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प्रकृति देव ने खेतों में पहुंचाया पानी
-बरसात से खरीफ फसलों की बिजाई को मिलेगी गति

हनुमानगढ़. जिले में मानसून पूर्व अच्छी बारिश से किसान अब खरीफ फसलों की बिजाई आसानी से कर सकेंगे। किसान आंदोलन के बावजूद भाखड़ा नहर में मांग के अनुसार निरंतर पानी नहीं चला। वहीं प्रकृति देव ने मेहरबानी करते हुए खेतों की प्यास बुझा दी। कृषि अधिकारी कहते हैं कि इस बारिश से जिले में अगेती कपास को सिंचाई लायक पानी मिल गया है। जबकि पछती कपास की बिजाई में किसान जुटे हुए हैं। बरसात से किसान अब खरीफ फसलों की बिजाई सुगमता से कर सकेंगे। चालू खरीफ सीजन में जिले में दो लाख तीस हजार हैक्टेयर में कपास बिजाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें अभी तक एक लाख 34 हजार हेक्टैयर में बिजाई हो चुकी है। इसी तरह इसी तरह 90 हेक्टैयर में धान की बिजाई हुई है। पानी की उपलब्धता को देखते हुए किसान अब बिजाई के लिए खेत तैयार करने लगे हैं। ग्वार, मूंग, मोठ, मूंगफली, बाजरे की बिजाई भी आगे शुरू होगी। गत बरसों की बात करें तो हनुमानगढ़ जिले में कपास की खेती किसानों के लिए कुछ मायने में फायदे का सौदा साबित हो रही है। वर्ष 2022 में कपास के रेट 12500 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे। वर्ष 2023 में भी 9200 रुपए प्रति क्विंटल तक इसके भाव लगे हैं। बीते एक दशक की बात करें तो तीन बरसों से इसके रेट ठीक मिल रहे हैं। इससे पहले तक कपास के इतने अच्छे रेट नहीं रहे हैं। दो-तीन बरसों से अच्छे रेट मिलने की वजह से किसानों का रुझान कपास की बिजाई की तरफ लौटने लगा है। परंतु सिंचाई पानी के अभाव में किसान कपास की बिजाई नहीं कर पा रहे थे। अब बरसात होने के बाद कपास की बिजाई में तेजी आने की संभावना है।

इतनी हुई बारिश
दो दिन पहले हनुमानगढ़ तहसील में 22, पीलीबंगा 30, संगरिया 05 , टिब्बी 02 तथा रावतसर में पांच एमएम बारिश हुई। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से मौसम भी ठंडा हो गया है। इसे खरीफ फसलों की बिजाई के लिहाज से उपयुक्त माना जा रहा है। इस माह के आखिर तक कपास की बिजाई को कृषि अधिकारी सही मानते हैं। बाद में बिजाई करने से उत्पादन प्रभावित होता है।

......वर्जन....
जिले में हाल ही में कुछ जगह अच्छी बारिश हुई है। इससे खरीफ फसलों की बिजाई हो सकेगी। बरसात से कपास की बिजाई के लिए किसानों को पानी मिल गया है। यह बारिश बिजाई के लिए लिहाज से काफी अहम है।
-जगदीश दूधवाल, कृषि पर्यवेक्षक, हनुमानगढ़

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/संगरिया। अपनी बीमार मां से मिलने आई गर्भवती बेटी के साथ पीहर में भाभी व अन्य जनों ने मारपीट की। जिससे गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। पीड़िता पक्का सहारणा निवासी अमृतपाल कौर पुत्री जगसीरसिंह ने पुलिस को बताया कि कस्बा के वार्ड 26 निवासी अपनी मां की तबीयत खराब होने से हालचाल पूछने 24 अप्रैल को संगरिया आई थी।

भाभी गुरप्रीतकौर उसे तंग व परेशान कर काम करने का दबाब बनाती थी। भाभी को समझाने पर तो मां से झगड़ते हुए मारपीट की। बीच-बचाव कर पुलिस में रिपोर्ट देकर गई। जिसमें गुरप्रीतकौर ने अपने भाई छिंदासिंह, मां व भुआ स्वर्णकौर सहित 4-5 अन्य को राजीनामा के लिए एक मई को बुलाया। तीन बजे घर में आते ही भाई बग्गासिंह से मारपीट दी। विरोध करने पर उसे भी पीटा। गर्भवती होने से बचाव किया तो छिंदासिंह व उसकी मां ने जानबूझकर पेट पर लातें मारी।

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दर्द होने पर आस-पास के लोगों ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार उपरांत दवाई लेकर ससुराल गई। लेकिन दर्द वैसे ही चलता रहा। 15 मई को तबीयत बिगड़ने पर श्रीगंगानगर जन सेवा हॉस्पीटल में भर्ती करवाया। तब डॉक्टर ने कहा कि चोट लगने से बच्चे की मृत्यु हो गई है। गर्भपात कर मृत बच्चा निकाला। पुलिस ने रिपोर्ट पर गुरप्रीतकौर पत्नी कुलविंद्रसिंह, उसकी भुआ तथा मां निवासी रावला, छिंदासिंह पुत्र मिठूसिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तफतीश एएसआई दौलतराम कर रहे हैं।

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