बॉयज की क्षमता के इस हॉस्टल की बिल्डिंग जी+7 होगी। 5415 स्कवेयर मीटर में ग्राउंड कवरेज 1040 और फ्लोर हाइट 3.3 मीटर होगी। यहां पर 2 लिफ्ट लगाई जाएंगी। इसमें थर्ड फ्लोर तक रूफ लेवल कंपलीट हो चुका है।

इस तरह होगा गल्र्स होस्टल
गल्र्स हॉस्टल में २२५ जनों की रहने की व्यवस्था होगी। इसकी बिल्डिंग जी+7 बनेगी और एरिया 5415 स्कवेयर मीटर होगा। ग्राउंड कवरेज 1040 और फ्लोर हाइट 3.3 मीटर होगी। यहां पर 2 लिफ्ट लगाई जाएंगीं। इसी बिल्डिंग में 6 और 7वें फ्लोर पर इंटन्र्स गल्र्स हॉस्टल 38 की क्षमता का होगा जिसमें एरिया 1450 स्कवेयर मीटर और फ्लोर की हाइट 3.3 मीटर होगी। इसमें आरसीसी स्लैब सैकंड फ्लोर एवं फस्र्ट फ्लोर पर लेवल कंपलीट, ब्रिक वर्क सैकंड फ्लोर एवं फस्र्ट फ्लोर पर फर्श का काम चल रहा है। वहीं प्रिंसिपल रेजिडेंस, टीचिंग स्टाफ क्वार्टर- प्रिंसिपल आवास जी+1 होगा जिसका एरिया 370 स्कवेयर मीटर होगा जबकि ग्राउंड कवरेज 2250 और फ्लोर हाइट 3.3 मीटर होगी। इसमें ग्राउंड फ्लोर का काम हो चुका है। टीचिंग स्टाफ क्वार्टर 20 होंगे। बिल्डिंग जी+5 होगी और इसका एरिया 4000+800 स्कवेयर मीटर होगा। नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए 18 व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 4 क्वार्टर होंगे।

३०० बेड के अस्पताल का निर्माण जारी
मेडिकल कॉलेज से संबंधित ३०० बेड के अस्पताल का निर्माण जारी है। इस अस्पताल के निर्माण पर १०७.०९ करोड़ रुपए खर्च होंगे। अस्पताल में आउटडोर, इंडोर व सीटी स्कैन कक्ष, एमआरआई व जांच लैब की सुविधा इसी इमारत में होगी। जानकारी के अनुसार अस्पताल के प्रत्येक फ्लोर में छह हजार स्केयर मीटर में निर्माण होगा। पांच मजिला इमारत का कुल एरिया तीस हजार स्केयर मीटर होगा। ग्राउंड फ्लोर पर रजिस्ट्रशन काउंटर, दवा वितरण केंद्र, तीस बेड का एमरजेंसी, रोडियोलोजी विभाग होगा। इस विभाग में सीटी स्कैन, एमआरआई, सोनोग्राफी की सुविधा होगी। इसके अलावा ओपीडी की भी सुविधा रहेगी। पांच मंजिला अस्पताल में रोगियों को लेजाने के लिए एलीवेटर व रैंप की सुविधा होगी। इसी तरह फस्र्ट फ्लोर में सैंट्रल लैब, प्रशासनिक ब्लॉक, फीजियोथैरेपी विभाग व सभी विभागों की ओपीडी भी होगी। दूसरी मंजिल पर ६ ओटी होगी, इसके अलावा १५ बेड का आईसीयू व सर्जरी वार्ड होगा। तीसरे व चौथी मंजिल में सभी विभागों की आईपीडी की सुविधा होगी।

टाउन में मिसिंग लिंक व अधूरी सीवरेज पाइप लाइनें का डालने का काम शुरू
टिब्बी मार्ग से जाटों के मोहल्ले की तरफ हो रही खुदाई
हनुमानगढ़. टाउन में सीवरेज की अधूरी पाइप लाइनें डालने का काम शुरू हो चुका है। प्रथम स्तर पर जिन इलाकों में सीवरेज की लाइन बिछाई जा चुकी है। उनमें मिसिंग लिंक पाइपलाइनों को जोडऩे का कार्य किया जा रहा है। टिब्बी मार्ग से जाटों के मोहल्ले की तरफ खुदाई कार्य शुरू हो चुका है। इसके पश्चात सीवरेज चैंबरों की साफ-सफाई की जाएगी। इस कार्य पर करीब 866 लाख रुपए की लागत आएगी। इसके अलावा धानमंडी व रावतसर मार्ग पर पंप हाउस में सुधार कार्य शुरू किया जाएगा। 866 लाख रुपए में टाउन में बिछी पचास किलोमीटर तक की सीवरेज पाइपों का फ्लो टेस्ट होगा। फ्लो टेस्ट के साथ ही सीवरेज चैबरों की सफाई होगी। वहीं टिब्बी मार्ग, सूर्यनगर, मेगा हाइवे, अश्विनी स्कूल के पास सहित सात जगह पर मिसिंग लिंक को जोड़ा जाएगा। रावतसर मार्ग व भद्रकाली मार्ग पर धूल फांकते पंप हाउस की रिपेयर भी इसी राशि से होगी। उल्लेखनीय है कि नगर परिषद ने आरयूआईडीपी को पत्र लिखकर टाउन में अधूरी सीवरेज लाइन को पूरा करने व टाउन और जंक्शन में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइप लाइन को बदलने की मांग की थी। इस पर आरयूआईडीपी ने सीवरेज लाइन का अधूरा कार्य कराने के लिए हाथ खड़े कर दिए। इसके पश्चात नगर परिषद ने सीवरेज लाइन व पेयजल पाइप लाइनें बिछाने के लिए आरयूआईडीपी को पुन: पत्र लिखकर 1655.96 लाख रुपए की डिमांड भेजी थी। इस राशि से होने वाले कार्य का एक तकमीना तैयार किया गया था। इसमें टाउन सीवरेज की मिसिंग लिंक सर्वे रिपोर्ट व जलदाय विभाग की पुरानी क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों (राईजिंग मैंस एवं डिस्ट्रीब्यूशन) को बदलने के लिए यह डिमांड भेजी थी। लेकिन आरयूआडीपी ने प्रथम स्तर पर टाउन में सीवरेज लाइन के शेष कार्य को पूरा कराने के लिए 866 लाख रुपए की राशि की स्वीकृति दी थी।

2012 से अधूरा
करीब चार साल पहले रिडकोर ने मेगा हाइवे पर सीवरेज लाइनें डालने के लिए आरयूआईडीपी से 42 लाख रुपए की डिमांड की थी। आरयूआईडीपी ने राशि तो जमा करवा दी। लेकिन कार्यकारी एजेंसी कार्य बीच में छोड़ चली गई। तब से लेकर आज तक टाउन में सीवरेज शुरू नहीं हुआ। इसके बाद टाउन में 1500 मैन हॉल की सफाई करवाने का काम फिर से शुरू किया गया था। लेकिन कुछ दिनों के बाद यह कार्य भी बीच में छोड़ दिया था। अब फिर से कार्य शुरू हो चुका है।

जंक्शन में यह होने है कार्य
दोनों उच्च जलाश्य से पेयजल की सप्लाई नहीं, गंदे पानी को ट्रीट कर खेतों में सप्लाई किया जाना है। आसपास के जिलों के निकासी सिस्टम से तुलना की जाए तो हनुमानगढ़ शहर में गंदे पानी को स्टोर करने के लिए उच्च जलाश्य का निर्माण करने की योजना तैयार की गई थी। इस पर करीब 12 करोड़ की लागत आएगी। इसकी निविदा की कार्यवाही भी हो चुकी है। जंक्शन में सूरतगढ़-अबोहर बाइपास स्थित एसटीपी में उच्च जलाश्य का निर्माण होगा। यहां से सीवरेज के पानी को ट्रीट कर जोड़कियां व गांव रोड़वाली की तरफ खेतों में छोडने के पाइपलाइन बिछाई जाएगी। वहीं टाउन-जंक्शन मार्ग पर स्थित एसटीपी में भी एक उच्च जलाश्य का निर्माण होगा। यहां से नाथांवाली थेड़ी के खेतों में पानी की सप्लाई होगी। अनुमान है कि टाउन में पांच सौ बीघा भूमि व जंक्शन में भी पांच सौ बीघा भूमि को पानी सप्लाई किया जा सकेगा। एक उच्च जलाश्य में पानी स्टोर की क्षमता ढाई लाख लीटर होगी। खेतों में पानी की सप्लाई देने पर नगर परिषद शुल्क भी वसूलेगी। यह कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है।

ये डलेंगी पाइपलाइन
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर 150 एमएम की पाइप लाइन बिछेगी। खेतों में पाइप डालने के लिए प्लास्टिक की पाइपलाइनें डाली जाएंगी। इसके अलावा जंक्शन के तीन वार्ड में सीवरेज लाइन बिछाने का भी काम होगा। वार्ड के 1040 मकानों का सीवरेज कनेक्शन किया जाना है। इस पर करीब 77 लाख रुपए की लागत आएगी। सीवरेज पाइप लाइनें बिछाने व सड़कों की पुन: मरम्मत पर 13 करोड़ पर खर्च होंगे। 3 करोड़ 68 लाख रुपए का एक पंप स्टेशन भी बनेगा। 7.5 एमएलडी एसटीपी को अपग्रेड कर 13 एमएलडी क्षमता तक करने की योजना तैयार की गई है। इसमें ट्रीट कर पानी को ओवरहेड टैंक में स्टोर किया जाएगा। एक ओवरहेड टैंक का निर्माण टाउन में होगा तो दूसरा जंक्शन में। इस कार्य पर 27 करोड़ की लागत का आंकलन किया गया है। इन सभी पंप स्टेशन को सोलर पावर से चलाया जाएगा ताकि बिजली की खपत को कम किया जा सके। इस पर करीब पौने तीन करोड़रुपए खर्च होंगे। सीवरेज की पाइप लाइने बिछाने वाली कंपनी को पांच साल तक रख-रखाव करना होगी। रख-रखाव कार्य पर 4 करोड़ 60 लाख रुपए खर्च होंगे।


टाउन में शुरू हो चुका है कार्य
टाउन में सीवरेज लाइनें शुरू करवाने के लिए मिसिंग लिंक जोडऩे का काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा पंप हाउस को अपग्रेड किया जाएगा। इस पर करीब आठ करोड़ की लागत आना तय है।
सुभाष बंसल, अधिशासी अभियंता, नगर परिषद, हनुमानगढ़.

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