>>: Digest for December 19, 2023

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प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के साथ ही हर दिन नए आदेश जारी हो रहे हैं। रविवार को संयुक्त शासन सचिव ने एक आदेश जारी कर कांग्रेस सरकार के दौरान गठित सभी बोर्ड, निगम, आयोग, टास्क फोर्स, राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय समितियों को भंग कर दिया है। इनमें मनोनीत गैर सरकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।

जारी आदेश में लिखा गया है कि राज्य सरकार के अधीन विभाग की ओर से राज्य एवं जिला स्तरीय समिति, आयोग, निगम, बोर्ड, टास्क फोर्स इत्यादि में गैर सरकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों का मनोनयन किया हुआ है एवं सलाहकार के रूप में गैर सरकारी सदस्यों की सेवाएं ली जा रही हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से समाप्त किया जाए। इसके साथ ही सेवाएं समाप्त करने के आदेश के प्रति को मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रशासनिक सुधार विभाग के भेजने का निर्देश दिया गया है। वहीं जिन प्रकरणों में वैधानिक दृष्टि से निरस्त करना संभव नहीं है, उनकी पत्रावलियां भी मांगी गई है।

आपको बता दें कि शनिवार को ही प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष रीको जयपुर कुलदीप रांका, सचिव मुख्यमंत्री एवं शासन सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग गौरव गोयल एवं सचिव मुख्यमंत्री आरती डोगरा तथा विशिष्ठ सचिव मुख्यमंत्री एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजस्थान स्टेट सर्विस डिलिवरी वार रुम राजन विशाल को आगामी आदेशों तक पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रखा गया।

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वहीं दूसरी तरफ राजस्थान में आरएएस योगेश कुमार श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा का विशेषाधिकारी नियुक्त किया गया है। कार्मिक विभाग के शनिवार को जारी आदेश के अनुसार पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में आरएएस श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।

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मुख्यमंत्री पद के शपथ के साथ ही अब पूरे प्रदेश की निगाहें मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं। किसे मंत्री बनाया जाएगा ? किसे मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी ? इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। इसी बीच राज्य के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। वो भी अकेले नहीं, बल्कि उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के साथ। सीएम बनने के बाद पहली बाद दिल्ली पहुंचे सीएम शर्मा का वरिष्ठ आईएएस शुभ्रा सिंह ने स्वागत किया।

सूत्रों की मानें आज मंत्रिमंडल विस्तार पर सीएम की कई नेताओं से चर्चा होगी। इसमें सबसे अहम चर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ है। इस बैठक में प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी भी शामिल होंगे। संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में ही मंत्रियों के नामों पर चर्चा होने की संभावना है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को भी दिल्ली बुलाया गया है।

क्या तीनों जगह एक साथ होगा मंत्रिमंडल विस्तार
तीनों राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद पार्टी एक समान लाइन पर चल रही है। तीनों ही जगहों पर नए चेहरों को सीएम और डिप्टी सीएम बनाया गया है। तीनों ही जगहों पर शपथ ग्रहण के दिन तीन मंच बनाए गए। तीनों ही जगहों पर संतों को समारोह में आमंत्रित किया गया। इसलिए माना जा रहा है कि तीनों ही जगहों पर मंत्रिमंडल विस्तार भी एक साथ ही होगा।

अनुभव पर भारी पड़ेंगे नए चेहरे
पार्टी ने जिस तरह से नए चेहरों को मुख्यमंत्री बनाकर सभी को चौंकाया है। कुछ इसी तरह मंत्रिमंडल विस्तार में भी नए चेहरों को लाकर चौंकाया जाएगा। यहां भी अनुभव पर नए चेहरे भारी पड़ते नजर आएंगे। ऐसे में सभी मंत्रिमंडल विस्तार पर निगाहें जमाए हुए हैं कि आखिर किसका नंबर लगेगा।

 

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सोशल मीडिया भले ही हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया हो, लेकिन इसका बुरा असर भी पड़ता है. हमें लगता है कि सब कुछ मिस हो जाएगा अगर हम ऑनलाइन नहीं होंगे. इस फOMO (Fear of Missing Out) की वजह से हमारा मानसिक स्वास्थ्य खराब होता है.

रूहर यूनिवर्सिटी बोचुम की जूलिया ब्राइलोव्स्काया कहती हैं, "मुझे लगता है कि लोग अपने रोज़ के काम के तनाव से बचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं, खासकर जब उन्हें लगता है कि उन पर बहुत काम का बोझ है."

वो आगे कहती हैं, "कुछ प्लेटफॉर्म जैसे लिंक्डइन भी नौकरी ढूंढने का मौका देते हैं, अगर आप अपनी वर्तमान नौकरी से खुश नहीं हैं."

हालांकि, थोड़े समय के लिए सोशल मीडिया का दुनिया में खो जाना अच्छा लग सकता है, लेकिन लंबे समय में ये लत बन सकता है और उल्टा असर डाल सकता है.

इसलिए, जर्नल "बिहेवियर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी" में प्रकाशित एक अध्ययन में टीम ने इन सवालों के जवाब ढूंढने का प्रयास किया.

166 लोगों ने इस अध्ययन में भाग लिया, जो विभिन्न क्षेत्रों में अंशकालिक या पूर्णकालिक काम करते थे और गैर-कार्य संबंधी सोशल मीडिया पर दिन में कम से कम 35 मिनट बिताते थे.

उन्हें दो समूहों में बांटा गया. एक समूह ने अपनी सोशल मीडिया की आदतें नहीं बदलीं.

दूसरे समूह ने सात दिनों तक सोशल नेटवर्क पर बिताए समय को 30 मिनट कम कर दिया.

प्रयोग शुरू होने से पहले, अगले दिन और एक सप्ताह बाद, प्रतिभागियों ने विभिन्न ऑनलाइन प्रश्नावली भरीं. इन प्रश्नावली से उनके काम का बोझ, नौकरी से संतुष्टि, प्रतिबद्धता, मानसिक स्वास्थ्य, तनाव का स्तर, FOMO और लत का संकेत देने वाले व्यवहारों के बारे में जानकारी मिली.

ब्राइलोव्स्काया ने कहा, "हमें पता चला कि जो समूह सोशल मीडिया पर 30 मिनट कम समय बिताता था, उसकी नौकरी से संतुष्टि और मानसिक स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ."

"इस समूह के लोगों को काम का बोझ कम लगा और वे नियंत्रण समूह की तुलना में काम के प्रति अधिक समर्पित थे."

उनका FOMO भी कम हो गया. यह प्रभाव प्रयोग के अंत के बाद कम से कम एक सप्ताह तक चला और कुछ मामलों में इस दौरान और भी बढ़ गया. जिन लोगों ने अपना दैनिक सोशल मीडिया उपयोग कम कर दिया था, उन्होंने एक सप्ताह के बाद भी स्वेच्छा से ऐसा करना जारी रखा.

शोधकर्ताओं का मानना है कि सोशल मीडिया का उपयोग कम करने से प्रतिभागियों के पास अपना काम करने के लिए अधिक समय था, जिससे उन्हें काम का बोझ कम लगा और उनका ध्यान कम बंटा.

ब्राइलोव्स्काया ने कहा, "हमारा दिमाग लगातार विचलित होने को अच्छी तरह से संभाल नहीं सकता है."

"जो लोग काम करने के दौरान बार-बार सोशल मीडिया देखते हैं, उन्हें काम पर ध्यान केंद्रित करने में अधिक कठिनाई होती है और वे कम अच्छे परिणाम प्राप्त करते हैं."

इसके अलावा, सोशल मीडिया पर बिताया समय लोगों को वास्तविक जीवन में अपने सहयोगियों के साथ बातचीत करने से रोक सकता है, जिससे अलगाव हो सकता है. सोशल मीडिया पर समय कम करने से यह प्रभाव कम हो सकता है.

तो, थोड़ा कम स्क्रॉल करिए और खुशहाल, उत्पादक जीवन का आनंद लीजिए!

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Weather Update : राजस्थान के आधे जिलों में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। राजस्थान के माउंट आबू में आज रविवार को पारा -1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। करीब तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने से यहां अचानक फिर से सर्दी तेज हो गई। शनिवार को यहां न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस था। हालांकि राजस्थान में अभी ठंडी हवाएं आनी रुक गई हैं। मौसम बिल्कुल शुष्क बना हुआ है। राजस्थान में अभी आगामी छह दिन मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग का Prediction है कि अगले छह दिन मौसम शुष्क रहेगा। 23-24 दिसंबर के दौरान एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। जिस वजह से राजस्थान के कई जिलों में बारिश हो सकती है। दिसम्बर माह के अंतिम सप्ताह में उत्तरी हवाएं चलेंगी। जिस वजह से तापमान गिरेगा और सर्दी से ठिठुरन बढ़ जाएगी।

जयपुर का मौसम कल कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार आज रविवार शाम 5.00 बजे जयपुर का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री था। आसमान पर बादल छाए हुए थे। ठंडी हवाएं चल रहीं थी। शाम होते—होते ठंड और इजाफा हो रहा है। रातें कुछ ज्यादा ठंडी हो सकती है। उम्मीद की जा रही है कि कल सोमवार को मौसम कुछ बदल रहेगा।

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हाड़ौती अंचल में मौसम का मिजाज बदला

राजस्थान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके चलते हाड़ौती अंचल में शनिवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। कोटा में दिनभर बादल छाए रहे। सुबह हल्का कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में सर्दी का असर तेज होगा और न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी।

बारां और बूंदी में चलने लगीं सर्द हवाएं

बारां में अब दिन में अधिकतम तापमान कम होने से सर्दी का असर रहने लगा है। जिले का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री रहा। वहीं बूंदी जिले में सर्द हवा लोगों को शूल सी चुभती रही। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। रातें ठण्डी होने से बाजारों में भी जल्द सन्नाटा पसर जाता है। न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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जयपुर। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन., महानिरीक्षक पुलिस, उप महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, चार उप पुलिस अधीक्षक, चार पुलिस निरीक्षक, उप निरीक्षक, 12 सहायक पुलिस निरीक्षक और 40 कम्प्यूटर ऑपरेटर आदि शामिल होंगे। विशेष कार्यदल को आवश्यकतानुसार वाहन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही संगठित अपराध करने वाले गिरोहों की पहचान करेगा और उनका डेटाबेस तैयार कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करेगा। गिरोहों के खिलाफ न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग कर गैंगस्टर्स को सख्त सजा दिलवाने का काम करेगा।

रूपरेखा तैयार
गैंगस्टर टीम के लिए एडीजी क्राइम दिनेश एम.एन. ने रूपरेखा तैयार कर ली है। हर बदमाश का रिकॉर्ड तैयार कर उन पर कार्रवाई होगी। इसमें जिला स्तर पर अलग से पुलिसकर्मी भी शामिल किए जाएंगे। पेपर लीक मामले को भाजपा ने प्रमुखता से उठाया था और इस पर अपनी चिंता जाहिर की थी। मुख्यमंत्री भजनलाल ने पेपर लीक रोकने के लिए एडीजी वीके सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। एडीजी वीके सिंह एडिशनल डायरेक्टर टेलीकम्युनिकेशंस एंड टेक्निकल के पद पर नियुक्त हैं। इसके तहत हर जिले में एसपी स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी।

इस तरह रोकेंगे पेपरलीक
स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वी.के. सिंह, महानिरीक्षक पुलिस, उप महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, चार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, आठ उप पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस निरीक्षक, दस हेड कांस्टेबल और 15 कम्प्यूटर ऑपरेटर होंगे। टीम संबंधित अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और पेपर लीक के अपराध से निर्मित संपत्ति की जब्ती और कुर्की की कार्रवाई करेगी।

जयपुर। इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट ( Indian Society for Training & Development ) की ओर से झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में अखिल भारतीय नेशनल कांफ्रेंस (नेटकोन 2023) का दो दिवसीय आयोजन 15 और 16 दिसंबर को हुआ। संगठन की स्वर्ण जयंती के अवसर पर देशभर से औद्योगिक एवं व्यवसायिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा अनेक राज्यों के ISTD पदाधिकारीकरण ने भाग लिया।

संगठन की नेशनल प्रेसिडेंट अनीता चौहान ने बताया कि स्वर्ण जयंती वर्ष 2023 में इस राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन 'थिंक ट्रेनिंग थिंक आइएसटीडी' के नारे के साथ और प्रधानमंत्री के स्लोगन 'सबका साथ सबका विकास' की भावना के साथ किया जा रहा है। कांफ्रेंस का उद्घाटन मानव संसाधन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के डायरेक्टर आयुष गुप्ता ने किया। उन्होंने उद्योग जगत के सामने भविष्य में आने वाली नई चुनौतियों को दूर करने को लेकर विचार साझा किए।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, तिरुचिरापल्ली के डायरेक्टर प्रोफेसर पवन कुमार सिंह ने कहा कि हम प्रकृति से बहुत कुछ प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन प्रकृति को वापस नहीं लोटा रहे हैं। उन्होंने गीता में भगवान श्री कृष्ण का उपदेश की व्याख्या करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ ऐसा करना भी चोरी ही मानी जाएगी। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ किरण बेदी ने नेतृत्व, गुड गवर्नेस, टीम वर्क और टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट जैसे मुद्दों पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए कहा कि यदि ईमानदारी, दृढ़ निश्चय, निष्पक्षता, नैतिक साहस और दिल से काम किया जाए तो सभी समस्याएं हल हो सकती हैं।

कार्यक्रम में देश की पहली ट्रांसजेंडर जज जोयिता मंडल ने अपने जीवन के कड़वे और मीठे अनुभव साझा किए। साथ ही ISTD की पहल की सरहना करते हुए कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग ISTD जैसी भावना के साथ काम करेंगे तो ट्रांसजेंडर समुदाय भी देश के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। अभिनेत्री विशाखा सिंह ने कला-अभिनय तथा टेक्नोलॉजी का आपस में सामंजस्य स्थापित करने के साथ-साथ नए स्टार्टअप शुरू करने और कैरियर संबंधी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी करने के बजाय नौकरी देने विजन पर काम करना चाहिए।

आईपीएस अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि पुलिस विभाग किस तरह टीम वर्क के साथ 24 घंटे आम जनता की मदद के लिए उपलब्ध रहता है। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्य तथा नैतिकता के साथ ही बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है। वक्ताओं की अगली श्रृंखला में हर्षित त्रिवेदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा आधुनिक टेक्नोलॉजी के बारे में बताया। रंजन महापात्र और आइएसटीडी की नेशनल प्रेसिडेंट अनीता चौहान ने काहिरा मिस्र में होने वाले 'अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन 2024' के पोस्टर का विमोचन किया। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के बारे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी बताया।

आध्यात्मिक गुरु साध्वी भगवती सरस्वती (परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश) ने टेक्नोलॉजी, लीडरशिप, नैतिकत मूल्य, लाइफ बैलेंस और सुख-शांति जैसे पहलुओं पर प्रकाश डालकर पूरे सदन को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भारत को विश्व गुरु बनाने का आह्वान भी किया। हरदीप खंडूजा ने गिग इकोनॉमी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिन व्यवसायों में स्किल एवं टेक्निकल नॉलेज की जरुरत है, वह सभी गिग इकॉनमी का भाग हैं।

कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय एजुकेशन पॉलिसी पर पेपर प्रेजेंटेशन भी हुए तथा सांस्कृतिक संध्या का आनंद लेते हुए राजस्थानी अंदाज में मीना सपेरा डांस भी आकर्षण का केंद्र रहा। दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस 2023 का आयोजन जोश और उत्साह से संपन्न हुआ। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं तथा पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया।

ISTD के बारे में...

मीडिया प्रभारी प्रेरणा अरोरा सिंह ने बताया कि भारतीय प्रशिक्षण और विकास संगठन (ISTD) एक राष्ट्रीय स्तर का एचआर और पेशेवर प्रशिक्षण संगठन है। जिसमें 11 हजार से अधिक सदस्य और 25 हजार से अधिक पूर्व छात्र जुड़े हुए हैं। यह जेनेवा में स्थित इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशंस (आईएफटीडीओ) से भी संबद्ध हैं। 1970 में स्थापित ISTD पेशेवरों के प्रशिक्षण विकास कौशलों के सुधार और विकास पर केंद्रित है। यह विभिन्न उद्योगों में प्रशिक्षण और विकास में शामिल व्यक्तियों के बीच शिक्षा ज्ञान साझा करने और नेटवर्किंग को मंच देने के रूप में कार्य करता है।

जयपुर। हरमाड़ा थाना इलाके में छह महीने पहले चोरी हुई वारदात का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है। वारदात के खुलासे के लिए पीड़ित ने परिवार सहित 10 से 12 किलोमीटर जाकर लोगों के यहां लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकलाकर पुलिस को उपलब्ध करवाए, ताकि इसका खुलासा हो सके। छह महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। पीड़ित का आरोप है कि जब चोरी के मामले में जानकारी जुटाने थानाधिकारी के पास पहुंचा तो उनका कहना था कि इस तरह की और चोरी होगी तब चोर पकड़ में आ पाएंगे। पुलिस अब एक और चोरी का इंतजार कर रही है।

त्रिवेणी नगर राजावास हरमाड़ा निवासी नन्द किशोर गुप्ता 1 जुलाई 2023 को रात करीब 8 बजे घर के सभी लोग छोटे भाई के गृह प्रवेश के प्रोग्राम में ग्रीन आशियाना सनसिटी सीकर रोड पर गए थे।जब देर रात लौट कर आए तो मकान का ताला टूटा हुआ था और अंदर सामान बिखरा हुआ था। चोर अलमारी का लॉक तोड़कर दो सोने के हार, एक सोने की तगड़ी, सोने की अंगूठी, सोने की चूड़ी, कानों के टॉप्स, चांदी की पायजेब जोड़ी, चांदी के बर्तन, चांदी के सिक्के और अलमारी में रखे 7 लाख 50 हजार रुपए चुरा ले गए थे। पीड़ित का कहना है कि चोर 32 लाख रुपए के सोने चांदी के जेवर और रुपए चुरा ले गए।

एक चोरी और हो जाए फिर पकड़ में आएंगे चोर
उधर पीड़ित नंदकिशोर ने बताया कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ और डीसीपी (पश्चिम) संजीव नैन को भी ज्ञापन दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब वह थाने पहुंचे तो थानाधिकारी हिम्मत सिंह का कहना था कि एक चोरी और हो जाए, उसके बाद भी चोर पकड़े जा सकेंगे।

Rajasthan Weather forecast : जयपुर। सर्दी का असर बढ़ने के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में रविवार को न्यूनतम तामपान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से न्यूनतम तापमान फिर माइनस 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे पहले भी आबू में पारा माइनस में जा चुका है। वाहनों की छतों, खेतों में खड़ी फसलों, मैदानों, जलाशयों के किनारों, सोलर प्लेटों आदि पर रात को पड़ी ओस से बर्फ की परत जम गई। प्रदेश में 15 जगहों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री दर्ज किया गया।

चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और आस-पास के क्षेत्र पर प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब उत्तरी हरियाणा और उत्तर-हरियाणा पर स्थित है। एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के क्षेत्र पर है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को 22 दिसंबर से प्रभावित करने की संभावना है। ऐसा होने पर हिमालय में सर्दी बढ़ेगी और उसका प्रभाव प्रदेश पर भी पड़ सकता है।

सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग जयपुर के अनुसार, वर्तमान परिस्थिति के अनुसार राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क बना रहेगा। 23-24 दिसंबर के दौरान एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

जगह : न्यूनतम तापमान डिग्री सेल्सियस

माउंट आबू : माइनस एक
अलवर : 7
पिलानी एयरपोर्ट : 8.4
सीकर : 8.5
चित्तौडगढ़ : 10
डबोक : 9.2
जैसलमेर : 9.8
चूरू : 8.2
गंगानगर : 8.5
धौलपुर : 9.8
अंता बारां : 9.3
संगरिया : 6.3
जालोर : 9.3
सिरोही : 6.9
फतेहपुर : 5.4
करौली : 8.4

नैष्कर्म्यता ही ब्राह्मी स्थिति

Sunday 17 December 2023 04:47 PM UTC+00 | Tags: opinion

गीता को ब्रह्म-कर्म का शास्त्र कहते हैं। दोनों मिलकर जीवात्मा ही हैं। कर्म का आधार कामना है। फल से पुनर्जन्म होता है। जीव का मार्ग गुड़ते-गुड़ते महादेव हो जाने जैसा है। जीव ब्रह्म का अंश है, ब्रह्म के सभी गुण धारण किए रहता है। पिता वै जायते पुत्र:। न ब्रह्म कभी नष्ट होता है, न ही जीव के भीतर का आत्मा।
सृष्टि स्थूल भाव में दिखाई देती है। इसकी निश्चित अवधि भी होती है। जीव कर्मों के अनुरूप चौरासी लाख स्थूल-सूक्ष्म शरीरों में बदलता रहता है, मरता नहीं है। इसका अर्थ है सृष्टि कर्म से चलती है। कर्म के फलस्वरूप ही योनियां मिलती जाती हैं। अत: इस चक्र से बाहर निकलने का मार्ग भी कर्म में छिपा है। इस मार्ग को पहचानने, समझने एवं इसका उपयोग करने में समय लगता है, बुद्धि लगती है, ज्ञानाभिव्यक्ति होनी चाहिए। स्वतन्त्र निर्णय और कर्म करने की क्षमता भी होनी चाहिए। अत: मानव को ये सारे साधन उपलब्ध हैं। जीव ब्रह्म भाव को कैसे प्राप्त कर सकता है इस बात को समझाते हुए कृष्ण कह रहे है कि-
बुद्ध्या विशुद्धया युक्तो धृत्याऽऽत्मानं नियम्य च।
शब्दादीन् विषयांस्त्यक्त्वा रागद्वेषौ व्युदस्य च।। (गीता 18.51)
विविक्तसेवी लघ्वाशी यतवाक्कायमानस:।
ध्यानयोगपरो नित्यं वैराग्यं समुपाश्रित:।। (गीता 18.52)
अहङ्कारं बलं दर्पं कामं क्रोधं परिग्रहम्।
विमुच्य निर्मम: शान्तो ब्रह्मभूयाय कल्पते।। (गीता 18.53)
अर्थात्- विशुद्ध बुद्धि से युक्त धृति से आत्मसंयम कर शब्दादि विषयों को त्याग कर और राग-द्वेष का परित्याग कर, विविक्तसेवी (एकान्त सेवन करने वाला) लघ्वाशी (मिताहारी) जिसने अपने शरीर वाणी और मन को संयत किया है, ध्यानयोग के अभ्यास में सदैव तत्पर तथा वैराग्य पर समाश्रित, अहंकार, बल, दर्प, काम, क्रोध और परिग्रह को त्याग कर ममत्वभाव से रहित और शान्त पुरुष ब्रह्म प्राप्ति के योग्य बन जाता है।
कृष्ण यहां बता रहे हैं कि ज्ञानयोगी नैष्कर्म्य द्वारा ब्रह्म को प्राप्त हो सकता है। इसके लिए जीवनचर्या के पारिभाषिक शब्द दिए हैं जिनका आध्यात्मिक अर्थ समझाया गया है। ज्ञानयोग नैष्कर्म्य सिद्धि है। यह निष्काम कर्मयोग भी है तथा बिना क्रिया के भाव योग से सिद्धि भी है। कर्म शरीर-मन-बुद्धि से होता है। इनसे जब कर्म पैदा नहीं होता तब नैष्कर्म्य सिद्धि होती है।
योगीराज श्यामाचरण लाहिड़ी की आध्यात्मिक दीपिका में कुछ शब्दार्थ दिए हैं। विशुद्ध बुद्धि- यहां आत्मा के प्रति गहन श्रद्धा हो, आत्मा के सिवाय अन्य कुछ भासित न हो। धृति- चंचल मन को स्थिर अवस्था में प्रतिष्ठित करना। यह कार्य प्राणायाम के द्वारा, मन की वृत्तियों को अवरुद्ध करके किया जाता है। मन के साथ बुद्धि भी आत्मा में स्थिर हो जाती है। विषय त्याग- योगाभ्यास से इन्द्रिय निग्रह करना। बाहरी विषयों से सम्बन्ध विच्छेद कर लेना। किसी वस्तु के प्रति राग/विराग का न होना मन की स्थिरता में सहायक है। यही राग-द्वेष त्याग है। विविक्त सेवी- निर्जन स्थान और एकान्तवासी होना मन की स्थिरता के लिए आवश्यक है। इससे सभी प्रकार के संयम-मर्यादा का पालन भी सहज हो जाता है। अनावश्यक विषयों में भटकाव नहीं रहता। व्यक्ति स्वयं में स्थिर रह सकता है। प्राण स्थिर रहते हैं। तब भीतर-बाहर शान्त रहता है। यही असंग अवस्था है।
मिताहारी होना स्वास्थ्य की दृष्टि से तो उत्तम है ही, निद्रा-आलस्य जैसी तामसिक वृत्तियों से भी व्यक्ति को मुक्त रखता है। इसी को कबीर ने आत्माराम का, रसायन-सेवन का मार्ग बताया है। मन-वचन-काया का संयम सभी धर्मों ने अनिवार्य कहा है। शरीर को पशुभाव माना है। शरीर चूंकि पृथ्वी से निर्मित होता है और पृथ्वी के प्राण वेद विज्ञान में पशु कहे जाते हैं। अत: पृथ्वी पर स्थित सभी पार्थिव प्राणी पशु हैं। क्षणमात्र में इसमें कुछ भी परिवर्तन हो सकते हैं। मन-वचन-काया के संयम निरन्तर अभ्यास से ही संभव हैं। इससे शक्ति का संचय भी बना रहता है। योग-ध्यान-प्राणायाम से मन में उठने वाले प्रत्ययों को रोका जा सकता है। एकाग्रता बढ़ती है। जब मन में एकमात्र ब्रह्म की इच्छा रह जाती है, वही वैराग्य है। गीता में वैराग्य तीन अर्थों में स्पष्ट किया हैं- कर्मत्याग, परिग्रह त्याग तथा आसक्ति त्याग। ये तीनों त्याग ही सहज भाव में होने आवश्यक हैं। जिस प्रकार ईश्वर साक्षीभाव में सब जगह स्थित रहता हुआ भी कहीं लिप्त नहीं होता, उसी प्रकार लोक संग्रह के लिए प्रवृत्ति रहने पर भी उनमें आसक्ति का न होना ही सहज परित्याग हैं। यह सहज त्याग की स्थिति निष्काम भाव या ब्राह्मी स्थिति के कारण आती है। कृष्ण कहते हैं कि ब्राह्मी स्थिति में स्थित होकर पुरुष कभी मोहित नहीं होता और वह ब्रह्मानन्द को प्राप्त हो जाता है-
एषा ब्राह्मी स्थिति: पार्थ नैनां प्राप्य विमुह्यति।
स्थित्वाऽस्यामन्तकालेऽपि ब्रह्मनिर्वाणमृच्छति।। (गीता 2.72)
अहंकार के रहते किसी अन्य शत्रु की आवश्यकता नहीं पड़ती। अहंंकार का दायरा भी बहुत बड़ा है। जीवन के प्रत्येक आयाम के साथ अहंकार का सम्बन्ध है। शरीर-मन-बुद्धि-आत्मा के सबके अपने-अपने अहंकार होते हैं। इनमें भी कई प्रकार हैं। ज्ञान का अहंकार बहुत बड़ा है। रावण इसका उदाहरण है। यह एक प्रकार की मिथ्या दृष्टि पर आधारित है। शरीर में प्रवाहित स्थूल ज्ञान को ही व्यक्ति आत्मज्ञान मान लेता है। यही अहंकार का मूल स्वरूप है। अहंकार में विशेष प्रकार की आक्रामकता रहती है। मिथ्या श्रेष्ठता का भाव बना रहता है। अत: व्यवहार में शनै:शनै: अकेला पड़ जाता है। व्यक्ति काम-राग-द्वेष आदि में भी अपने सामर्थ्य का उपयोग करता है। सामर्थ्य ही बल है। अहंकार और बल साथ हो जाने पर मर्यादा, चाहे धर्म ही की क्यों न हो- का अतिक्रमण करने लगता है। दूसरों के प्रति तुच्छता का भाव ही गिरावट की सूचना देने वाला है।
काम-क्रोध-लोभ को तो कृष्ण ने ही नरक के द्वार कहा है। चित्त की अशुद्धि से भौतिक पदार्थों के प्रति लालसा-वासना-कामना ही काम है। कामनापूर्ति में प्रतिघात ही क्रोध है।
सङ्गात् संजायते काम: कामात्क्रोधोऽभिजायते।। (गीता 2.62)
राग या आसक्ति ही चंचलता का कारण भी है और द्वेष का भी। राग शब्द में 'रा' और 'ग' दो अक्षर हैं। 'रा' का अर्थ 'दान' तथा 'ग' का अर्थ है 'गति'। इन दोनों व्यापारों की समन्वित अवस्था ही राग हैं। यह दो वस्तुओं को आधार बनाकर ही प्रवृत्त होता है। द्वेष इसके ठीक विपरीत भाव को कहता है। निरुक्तकार के अनुसार द्वेष में दुर-एषा ये दो विभाग हैं। दुष्ट इच्छा, विपरीत इच्छा या विपरीत विषयासक्ति ही द्वेष है। राग में यदि आत्मसमर्पण करते हुए विषय के योग हैं तो द्वेष में विषय से हटते हुए विषय के साथ योग है। मन और इन्द्रिय संयम का अभाव, फल की कामना ही मन में एक प्रकार का लगाव-चिपकन पैदा करते हैं। यह लगाव या आकर्षण ही पुनर्वृत्तियों का कारण बन जाता है। इसके लिए अपरिग्रह का मार्ग श्रेष्ठ कहा गया है। अर्थात् अनावश्यक विषयों- पदार्थों का त्याग सभी धर्मों में श्रेष्ठ कहा है। जीवन में क्लेशों का प्रवेश परिग्रह से ही होता है। भले ही धर्म के नाम पर ही क्यों न हो। परिग्रह भी मिथ्या दृष्टि-लोभ-श्रेष्ठता के भाव का ही परिणाम है। शास्त्र कहते हैं कि शरीर धारण तक परिग्रह उचित है। यह संन्यास भाव है। त्याग का भाव भी है, किन्तु त्याग में भी अहंकार नहीं होना चाहिए कि 'मैंने' इसका त्याग कर दिया। अत: त्याग सहज और मन से होना चाहिए। त्याग करने पर हर्ष या शोक भी नहीं रहना चाहिए। विषय के साथ ममत्व छूट जाए। तब ही तो मन शान्त रह पाएगा। स्थिरता टिकाऊ होगी। अपने-पराए का भाव छूटेगा। यही ब्रह्म भाव की प्राप्ति है। किसी प्रकार का खेद, सन्ताप न रहे, न कोई आकांक्षा। यही उपरति (ब्रह्मभाव) कहलाती है।

क्रमश:

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जयपुर. उम्र बढ़ने के साथ-साथ आपकी प्राथमिकताएं भी बदलती हैं और आपका निवेश भी इसी के अनुरूप होना चाहिए। बुजुर्गों को आमदनी के ऐसे स्थायी ज़रिए की ज़रूरत होती है, जो उम्मीद के मुताबिक होने के साथ-साथ सुरक्षित भी हो। भारत में, अक्सर फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) को बुजुर्गों के लिए निवेश का सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। लेकिन सभी एफडी पर एक-जैसी ब्याज़ दरें नहीं मिलती हैं। बजाज फाइनैंस फिक्स्ड डिपॉजिट बुजुर्गों के लिए एक अच्छा विकल्प है।

बेहतर ब्याज़ दरें: बजाज फाइनैंस अपनी हाई इंटरेस्ट रेट (ऊंची ब्याज़ दरों) के लिए जाना जाता है, और बुजुर्गों के लिए इसके फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी ये बात लागू होती है। बजाज फाइनैंस के एफडी में निवेश करने पर आपको अधिक आमदनी होती है, जिससे आपकी जमा-पूंजी की असली कीमत मजबूत बनी रहती है।

बुजुर्गों के लिए विशेष FD योजना: बजाज फाइनैंस इस बात को समझता है कि, बुजुर्गों की ज़रूरतें भी थोड़ी अलग होती हैं। बजाज फाइनैंस फिक्स्ड डिपॉजिट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बुजुर्गों को सालाना 0.25% तक की अतिरिक्त ब्याज़ दरों की पेशकश की जाती है।

निवेश की सुविधाजनक समय-सीमा: बजाज फाइनैंस एफडी के निवेशकों को यह चुनने की सुविधा देता है कि, वे अपना पैसा कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। चाहे वे 12 महीने के छोटे समय के लिए निवेश करना चाहते हों या 60 महीने के लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हों, सभी के लिए अलग-अलग विकल्प उपलब्ध हैं। इससे निवेशकों को अपने लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निवेश करने में आसानी होती है, चाहे उन्हें पैसों की जल्द जरूरत हो या बाद में जरूरत पड़े।

स्थिर ब्याज़ दरों के साथ रिटर्न की गारंटी: बजाज फाइनैंस फिक्स्ड डिपॉजिट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसकी ब्याज़ दरें एक-जैसी बनी रहती हैं। निवेश के दूसरे तरीकों में ब्याज़ दरों में उतार-चढ़ाव हो सकता है, जबकि उनके विपरीत FDs स्थिर आमदनी का ज़रिया हैं।

बेहद भरोसेमंद और सुरक्षित: बजाज फाइनैंस फिक्स्ड डिपॉजिट पूरी तरह सुरक्षित होने की वजह से ही भारत में वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश का सबसे अच्छा विकल्प है।

सवाई मानसिंह अस्पताल के धन्वंतरि ब्लॉक में कतारों को खत्म करने के दावे महज कागजी साबित हो रहे हैं। अब हाल यह है कि कतारों में एक से डेढ़ घंटे लगने के बाद भी मरीजों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। दरअसल, ओपीडी ब्लॉक में डॉक्टर से परामर्श के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन काउंटर बने हुए हैं। अब तक अलग-अलग श्रेणी (महिला, पुरुष, दिव्यांग आदि) के अनुसार रजिस्ट्रेशन की पर्चियां बन रही थी, लेकिन अब व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत 26 काउंटरों को अलग-अलग श्रेणी की बजाय विभागों के अनुसार बांट दिया है। इस कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है धन्वंतरि ब्लॉक में प्रतिदिन 13 हजार से अधिक मरीज या उनके परिजन पर्ची बनवाने के लिए कतार में खड़े होते हैं।

 

ऐसे हो रही परेशानी

जिस विभाग की ओपीडी में मरीज को दिखाना है, अब उसके काउंटर से ही पर्ची बन रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं। जानकारी नहीं होने पर या फिर गफलत में कई मरीज दूसरे विभाग की कतार में खड़े हो जाते हैं। लंबे इंतजार के बाद जैसे ही उनका नंबर आता है तो पर्ची बनाने से इंकार कर दिया जाता है। ऐसे में मरीज या परिजन को संबंधित विभाग के काउंटर की कतार में फिर से लगना पड़ता है। इसके अलावा कुछ काउंटरों पर अधिक और कुछ पर कम भीड़ रहती है। ऐसे में मरीज कम भीड़ वाले काउंटर की कतार में खड़ा हो जाता है, लेकिन नंबर आने पर मरीज को बताया जाता है कि वह गलत काउंटर पर खड़ा है। वहीं, कम भीड़ वाले काउंटर पर रजिस्ट्रेशन करने वाला कर्मचारी खाली बैठा रहता है और अधिक भीड़ वाले काउंटर पर मरीज जूझते रहते हैं।

 

पर्ची बनवाने में लगे डेढ़ घंटे

सीकर से आए एक मरीज के परिजन ने बताया कि उसके पिता को हार्ट की दिक्कत है। रजिस्ट्रेशन के लिए हर बार की तरह इस बार भी तीन नंबर काउंटर पर कतार में लग गया। नंबर आया तब पर्ची नहीं बनाई। वहां से 9 नंबर काउंटर पर गया तब पर्ची बनी। इस पूरी प्रक्रिया में डेढ़ घंटे से अधिक समय लगा।

 

 

मरीजों की सुविधा के लिए ही यह व्यवस्था लागू की गई है। जैसे ही मरीज और परिजन को इसकी जानकारी हो जाएगी तो परेशानी कम हो जाएगी। इसके बाद भी यदि परेशानी रहती तो इस व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।
- डॉ. अचल शर्मा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल

Rajasthan BJP : राजस्थान में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों की तरह ही ज्यादातर युवा चेहरों को ही मंत्रिमंडल में मौका मिलेगा। भाजपा आलाकमान का मानना है कि मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्रियों के हम उम्र नेताओं को शामिल करने से सरकार चलाने में दिक्कत नहीं आएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल अपने दोनों उपमुख्यमंत्रियों दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के साथ रविवार को दिल्ली दौरे पर रहे। शाम को मुख्यमंत्रियों के कोरग्रुप की बैठक में मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले चेहरों पर भी मुहर लगना बताया जा रहा है। पहले चरण में मंत्रिमंडल में करीब 15 विधायकों को मौका मिल सकता है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर शाम पौने छह बजे राजस्थान कोर ग्रुप की मीटिंग शुरू हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा के साथ केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुन राम मेघवाल, राजेंद्र राठौड़ सहित प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और राज्य प्रभारी अरूण सिंह ने हिस्सा लिया। कोर ग्रुप की मीटिंग में राज्य के सभी हिस्सों और वर्गों को मंत्रिपरिषद में भागीदारी देने पर मंथन हुआ। कोर ग्रुप के सदस्यों ने अपने पसंदीदा नामों की दावेदारी में कारण भी गिनाए। सूत्रों ने बताया कि यों तो राज्य में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री बनने के बाद 27 मंत्रियों की गुंजाइश है, इनमें से करीब 15 नामों पर सहमति बनी है।

चर्चा है कि राजस्थान में कुछ विधायकों को छोड़ ज्यादातर विधायक 60 साल से कम उम्र के ही मंत्रिमंडल में शामिल करने पर सहमति बनी है। ताकि पहली बार कुर्सी पाने वाले मुख्यमंत्रियों को सरकार चलाने में दिक्कत न हो और ना ही सहयोगियों को दिशा निर्देश देने में उन्हें असहज होना पड़े। नए चेहरे रहेंगे तो उनकी नए मुख्यमंत्रियों के साथ ट्यूनिंग बैठाने में भी आसानी होगी। इन सभी पहलूओं को देखते हुए मंत्रियों की सूची को नेतृत्व ने जांच परखकर क्लियर कर दिया है। अब किसी भी दिन मंत्रियों की शपथ हो सकती है। जिस तरह से 60 साल से कम उम्र के तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने पीढ़ी परिवर्तन की शुरुआत की, उसी तर्ज पर अब नए चेहरों से लैस मंत्रिमंडल भी बनाने की चर्चा हुई है।

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बैठक से पहले राष्टपति और बड़े नेताओं की मुलाकात
शपथ लेने के बाद पहली बार दिल्ली दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और दोनों उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा ने बैठक से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व अन्य नेताओं से शिष्टाचार मुलाकात की।

इधर मंत्री बनने को विधायक लॉबिंग में जुटे
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाने के बाद जल्द मंत्रिमंडल विस्तार को देखते हुए प्रदेश के कई विधायक लॉबिंग में जुट गए हैं। इसके लिए जयपुर से दिल्ली तक दौड़ लगाई जा रही है। कुछ विधायक संघ के नेताओं से भी संपर्क साध रहे हैं ताकि वहां से मंत्री बनने के लिए सिफारिश कराई जा सके, तो कई विधायक दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बार वरिष्ठ विधायकों के साथ नए चेहरों को ज्यादा शामिल किया जा सकता है। इसमें जातिगत संतुलन रखा जाएगा, ताकि लोकसभा चुनाव में पार्टी को फायदा मिल सके। पार्टी ने जिस तरीके से पहली बार के विधायक को मुख्यमंत्री का पद दिया है इससे पार्टी के पहली बार जीतकर आए विधायकों में उत्साह है।

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इसी सप्ताह हो सकती है मंत्रियों की शपथ
मंत्रियों की शपथ इसी सप्ताह हो सकती है। इसमें बुधवार की सबसे ज्यादा संभावना है। जिस तरह से 60 साल से कम उम्र के तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने पीढ़ी परिवर्तन की शुरुआत की, उसी तर्ज पर अब नए चेहरों से लैस मंत्रिमंडल भी बनाने की चर्चा हुई है।

Rajasthan News: भाजपा सरकार ने रविवार को पिछली कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में की गई राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। इसमें विभिन्न आयोग, बोर्ड-निगम, सरकारी समितियों में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और गैर सरकारी सदस्य शामिल है। राजस्थान पत्रिका में रविवार को ही इस बारे में 'कांग्रेस का राज गया, सत्ता सुख बाकी' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद भाजपा सरकार एक्शन में आ गई और छुट्टी के दिन ही रविवार को प्रशासनिक सुधार विभाग ने ऐसी सभी नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया।

इसके साथ ही जिन विभागों में गैर सरकारी सदस्यों की सलाहकार के रूप में नियुक्ति या सेवाएं ली जा रही थी, उन्हें भी रद्द कर दिया गया है। विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसे प्रकरण जिनमें वैधानिक रूप से निरस्त किया जाना संभव नहीं है, उनकी पत्रावलियां और नियमावली मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्काल भिजवाएं।

 

70 से ज्यादा नेता किए थे नियुक्त
पिछली गहलोत सरकार ने अपने चौथे साल की शुरुआत में राजनीतिक नियुक्तियां की थी और यह सिलसिला चुनाव आचार संहिता वाले दिन तक जारी था। इनमें कांग्रेस के 70 से ज्यादा नेताओं को विभिन्न बोर्ड-आयोगों में नियुक्ति दी गई थी। इनमें कई विधायकों के अलावा पूर्व विधायक, विधानसभा का चुनाव लड़े़ नेता, वहीं कुछ रिटायर्ड अफसरों को भी चेयरमैन बनाया गया था। इसके अलावा वाइस चेयरमैन और सदस्य भी बनाए गए थे। इनमें कई नेताओं को कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री का दर्जा दिया हुआ था और ये वेतन और भत्तों की सुविधा का लाभ ले रहे थे।

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अब भाजपा सरकार करेगी राजनीतिक नियुक्तियां
अब भाजपा सरकार बाद में इन बोर्ड, निगम और आयोगों में अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करेगी। इनमें चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य बनाए जाएंगे।

 

विभागों ने रविवार को ही भेजनी शुरू की पत्रावलियां
प्रशासनिक सुधार विभाग के आदेश निकालते ही सभी विभाग हरकत में आ गए। कई विभाग छ़ुट्टी के दिन भी खुले और उन्होंने सम्बंधित पत्रावली मुख्यमंत्री कार्यालय में भेजनी भी शुरू कर दी थी।

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Jaipur Bomb Blast Case: सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर बम विस्फोट प्रकरण में एक आरोपी को घटना के दिन नाबालिग मानने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर दखल करने से इनकार कर दिया। इस मामले में हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था। साथ ही, एक आरोपी को नाबालिग मानने के किशोर न्याय बोर्ड के आदेश को सही माना, जिससे उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई योग्य माना। इस आदेश से अधीनस्थ न्यायालय में लंबित जिंदा बम मिलने का मामला भी प्रभावित होगा। ऐसे में किशोर माने गए आरोपी का मामला किशोर न्याय बोर्ड में ही सुना जा सकेगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायाधीश सुधांशु धूलिया की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका के अनुसार हाईकोर्ट ने जयपुर बम विस्फोट मामले के आरोपियों में से एक को 2008 में घटना के दिन किशोर माना। हाईकोर्ट ने इस साल मार्च में एक आरोपी को बालिग मानने के सेशन जज के आदेश को भी रद्द कर दिया था और आरोपी को किशोर घोषित करने के किशोर न्याय बोर्ड के फैसले की पुष्टि की। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि जिसे नाबालिग माना गया, वह दस्तावेजों के अनुसार घटना के दिन बालिग था। सरकारी पक्ष ने कहा कि आयु से संबंधित सरकार की ओर से पेश साक्ष्यों पर हाईकोर्ट ने विचार नहीं किया।

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यह था मामला
13 मई 2008 को जयपुर में सिलसिलेवार कई विस्फोट हुए, जिनमें 71 लोगों की मौत हो गई और 185 लोग घायल हो गए। इस मामले में आरोपियों को दोषमुक्त करने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार और पीड़ितों की ओर से दायर की गई अपीलें सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।

खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दो प्रतिशत आरक्षण देकर सरकार ने नौकरी का सपना तो दिखा दिया लेकिन खिलाड़ियों को नौकरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। मामला तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती से जुड़ा है।

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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा विभाग की ओर से पांच माह बाद भी खेल कोटे के अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। सैकड़ों अभ्यर्थियाें की नियुक्ति प्रक्रिया दस्तावेज वैरिफिकेशन के नाम पर अटकी है। आलम यह है कि शिक्षा विभाग ने करीब 41 हजार अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली है। इन अभ्यर्थियों ने स्कूलों में नौकरी भी शुरू कर दी। लेकिन बोर्ड और शिक्षा विभाग में तालमेल के अभाव में खिलाड़ी नौकरी पाने की रेस में पिछड़ रहे हैं। इससे खेल कोटे के अभ्यर्थियों में विरोध है।

महज 37 अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति क्यों
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने हाल ही खेल कोटे में 37 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी है। वहीं, शेष सैकड़़ों अभ्यर्थियों की नियुक्ति रुकी हुई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि दस्तावेज जांच प्रक्रिया सभी की एक साथ ही पूरी होेनी चाहिए, क्योंकि खेल संघों की ओर से सभी अभ्यर्थियों का एक साथ वैरिफिकेशन होता है। लेकिन बोर्ड ने कुछेक अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति की अनुशंसा की है। खो-खो खिलाड़ी अलवर निवासी रेखा जाट का कहना है कि ओलंपिक खेल हाेने के बाद भी नियुक्ति नहीं दी गई, लेकिन नॉन ओलंपिक खेलों के अभ्यर्थियों की नियुक्ति दे दी गई है।

कमेटी पर कमेटी, जांच पूरी नहीं
चयन बोर्ड ने अगस्त 2023 में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती का परिणाम जारी किया। परिणाम जारी करने के साथ ही प्रोविजनल सूची जारी की, इनमें खेल कोटे के सैकड़ों अभ्यर्थियों को भी शामिल किया। बोर्ड ने सात दिन का समय देकर दस्तावेेज कमी पूरी करने के निर्देश दिए। अभ्यर्थियों ने सात दिन में दस्तावेज की कमी पूरी कर दी। लेकिन अभी तक अभ्यर्थियों को प्रोविजनल सूची से बाहर नहीं किया। वहीं, जिला और बीकानेर निदेशालय स्तर पर दस्तावेज की जांच के लिए कमेटियां बनाई गईं। कमेटियां बनाने के बाद भी दस्तावेज जांच का काम ठंडे बस्ते में है।

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खेल संघों की ओर से प्रमाण पत्रों की जांच करवाई जा रही है। जिन अभ्यर्थियों की जांच पूरी हो गई होगी उनको नियुक्ति दे दी है। जैसे ही संघों की ओर से वैरिफिकेशन पूरा हो जाएगा नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।-संजय माथुर, सचिव, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड

सुविचार

जिस संगत में हमारा विकास न हो और न सोच शुद्ध हो.. वो संगत हमारे जीवन के लिए अनुकूल नहीं, इसलिए कहते हैं.. अच्छी संगत, अच्छा जीवन।

 

आज क्या खास

राजस्थान
- विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ सांगानेर स्टेडियम में आज सुबह 11 बजे करेंगे मुख्यमंत्री भजन लाल
- राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा आज सभी विभागों के आला अफसरों के साथ करेंगे बैठक, सरकार का विज़न रखेंगे सामने, सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में शाम 5.30 बजे बैठक प्रस्तावित

राजस्थान में नई सरकार का एक्शन प्लान बनेगा। सीएम भजनलाल शर्मा आज ब्यूरोक्रेसी की बैठक लेंगे। आज शाम 5 बजे सचिवालय में बैठक होगी। जिसमें नई सरकार की वर्किंग, योजनाओं और कार्यक्रमों का रोडमैप बनेगा। पीएम मोदी और केंद्र की योजनाओं को धरातल पर उतारने की प्लानिंग तय होगी। इस बैठक में सीएस, सभी विभागों के एसीएस, प्रमुख सचिव और सचिव शामिल होंगे। माना जा रहा है इसके बाद राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में बड़े बदलाव भी कर दिए जाएंगे।
- बहुचर्चित सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड के आरोपी शूटर्स आज पेश किए जाएंगे जयपुर एनआईए की कोर्ट में
- जयपुर स्थापना दिवस पर हैरिटेज नगर निगम की ओर से जलमहल की पाल पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन, इंडियन आइडल फेम बॉलीवुड सिंगर सवाई भाट बांधेंगे समां

- सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर के पट आज विशेष सेवा पूजा तिलक के कारण दिन में रहेंगे बंद, शाम 5 बजे फिर से खुलेंगे मंदिर के पट

 

 

देश-दुनिया

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे का दूसरा दिन आज, कई योजनाओं का करेंगे शुभारंभ
- राष्ट्रपति द्रौपदी का तीन राज्यों- पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान का दौरा आज से, पहले दिन पश्चिम बंगाल स्थित आईआईटी खड़गपुर के दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल, इसके बाद तेलंगाना के सिकंदराबाद में राष्ट्रपति निलयम में करेंगी प्रवास
- हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा का हल्लाबोल, आज कांगड़ा में विरोध प्रदर्शन के लिए उतरेंगे कार्यकर्ता
- ज्ञानवापी की तर्ज पर मथुरा की शाही ईदगाह का भी होगा एएसआई सर्वे, इलाहाबाद हाईकोर्ट आज तय करेगा सर्वे की प्रक्रिया, एडवोकेट कमिश्नर का नाम और सर्वे के दिन को लेकर तस्वीर होगी साफ़

 

खबरें आपके काम की

राजस्थान

- सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की तीन दिवसीय बैठक जयपुर में झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशन सेंटर में 5 जनवरी से, पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह, और एनएसए डोभाल भाग लेंगे
- जयपुर बम ब्लास्ट के एक आरोपी पर किशोर न्याय बोर्ड में चलेगा मुकदमा, सुप्रीम कोर्ट का हाईकोर्ट के आदेश में दखल से इनकार, राज्य सरकार को झटका
- जयपुर के करणी विहार थाना क्षेत्र में किशोरी का अपहरण कर बलात्कार, अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी पर किशोरी दूसरी मंजिल से कूदी, हालत गंभीर
- राजस्थान में सरकार बदलने के साथ ही निजी अस्पतालों ने चिरंजीवी योजना के तहत रोका गरीबों का मुफ्त इलाज, गंभीर मरीजों की जान सांसत में, भटकने को मजबूर
- शेरगढ़ से जीते भाजपा विधायक के बिगड़े बोल, अफसरों के कहा जनता की समस्याएं हल नहीं हुई तो सबके सामने मुंह पर कालिख पोत दूंगा
- बिना अनुमति दो दिन तक प्रतिबंधित सरहदी क्षेत्र तनोट में रुके दो संदिग्धों को सुरक्षा एजेंसी ने पकड़ कर सौंपा पुलिस को
- दौसा जिले के लालसोट के मंडावरी गांव में परीक्षा देकर लौट रही 8वीं की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार, बेसुध हालत में फेंक कर भाग गए बलात्कारी
- श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर के एक मकान के बाथरूम में लगे गीजर से गैस रिसाव, महिला की दम घुटने से मौत

- राजस्थान में चक्रवाती हवा के असर से और बढ़ेगी सर्दी, माउंट में पारा फिर माइनस एक डिग्री, प्रदेश के 15 स्थानों पर अब रात का तापमान 10 डिग्री के नीचे लुढ़का

 

देश-दुनिया

- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 21 दिसंबर को बुलाई सीडब्लूसी की बैठक, इंडिया गठबंधन के संबंध में फैसलों के साथ तीन राज्यों की हार पर होगा गहन मंथन
- हवा में एक साथ चार टारगेट ध्वस्त करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना, आकाश डिफेंस मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण
- गुजरात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और सौगात, सूरत में दुनिया के सबसे बड़ा कॉरपोरेट कार्यालय डायमंड बूर्स का उद्घाटन
- नागपुर में सेना के लिए गोला-बारूद बनाने वाली फैक्ट्री में विस्फोट से नौ लोगों की मौत, मृतक मजदूरों में तीन महिलाएं शामिल
- केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश, 31 जनवरी तक अपनी सम्पत्ति का खुलासा का करें आईपीएस अफसर
- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराजसिंह का अजीब बयान, हिंदू हलाल का नहीं झटके का मांस खाएं
- मुंबई बम ब्लास्ट के वांछित अंडर वर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को दिया गया जहर, कराची के अस्पताल में भर्ती
- लीबिया के तट पर एक नाव दुर्घटना में 61 प्रवासी डूबे, नाइजीरिया, गाम्बिया आदि देशों के 86 प्रवासी थे नाव में सवार
- जम्मू-कश्मीर में धारा 370 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तल्ख टिप्पणी करते हुए पीडीपी नेता मेहबूबा मुफ्ती ने कहा, फैसला खुदाई हुक्म नहीं, संघर्ष जारी रखेंगे और जो छीना गया है वो ब्याज समेत वापस लेंगे
- संयुक्त राष्ट्र ने 2024 को घोषित किया अंतरराष्ट्रीय ऊंट वर्ष, दुनिया के 90 से अधिक देशों में जीवन यापन के मुख्य आधार है ऊंट
- दक्षिण अफ्रीका में पहले वनडे में भारत ने मेजबान को 200 गेंद शेष रहते 8 विकेट से दी करारी मात, पेसर अर्शदीपसिंह और आवेश खान की आंधी में उड़े दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज

 

शिक्षा/ रोज़गार की अखबारें
- जोधपुर के जयनारायण विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री करने के लिए अब देनी होगी प्रवेश परीक्षा, एलएलबी में प्रवेश के लिए सत्र 2024-25 से लागू होगी नई व्यवस्था
- आरवीएनएल में प्रबंधक के 50 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 5 जनवरी
- स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड ने ई- 1 ग्रेड के बैकलॉग के 92 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 31 दिसंबर
- बैंक ऑफ बड़ौदा में सीनियर मैनेजर के पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 26 दिसंबर
- उत्तर-पूर्वी रेलवे में अप्रेंटिस के 1104 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 24 दिसंबर
- एम्स जम्मू में सीनियर रेजिडेंट्स समेत 129 विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 20 दिसंबर

Sukhdev Singh Gogamedi Murder Case: श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने के मामले में गिरफ्तार शूटर्स व साजिशकर्ताओं को सोमवार को रिमांड अवधि पूरी होने पर एनआईए कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में हथियार सप्लायर पूजा सैनी को रिमांड अवधि पूरी होने पर पहले ही कोर्ट में पेश किया जा चुका, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, गिरफ्तार अन्य सभी आरोपी रिमांड पर चल रहे हैं।

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गौरतलब है कि मामला एनआईए के पास अनुसंधान के लिए चला गया, लेकिन एनआईए ने इस मामले में सहयोग के लिए पुलिस मुख्यालय की एसआईटी व कमिश्नरेट के संबंधित अधिकारियों को शामिल कर रखा है। पांच दिसम्बर को गोगामेड़ी को घर में घुसकर गोली मारने के मामले में शूटर्स रोहित राठौड़ व नितिन फौजी को चंडीगढ़ से उनके एक अन्य साथी उधम सिंह के साथ पकड़ा था। वहीं, जयपुर में फायरिंग के बाद भागने में मदद करने वाले शूटर नितिन फौजी के साथी रामवीर व गुरुग्राम की जेल से भवानी सिंह उर्फ रोनी राजपूत सहित तीन आरोपियों को प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया। विदेश में बैठे रोहित गोदारा व वांटेड विरेन्द्र चारण के निर्देश पर गोगामेड़ी की हत्या करने का आरोप है।

कोटपूतली। राजस्थान में सत्ता परिवर्तन होने और नई सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पदभार ग्रहण करने के साथ ही प्रशासनिक महकमे में कई अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। इन्हें अब तबादले का डर सता रहा है। यह माना जा रहा है कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय में लम्बे समय से टिके अधिकारियों का तबादला हो सकता है।


लोकसभा चुनाव को देखते हुए संगठन स्तर पर इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई है। नव गठित कोटपूतली-बहरोड़ जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के विधायक निर्वाचित हुए हैं। विधायक भी अपने अपने क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से अधिकारियों के बारे में फीड बैक ले रहे हैं। प्रदेश में जिला स्तरीय प्रशासनिक टीम में सरकार जल्द फेरबदल कर सकती है। कांग्रेस के शासन में उपेक्षित रहे भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि नई सरकार में अब नई टीम फ्रंट पर आएगी और कांग्रेस सरकार में जो अधिकारी कार्यरत थे, उन्हें कहीं और भेजा जा सकता है।

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कई अधिकारियों ने तो रंग बदलते हुए भाजपा के नव निर्वाचित विधायकों से सम्पर्क साधना शुरू कर दिया है। मुलाकात में उनके प्रति निष्ठा जता रह हैं। आगामी लोकसभा चुनाव के चलते 20 दिसम्बर से मतदाता सूची का कार्य शुरू होना है। इसके बाद जिला कलक्टर व बूथ लेवल अधिकारियों को नहीं हटाया जा सकता। ऐसे में जल्द परिवर्तन होना तय माना जा रहा है।

राजस्थान के मनोहरपुर कस्बे में इन दिनों बंदरों ने आमजन को कमरों में कैद कर के रख दिया हैं। जिस मकान में मात्र एक या दो व्यक्ति हैं। ये इनको धता बताते हुए उस घर में ये दिन में ही नही रात में भी अपना डेरा जमा लेते है और मौका मिलते ही सामान पार कर ले जाते हैं। वर्तमान में पतंगबाजी के शौकीन अपनी पतंग को लेकर जैसे ही उसे ऊपर चढ़ाते हैं। इन बंदरों की टोली को देखकर दहशत में आ जाते हैं जिसके चलते कई बच्चे छत से गिरकर चोटिल हो चुके हैं।

इनके आतंक से त्रस्त लोग छतों पर जाने से भी कतराने लगे हैं। हालांकि नगरपालिका प्रशासन ने जनवरी माह में बंदर पकड़वाए थे। किंतु ठेकेदार ने कुछ जगहों से बंदर पकड़े। इसके बाद उसने बंदर पकड़ना बंद कर। दिया। अब कस्बे के सभी मोहल्लेबासी इनके आतंक के साए में जी रहे हैं। इनसे परेशान आमजन नगर पालिका प्रशासन से बार-बार इन बंदरों से पकड़वाने की लगातार मांग कर रहा है। किंतु अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया हैं।

निरंतर कस्बे में बढ़ रही बंदरों की संख्या के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं। सरकारी चिकित्सालय से प्राप्त आंकड़ों पर नजर डालें तो जानकारी मिलती है कि अमूमन प्रतिदिन दो से तीन मरीजों को रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार रावधीर सिंह कॉलोनी, सब्जी मंडी, इंद्रा कॉलोनी, गांधी चौक , वामनदेव जी महल्ला, पंचमुखी हनुमान कॉलोनी, जुगल जी मोहल्ला, बाबा साहब का बाजार, छीपा मोहल्ला, मेडवालों का मोहल्ला, शिव कॉलोनी, बंगाली मोहल्ला , बस स्टैंड, कुमावतों का मोहल्ला में इनका ज्यादा आतंक रहता है। कस्बे के प्रत्येक गली मोहल्ले में इन बंदरों की अलग-अलग करीब 20 से 25 टोलियां है । प्रत्येक टोली में करीब 15 से 40 बंदर है। ये बंदर अब इंसानों की तरह ही रास्ते को रोककर खड़े हो जाते हैं। इससे इस रास्तों व गलियों से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। जिस टोली में छोटे बंदर ज्यादा है। उनको भगाने पर वह जोर जोर से चीखने लगता हैं।

ऐसे में वहां उनको बचाने के लिए अन्य बड़े बंदर गुस्से में होकर बड़े ही खतरनाक तरीके से हमला करते है। फ्रीज को खोलकर फल, सब्जी सहित अन्य खाने के सामान को लेकर चले जाते हैं। कई बार चावल, दाल, चीनी जैसे सामान को फैला जाते हैं। बंदरों के डर से गलियों में, छतों पर बच्चे नहीं खेलते हैं। छतों पर बैठकर धूप सेकना व कपडा सुखाना भी अब कठिन कार्य प्रतीत हो रहा है। बंदर छतों पर सूखने वाले कपड़े को फाड़ देते हैं। वही कई बार ले जाते हैं।

2 से 3 केस रोज आते हैं
मनोहरपुर सीएचसी के करीब साढ़े 8 माह के आंकड़ों पर नजर डाले तो ज्ञात होता हैं कि प्रतिदिन रेबीज के इंजेक्शन लगाने के लिए करीब दो से तीन व्यक्ति पहुंच रहे हैं। वहीं बहुत से व्यक्ति अन्य निजी चिकित्सालय व मेडिकल से भी रेबीज का टीका प्राप्त कर उपचारित हो रहे हैं। वहीं कुछ मरीज सीधे एसएमएस अस्पताल से भी इलाज के लिए पहुंचे हैं। जिन्हें बंदरों ने काटा हुआ है। डॉ. एल.एन सैनी ने बताया कि रेबीज के इंजेक्शन श्वान व बंदरों को लगाए जाते हैं। इनमें से अधिकांश रेबीज के टीके बंदरों के काटे हुए के लगाए गए हैं।

आमजन की जेब पर भारी
बंदरों की बड़ी संख्या में मौजूदगी आमजन की जेब पर भारी पड़ रही हैं। खुले मकान वालों को सामान पार होने व काटने पर इलाज करवाने का खर्च वहन करना पड़ रहा हैं। वही अन्य लोग बंदरों से बचने के लिए लोग हजारों रुपए खर्च कर लोहे के जाल लगवा रहे हैं। बंदर हर रोज किसी वार्ड में बच्चों, बुजुर्गों, राहगीरों, महिलाओं को काट रहे हैं। वार्डों के लोगों ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन को चाहिए कि वह बंदरों को पकड़वा कर इनके आतंक से छुटकारा दिलाए।

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इनका कहना है...
बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाएं जाएंगे। आमजन को बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाएगी।

सुनीता प्रजापत , पालिकाध्यक्ष, नगर पालिका मनोहरपुर

करणी विहार थाना इलाके में अपहरण कर किशोरी से बलात्कार करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने किशोरी का अश्लील वीडियो भी बना लिया और वायरल करने की धमकी देने लगा। बदनामी के डर से किशोरी ने शुक्रवार रात को घर की दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। घायल पीड़िता का गंभीर हालत में एसएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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घटना के बाद किशोरी के पिता ने आरोपी के खिलाफ अपहरण कर बलात्कार करने का शनिवार रात को मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर शनिवार देर रात को धाबास निवासी आरोपी इंद्र सिंह उर्फ पल्ली को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

थानाधिकारी लिखमाराम ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी किशोरी के घर के पास रहता है। उसने बहला-फुसलाकर किशोरी का आठ दिसंबर को अपहरण कर लिया। इसके बाद किशोरी से बलात्कार किया। इस दौरान अश्लील वीडियो बना लिया। किसी तरह किशोरी 13 दिसंबर को आरोपी से बच कर घर पर आ गई और परिजन को जानकारी दी।

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बार-बार कॉल कर रहा था आरोपी
पुलिस ने बताया कि आरोपी 14 दिसंबर से किशोरी से मिलने के लिए बार-बार कॉल कर रहा था। किशोरी के इनकार करने पर आरोपी ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। बदनामी के डर से किशोरी ने 15 दिसंबर को घर की दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। मामले में किशोरी और आरोपी के मोबाइल जब्त कर लिए हैं।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली दवा बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. ये फैक्ट्री त्वचा की बीमारी के लिए इस्तेमाल होने वाली क्रीम 'बेटनोवेट-एन' की नकल कर रही थी. पुलिस ने 2,200 भरी ट्यूब और 68,000 खाली ट्यूब जब्त की हैं, साथ ही इस काम के सरगना अवन मोंगा को भी गिरफ्तार कर लिया है.

'बेटनोवेट-एन' ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन (GSK) कंपनी की एक असली क्रीम है. पिछले कुछ महीनों से पुलिस को सूचना मिल रही थी कि दिल्ली में कुछ लोग नकली कॉस्मेटिक और दवाइयां बना रहे हैं.

पुलिस ने गुलाबी बाग इलाके में छापा मारा और वहां से नकली क्रीम बनाने का पूरा सामान बरामद किया. खाली ट्यूब, भरी ट्यूब, कच्चा माल और भारी मशीनें सब कुछ मिलीं.

पकड़े गए अवन मोंगा ने बताया कि वो ये काम पिछले एक साल से कर रहा था. वो असली क्रीम की पैकिंग और ट्यूब बाहरी दिल्ली के एक प्रिंटिंग प्रेस से लाता था और फिर उसी में नकली क्रीम भरकर बेचता था.

पुलिस अब इस धंधे में शामिल बाकी लोगों को पकड़ने की कोशिश कर रही है.

नकली बेटनोवेट-एन या कोई नकली स्किन क्रीम लगाने से स्किन को कई नुकसान हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

त्वचा का संक्रमण: नकली बेटनोवेट-एन में अक्सर बैक्टीरिया या अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं, जो त्वचा में संक्रमण का कारण बन सकते हैं.
त्वचा की सूजन: नकली बेटनोवेट-एन में मौजूद हानिकारक पदार्थ त्वचा की सूजन का कारण बन सकते हैं.
त्वचा का लाल होना: नकली बेटनोवेट-एन में मौजूद हानिकारक पदार्थ त्वचा को लाल कर सकते हैं.
त्वचा का खुजली होना: नकली बेटनोवेट-एन में मौजूद हानिकारक पदार्थ त्वचा को खुजली कर सकते हैं.
त्वचा का जलना: नकली बेटनोवेट-एन में मौजूद हानिकारक पदार्थ त्वचा को जल सकते हैं.
त्वचा का रंग बदलना: नकली बेटनोवेट-एन में मौजूद हानिकारक पदार्थ त्वचा के रंग को बदल सकते हैं.
अधिक गंभीर मामलों में, नकली बेटनोवेट-एन लगाने से त्वचा के कैंसर का भी खतरा बढ़ सकता है.

यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं जिनसे आप नकली बेटनोवेट-एन से बच सकते हैं:

- बेटनोवेट-एन हमेशा किसी विश्वसनीय स्रोत से खरीदें.
- बेटनोवेट-एन की ट्यूब पर उत्पाद का नाम, निर्माण की तारीख और समाप्ति तिथि की जांच करें.
- बेटनोवेट-एन की ट्यूब को अच्छी तरह से देखें. यदि ट्यूब क्षतिग्रस्त या खराब दिखती है, तो इसे न खरीदें.
- बेटनोवेट-एन की ट्यूब की कीमत को अन्य स्रोतों से तुलना करें. यदि कीमत बहुत कम है, तो यह नकली होने का संकेत हो सकता है.
यदि आपके पास संदेह है कि आपने नकली बेटनोवेट-एन खरीदा है, तो इसे तुरंत फेंक दें और अपने डॉक्टर से सलाह लें.

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New Trend in Jaipur: राजधानी जयपुर में कुछ दंपती पंडितों से शुभ मुहूर्त निकलवाकर सिजेरियन डिलीवरी करा रहे हैं, ताकि बच्चे की अच्छी कुंडली बन सके। शहर के निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 15 में से 6 केस इस तरह के आ रहे हैं। शहरी लोगों में यह ट्रेंड ज्यादा देखने को मिल रहा है। हालांकि इस तरह की डिलीवरी मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। आमतौर पर डॉक्टर विशेष परिस्थितियों में ही सिजेरियन डिलीवरी का विकल्प चुनते हैं, लेकिन लोगों में शुभ मुहूर्त में सिजेरियन डिलीवरी कराने की चाह इतनी बढ़ गई है कि डॉक्टरों को दंपती और उनके परिवार की काउंसलिंग करनी पड़ रही है। वहीं, विशेषज्ञ इस तरह की डिलीवरी को प्रकृति के नियम विरुद्ध बता रहे हैं।


सामान्य प्रसव महिला और बच्चे के लिए बेहतर
सामान्य प्रसव महिला और बच्चे के लिए बेहतर होता है। इससे लंग कम्प्रेशन अच्छा होता है, बच्चे को ऑक्सीजन भरपूर मिलती है। जबकि सिजेरियन डिलीवरी में लंग कम्प्रेशन नहीं हो पाता है।


पिछले कुछ वर्षों में लगभग 20 से 30 प्रतिशत सिजेरियन डिलीवरी की मांग बढ़ी है। आजकल दंपती सिजेरियन को प्राथमिकता देते हैं। सामान्य प्रसव के लिए हम मरीज और उनके घरवालों की काउंसलिंग करते हैं।
डॉ. शालिनी राठौड, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, महिला चिकित्सालय

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राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में भी मुहूर्त के अनुसार सिजेरियन डिलीवरी करवाने के लिए 3 से 4 चार केस आ रहे हैं। लेकिन हम सामान्य प्रसव की ही सलाह देते हैं। डिलीवरी संबंधी जटिलताएं होने पर ही सर्जरी की जाती है।
डॉ. पूनम चौधरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान


शुभ मुहूर्त देखकर समय से पहले या बाद में प्रसव करवाना सही नहीं है। यह प्रकृति के नियमों के विरुद्ध है। जो जन्म प्राकृतिक रूप से होता है, उसी में ग्रहों का सही प्रभाव दिखता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश भारद्वाज

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दुनिया भर में 93 करोड़ से ज्यादा यूज़र वाले लिंक्डइन जैसे प्रोफेशनल सोशल नेटवर्किंग साइट्स, आपके मन में आत्म-संदेह ला सकते हैं, ऐसा एक नए शोध से पता चला है।

एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि लिंक्डइन पर आने वाले "इंपोस्टर सिंड्रोम" और "पकड़े जाने" का डर, बेचैनी और डिप्रेशन की वजह बन सकते हैं।

शोध में सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि लिंक्डइन पर एक्टिव रहने का सीधा संबंध इंपोस्टर सिंड्रोम से है। जहां लोगों को अपने कामयाबियों के बावजूद भी खुद में कमतर महसूस होता है। ये अहसास तब भी होता है जब वे दूसरों के पोस्ट्स पढ़ते हैं या खुद अपनी उपलब्धियां शेयर करते हैं।

डॉ. बेन मार्डर, यूनिवर्सिटी की बिजनेस स्कूल से, कहते हैं, "लिंक्डइन के न्यूज़फीड को देखने या खुद अपनी सफलता पोस्ट करने से भी आपकी प्रोफेशनल पहचान पर सवाल उठ सकते हैं, जो इंपोस्टर सिंड्रोम को बढ़ा सकता है।"

उन्होंने आगे कहा, "हमारा शोध बताता है कि सोशल मीडिया का नकारात्मक प्रभाव सिर्फ दूसरों से तुलना करने से नहीं होता, बल्कि इस सोच से भी होता है कि दूसरे हमें खुद से ज्यादा काबिल समझते हैं।"

शोधकर्ताओं ने 506 लोगों पर लिंक्डइन के प्रभाव का अध्ययन किया। सभी प्रतिभागी कम से कम स्नातक थे और उनकी औसत आयु 36 साल थी।

शोधकर्ताओं ने दो तरीकों से लिंक्डइन के प्रभाव का परीक्षण किया। एक, दूसरों के पोस्ट पढ़ने के बाद कैसा महसूस होता है और दूसरा, अपनी सफलताएं पोस्ट करने के बाद कैसा महसूस होता है।

ऑनलाइन प्रयोग में पाया गया कि दूसरों के पोस्ट पढ़ने से इंपोस्टर सिंड्रोम का अनुभव थोड़ा ज़रूर बढ़ता है, जबकि पोस्ट न पढ़ने पर ऐसा कम होता है।

शोध में यह भी पाया गया कि लिंक्डइन पर पोस्ट करने का सीधा संबंध इंपोस्टर सिंड्रोम से है, भले ही अन्य संभावित प्रभावों को नियंत्रित करने के बाद भी।

शोधकर्ताओं का कहना है कि भले ही ये साइट्स कैरियर एडवांसमेंट, प्रोफेशनल कनेक्शन और इंडस्ट्री-रिलेटेड ज्ञान देते हैं, लेकिन उनका एक नकारात्मक पहलू भी है।

यह जानना कि इंपोस्टर सिंड्रोम प्रोफेशनल्स में आम है, कर्मचारी विकास योजनाओं को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कर्मचारियों को यह जानकर कि दूसरे भी उनसे मिलते-जुलते अनुभव करते हैं, उनके नकारात्मक भाव कम हो सकते हैं।

मुख्य बातें:

लिंक्डइन का इस्तेमाल impostor syndrome को बढ़ा सकता है।
दूसरों के पोस्ट पढ़ने और खुद की उपलब्धियां पोस्ट करने से ये खतरा बढ़ता है।
impostor syndrome के आम होने का पता चलने से कर्मचारी विकास में मदद मिल सकती है।

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IMD Rain Alert: सर्दी का असर बढ़ने के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में रविवार को न्यूनतम तामपान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से न्यूनतम तापमान फिर माइनस 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे पहले भी आबू में पारा माइनस में जा चुका है। वाहनों की छतों, खेतों में खड़ी फसलों, मैदानों, जलाशयों के किनारों, सोलर प्लेटों आदि पर रात को पड़ी ओस से बर्फ की परत जम गई। प्रदेश में 15 जगहों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग जयपुर के अनुसार, वर्तमान परिस्थिति के अनुसार राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क बना रहेगा।

23-24 दिसंबर को सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
23-24 दिसंबर के दौरान एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश के भी आसार रहेंगे।
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चक्रवाती हवा के असर से प्रदेश में बढ़ेगी सर्दी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और आस-पास के क्षेत्र पर प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब उत्तरी हरियाणा पर स्थित है। एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आस-पास के क्षेत्र पर है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को 22 दिसंबर से प्रभावित करने की संभावना है। ऐसा होने पर हिमालय में सर्दी बढ़ेगी और उसका प्रभाव प्रदेश पर भी पड़ सकता है।

जयपुर। प्रदेश में धीमी रफ्तार से सर्दी जोर पकड़ रही है। पौष माह शुरू होने में अभी करीब दस दिन का वक्त है लेकिन उससे पहले चक्रवाती हवा के असर से प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की सर्दी अब महसूस होने लगी है। माउंट आबू में बीती रात पारा जमाव बिंदू से नीचे जमा रहा। 13 जिलों में बीती रात पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया जबकि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले आज सुबह घने कोहरे के आगोश में लिपटे रहे। शेखावाटी अंचल में लगातार कड़ाके की सर्दी का जोर बना रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में मौसम शुष्क रहने और रात के तापमान में उतार चढ़ाव बने रहने का पूर्वानुमान जताया है।

शेखावाटी अंचल कड़ाके की सर्दी की चपेट में
प्रदेश में शेखावाटी अंचल में सर्वाधिक तेज सर्दी का जोर रहा है। बीती रात सीकर जिले में पारा दो डिग्री लुढ़कने पर गलनवाली सर्दी का जोर बढ़ गया। सीकर शहर में आज न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मैदानी इलाकों में फतेहपुर कस्बा सबसे सर्द रहा। कस्बे में कुषि अनुसंधान केंद्र पर न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ।

13 जिलों में पारा 10 डिग्री से कम
प्रदेश के 13 जिलों में बीती रात पारा 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर ठहरा रहा। बीती रात पारे में दो तीन डिग्री तक गिरावट भी दर्ज की गई। हनुमानगढ़ के संगरिया में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री रहा। अलवर 6.8, चूरू 6.4, पिलानी 7.0, सिरोही 7.6, श्रीगंगानगर 7.7, करौली 8.8, भीलवाड़ा और डबोक में बीती रात पारा 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हाड़ौती- मारवाड़ में सर्दी के तेवर नर्म
हाड़ौती और मारवाड़ अंचल में मौसम शुष्क रहने पर अब भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज हो रहा है। जोधपुर शहर में बीती रात पारा 13.8 डिग्री रहा। फलोदी 13.2, जालोर 11.7, जैसलमेर 10.2, धौलपर 11.1, डूंगरपुर 12.1, चित्तौड़ 10.0, अजमेर 12.8, कोटा 11.6 और जयपुर शहर में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

जयपुर। राजस्थान के मंत्रिमंडल गठन को लेकर कवायद तेज है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो दिन से दिल्ली में ही डेरा डाले हुए हैं। वे रविवार को अचानक दिल्ली गए थे। वहां नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात हुई थी। पहले उनके रविवार देर रात तक वापस लौटने की उम्मीद थी। लेकिन अब वे सोमवार को भी दिल्ली में ही रहेंगे। ऐसे में अब ये अटकलें तेज हो गई हैं कि वे मंत्रिमण्डल की लिस्ट लेकर ही जयपुर लौटेंगे।
इधर नए मंत्रिमण्डल की उम्मीद लगाए विधायकों की धडक़नें भी तेज हो गई हैं। जिस तरह से पहली बार जीते विधायक को मुख्यमंत्री बनाकर आलाकमान ने चौंकाया था,ऐसे में नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर इस बार नए व पुराने सभी विधायक उम्मीद लगाए हुए हैं।

क्या पूरे बनेंगे 27 मंत्री
राज्य में मंत्रिमण्डल में तीस मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब तक मुख्यमंत्री व दो उपमुख्यमंत्री बन चुके हैं। अब ऐसे में 27 मंत्री और बनाए जाएंगे। चर्चा है कि नए मंत्रिमण्डल में एक साथ 27 मंत्री बनाए जाएंगे या फिर इसका धीरे-धीरे विस्तार किया जाएगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि मंत्रिमंडल विस्तार दो चरणों में किया जा सकता है।

चौंका सकते हैं मंत्रिमण्डल के नाम
जिस तरह से भाजपा ने तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री के नामों को लेकर चौंका दिया था। इसी तरह अब ये भी चर्चा चल पड़ी है कि मंत्रिमण्डल में नए नाम आ सकते हैं। इनमें नए-पुराने विधायकों को मौका मिलेगा।

इधर एक्शन में सरकार
नए मुख्यमंत्री पूरी तरह एक्शन मूड में नजर आ रहे हैं। पिछले 48 घंटे में कई एक्शन लिए हैं। इनमें पेपर लीक रोकने के लिए एसआईटी का गठन, एंटी गैंगस्टर्स टास्क फोर्स गठन, सीएमओ के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को एपीओ किया। इसके अलावा सभी बोर्ड व निगमों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को हटाया जाने के निर्णय प्रमुख हैं।

जाति व क्षेत्र पर भी रहेगा फोकस
नए मंत्रिमण्डल में जाति व क्षेत्र पर भी फोकस किया जाएगा। इसके अलावा महिला वर्ग को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री व दोनों उपमुख्यमंत्री जयपुर जिले हैं। जिले में इस बार 12 विधायक भाजपा से जीते हैं। इनमें से तीन विधायकों को मंत्री पद मिल चुका है। ऐसे में शेष नौ की संभावना कम ही नजर आ रही है। पूरे राजस्थान को साधना और जाति फैक्टर के आधार पर मंत्री बनाए जाएंगे।

महिलाओं को और मिलेगा मौका
इस बार बीस महिलाएं विधायक बनी हैं। इनमें नौ भाजपा व नौ कांग्रेस व दो निर्दलीय जीती हैं। भाजपा की नौ महिला विधायकों में से एक दीया कुमारी को तो उपमुख्यमंत्री बनाया जा चुका है। ऐसे में शेष आठ महिला विधायक भी उम्मीद लगाए हुए हैं,उनमें से किसी एक या दो को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सके। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय अक्सर किसी महिला को ही मिलता है। कांग्रेस सरकार में ममता भूपेश के पास था तो पिछली सरकार में यह अनिता भदेल के पास रहा था। ऐसे में दीया कुमारी को यह मंत्रालय नहीं मिलता है तो किसी एक और महिला को मंत्री बनाकर इस मंत्रालय दिया जा सकता है।

एक नया शोध बताता है कि कोविड-19 होने पर अल्जाइमर के मरीजों को ज्यादा खतरा हो सकता है। इस शोध में पाया गया कि अल्जाइमर के मरीजों में नाक की कोशिकाओं में कुछ बदलाव होते हैं, जो SARS-CoV-2 वायरस को फैलने में मदद कर सकते हैं।

आपको याद होगा, कोविड-19 में अक्सर नाक बंद हो जाती है और सूंघने की शक्ति कम हो जाती है। अल्जाइमर के मरीजों में भी नाक सूंघने की शक्ति कम होती है।

शोधकर्ताओं ने इसीलिए नाक की कोशिकाओं का अध्ययन किया कि यह समझ सकें कि कोविड-19 और अल्जाइमर का आपस में क्या संबंध है। उन्होंने पाया कि हालांकि स्वस्थ लोगों और अल्जाइमर के मरीजों की कोशिकाएं वायरस से उतनी ही आसानी से संक्रमित होती हैं, लेकिन संक्रमण के बाद मरीजों की कोशिकाओं में कुछ बदलाव होते हैं।

अल्जाइमर के मरीजों की कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है, इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया अलग होती है, और सूंघने से जुड़े जीनों में भी बदलाव आते हैं। ये बदलाव शायद यही कारण हैं कि अल्जाइमर के मरीजों को कोविड-19 होने पर ज्यादा खतरा होता है।

शोधकर्ताओं को उम्मीद थी कि अल्जाइमर रोग से ग्रस्त लोगों के कोशिकाओं पर वायरस का हमला ज्यादा आसानी से होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, जब वायरस ने कोशिकाओं को संक्रमित किया, तो अल्जाइमर रोग से ग्रस्त लोगों के कोशिकाओं में जीन की गतिविधि अलग तरह की पाई गई। इन कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा हुआ था, प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया अलग थी और सूंघने की क्षमता से जुड़े जीनों में भी काफी बदलाव देखे गए।

यह शोध इस बात की ओर इशारा करता है कि अल्जाइमर रोग से ग्रस्त लोगों को कोविड-19 का ज्यादा खतरा हो सकता है, क्योंकि उनकी सूंघने की क्षमता से जुड़े कोशिकाओं में पहले से ही सूजन होती है।

यह शोध भविष्य में अल्जाइमर के मरीजों के लिए बेहतर उपचार खोजने में मदद कर सकता है।

कुछ महत्वपूर्ण बातें:

अल्जाइमर के मरीजों को कोविड-19 होने पर ज्यादा खतरा हो सकता है।
नाक की कोशिकाओं में बदलाव इस खतरे का कारण हो सकते हैं।
शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि यह खोज भविष्य में बेहतर उपचार खोजने में मदद करेगी।

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जयपुर। शहर में पानी के अवैध कनेक्शनों के खिलाफ जलदाय विभाग का आज से विशेष अभियान शुरू हो रहा है। हालांकि अभी 15 दिन तक अभियान के तहत लोगों से समझाइश की जाएगी। इसके बाद कनेक्शन नहीं लेकर अवैध तरीके से पानी चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पानी के अवैध कनेक्शनों को हटाने के साथ लोगों को पाबंद भी किया जाएगा। एक बार हटाने के बाद दुबारा अवैध नल कनेक्शन किया तो एफआईआर दर्ज होगी।

जलदाय विभाग के अधिकारियों की मानें तो शहर में अवैध कनेक्शनों के चलते लाखों लीटर पानी 'बर्बाद' हो रहा है। इसे रोकने और लोगों को पानी कनेक्शन जारी करने के लिए विभाग ने अवैध कनेक्शनों को चिह्नित करने का काम शुरू कर रखा है। इसके साथ ही आज से पानी के अवैध कनेक्शन हटाने का काम भी शुरू कर दिया है।

डिवीजन पर एक—एक विशेष टीम
जलदाय विभाग ने हर डिवीजन पर एक—एक विशेष टीम बनाई है यानी आठ डिवीजनों में 8 विशेष टीमें बनाई गई है। प्रथम चरण में यह टीम अवैध कनेक्शनों को हटाने और लोगों को पानी के कनेक्शन लेने के लिए समझाइश कर रही है। इस दौरान अवैध कनेक्शनों को हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि जिन लोगों ने पानी के कनेक्शन के लिए आवदेन कर रखा है, उनके कनेक्शन नहीं हटाए जाएंगे।

सर्वे कार्य भी रहेगा जारी
जलदाय विभाग ने राजधानी में सभी डिवीजनों से पानी के अवैध कनेक्शनों की रिर्पोट तैयार करवाई जा रही है। इसके लिए सभी डिवीजनों में सर्वे कार्य चल रहा है। इसमें सभी डिवीजनों में इंजीनियर्स घर—घर अवैध कनेक्शन की सूची तैयार करने में लगे हुए है। यह सर्वे कार्य अभियान के दौरान भी जारी रहेगा।

अभियान के दौरान यहां फोकस
अभियान के दौरान जलदाय विभाग का मुख्य फोकस शहर के खोहनागोरियान, जगतपुरा, आमेर व जामड़ोली क्षेत्र के अलावा पृथ्वीराज नगर आदि में रहेगा। इन क्षेत्रों को हाल ही में बीसलपुर पेयजल प्रोजेक्ट से जोड़ा गया है। यहां बीसलपुर पानी पहुंचने से लोगों ने बड़ी संख्या में अवैध नल कनेक्शन कर लिए है, जिससे लाखों लीटर पानी चोरी हो रहा हैै। इससे शहर में पानी की किल्लत बनी हुई है। विभाग को राजस्व का चूना भी लग रहा है।

 

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घर बैठे करें ऑनलाइन आवेदन
जलदाय विभाग के जयपुर क्षेत्र द्वितीय के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ का कहना है कि पानी के अवैध कनेक्शन करने वालों से समझाइश कर रहे है। इसके साथ ही पानी के कनेक्शन जारी करने के लिए सभी एईएन को निर्देश जारी कर रखे हैं, लोग भी ऑनलाइन आवेदन कर पानी के कनेक्शन ले सकते है। जिन लोगों ने आवेदन कर रखा है, उनके कनेक्शन नहीं हटाए जाएंगे। बाकि कनेक्शन हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

जयपुर। केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन—जन तक पहुंचाने के लिए विकसित भारत संकल्प यात्रा (शहरी अभियान) का आज आगाज हो रहा है। ग्रेटर नगर निगम की ओर से सांगानेर स्टेडियम में इसे लेकर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर सांगानेर स्टेडियम में दोपहर 12 बजे विकसित भारत संकल्प यात्रा (शहरी अभियान) का आगाज कर रहे है।

वहीं हैरिटेज निगम की ओर से सुबह शास्त्री नगर के सिविल लाइन जोन के सामने शिव पार्क में कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, जिसमें मेयर मुनेश गुर्जर सहित विधायक व जनप्रतिनिधि कार्यक्रम का शुभारंभ कर रहे है।

आज दो जगह शिविर
विकसित भारत संकल्प यात्रा शहरी अभियान के तहत ग्रेटर निगम के सातों जोनों में कैम्प लगाए जाएंगे। एक दिन में दो कैम्पों का आयोजन होगा। कैम्प का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। पहले दिन सांगानेर स्टेडियम व सामुदायिक केन्द्र हल्दीघाटी गेट पर शिविर लगाया जाएगा। वहीं 19 दिसम्बर को सामुदायिक केन्द्र सांगानेर जोन, पार्षद कार्यालय वार्ड नं. 89 में शिविर लगेगा। मेयर सौम्या गुर्जर ने बताया कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का उद्देश्य पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। यह यात्रा आमजन मानस तक केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिये शुरू की गई है। अभियान में अंतिम पात्र व्यक्ति तक केन्द्र सरकार की योजना का लाभ पहुंचे यह सुनिश्चित किया जाएगा।

हैरिटेज निगम का शिव पार्क में कार्यक्रम
विकसित भारत संकल्प यात्रा-2023 के तहत हैरिटेज नगर निगम की ओर से सुबह 11 बजे शास्त्री नगर के सिविल लाइन जोन के सामने शिव पार्क में स्वागत तथा शिवरों का आगाज किया जाएगा। हैरिटेज निगम आयुक्त राजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि यात्रा का स्वागत सांसद रामचरण बोहरा, विधायक गोपाल शर्मा, महापौर मुनेश गुर्जर तथा उपमहापौर असलम फारूकी सहित कई जनप्रतिनिधि करेंगे। विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत 18 दिसंबर से 13 जनवरी तक प्रतिदिन दो शिविर आयोजित किए जाएंगे।

 

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कैम्पों में ये होगा काम
इन कैम्पों में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, पीएम स्वनिधि योेजना, आधार अपडेशन संबंधी योजनाओं का काम होगा। मौके पर ही लाभार्थीयों का पंजीयन किया जाएगा और योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। शिविर स्थल पर हेल्थ चेकअप कैंप भी लगाया जाएगा। इस के साथ केन्द्र सरकार की ओर से भिजवाई गई वैन कैम्प स्थल पर पहुंचकर आईईसी के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेगी।

 

मुख्यमंत्री भजन लाल आज दूसरे दिन भी दिल्ली प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों से मुलाक़ात की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद भजनलाल का ये 'शिष्टाचार' मेल-मुलाकातों का दौर है। दिल्ली प्रवास के पहले दिन मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात की। हालांकि प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे पर होने के कारण उनसे मुलाक़ात नहीं हो सकी।

 

दो दिन, दूसरी मुलाक़ात

सीएम भजनलाल शर्मा के दिल्ली प्रवास के दौरान शिष्टाचार मुलाकातों में से सबसे ख़ास रहा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से दो दिन के भीतर दूसरी बार मुलाक़ात। सीएम भजनलाल ने जहां रविवार देर शाम बिरला के आवास पहुंचकर उनसे मुलाक़ात की थी, वहीं आज सुबह भी वे उनसे मिलने फिर बिरला आवास पहुंचे। इस दौरान मुखयमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेम चाँद बैरवा और दिया कुमारी भी साथ रहे।

 

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जोधपुर हाउस पर बढ़ी रहीं हलचलें

दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा जोधपुर हाउस में रुके रहे। यही कारण रहा कि उनसे मिलने वालों का वहां तांता लगा रहा। कई नेताओं और अधिकारियों ने उनसे वहां मुलाक़ात की। उनसे मिलने वालों में सीनियर विधायक डॉ किरोड़ी लाल मीणा से लेकर राजस्थान पुलिस के डीजी साइबर क्राइम रवि प्रकाश और आईएएस अधिकारी शुभ्रा सिंह ने जैसे नेता-अफसर शामिल रहे। इन सभी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें नई ज़िम्मेदारी संभालने की बधाई दी।

 

शपथ ग्रहण में नहीं पहुंचे थे बिरला

संसद में जारी शीतकालीन सत्र के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 15 दिसंबर को जयपुर में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो सके थे। हालांकि बिरला ने वर्चुअल माध्यमों से भजनलाल को मुख्यमंत्री और दिया कुमारी व प्रेम चंद बैरवा को उप मुख्यमंत्री का ज़िम्मा संभालने को लेकर शुभकामनाएं ज़रूर दी थीं।

 

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सीएम-स्पीकर का एक कनेक्शन ये भी

स्पीकर ओम बिरला और सीएम भजनलाल शर्मा का एक ख़ास कनेक्शन और बन गया है। दरअसल हाल ही में सीएम भजनलाल के ओएसडी का ज़िम्मा वरिष्ठ आरएएस अधिकारी योगेश श्रीवास्तव को मिला है। श्रीवास्तव इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ कई वर्षों तक काम कर चुके हैं।

जयपुर। प्रदेश में सोमवार सुबह दो अलग अलग स्थानों पर रोडवेज बसों के हादसे हुए है। श्रीगंगानगर और सवाई माधोपुर जिले में रोडवेज बसे हादसे का शिकार हुई है। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सवारियों को हल्की चोटे लगी। जिसके बाद कई सवारियों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दोनों हादसे सुबह छह बजे से आठ बजे तक के है।

बता दें कि पहला हादसा श्री गंगानगर जिले में हुआ। पल्लू मेगा हाइवे पर पूरबसर से पल्लू की तरफ रोडवेज बस जा रही थी। इस दौरान हाइवे पर कोहरा ज्यादा था। जिसकी वजह से दिखाई नहीं देने के कारण गंगानगर से जयपुर जाने वाली वॉल्वो रोड़वेज बस तुडी से भरे ट्रेक्टर ट्राली से टकरा गई। इस दौरान कई सवारियां नींद में थी। लेकिन अचानक एक्सीडेंट होने से बस में अफरा तफरी मच गई। सवारियों में चीख पुकार मच गई। बस आगे से क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने कई घायल सवारियों को अस्पताल पहुंचाया। जहां सवारियों का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद पुलिस ने मेगा हाइवे से बस और ट्रेक्टर ट्राली को हटा कर आवागमन शुरू करवाया। पुलिस कॉन्स्टेबल हरि सिंह ने बताया कि घने कोहरे की वजह से यह हादसा हुआ। सवारियों के मामूली चोटें आई, ज्यादा गंभीर चोट किसी को नहीं लगी। पुलिस मामले की जांच कर रहीं है।

वहीं दूसरा हादसा सवाई माधोपुर जिले में हुआ। गंगापुर हाइवे पर मच्छीपुरा मोड़ पर रोडवेज व निजी बस में आमने सामने भिड़ंत हुई। इस दौरान दोनों बसों में सवारियां बैठी हुई थी। एक्सीडेंट के बाद दोनों बसों में अफरा तफरी मच गई। सवारियों में चीख पुकार मच गई। इस दौरान हाइवे पर यातायात जाम हो गया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

रोडवेज चालक हरिराम ने बताया कि सामने से निजी बस आ रही थी। तभी रोंग साइड बचाने के चक्कर में दोनों बसे आपस में टकरा गई। इस दौरान बस में सवारियां बैठी थी। लेकिन रोडवेज की स्पीड धीरे होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। अगर स्पीड तेज होती तो हादसा बड़ा हो सकता था। पुलिस ने दोनों बसों को जब्त लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रहीं है।

राजस्थान में नई पीढ़ी को मौका देकर चौंकाने वाली भाजपा अब बदलाव की बयार को आगे बढ़ाएगी। दूसरी पंक्ति के नेताओं को मौका देने के साथ ही भाजपा पहली पंक्ति के नेताओं को एडजस्ट करने पर मंथन कर रही है। इनमें वे वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं, जो इस बार चुनाव हार गए। हालांकि ये पहली बार नहीं है जब दिग्गज नेताओं को एडजस्ट किया जाएगा। इससे पहले भी वर्ष 1998 में गहलोत सरकार बनने पर कांग्रेस ने पहली बार ऐसा प्रयोग किया था।

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सीएम के थे कई दावेदार
वर्ष 1998 में अशोक गहलोत 47 वर्ष की आयु में राजस्थान के मुख्यमंत्री बने थे। कांग्रेस को उस समय डेढ़ सौ से ज्यादा सीटें मिली थी और कांग्रेस के कई बड़े नेता मुख्यमंत्री की दौड़ में थे। गहलोत के साथ कई वरिष्ठ नेता परसराम मदेरणा, नवलकिशोर शर्मा, शिवचरण माथुर भी विधायक बने थे। तब मदेरणा के साथ नवलकिशोर शर्मा भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल थे। जब गहलोत मुख्यमंत्री बने तो इनकी वरिष्ठता को देखते हुए इन्हें मंत्री नहीं बनाया गया, लेकिन राज में भागीदारी दी गई थी।

भाजपा सरकार में यह प्रयोग
भाजपा में पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाया है। इसी तरह दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को डिप्टी सीएम बनाया है। दिया और बैरवा दूसरी बार के विधायक बने है।

मदेरणा को बनाया था स्पीकर
1998 में जब कांग्रेस सत्ता में आई थी तो परसराम मदेरणा मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे, लेकिन वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाए और पार्टी ने उन्हें संवैधानिक पद देकर विधानसभा स्पीकर बनाया। मदेरणा का यह अंतिम चुनाव रहा।

शर्मा को इस कमेटी की दी थी जिम्मेदारी
पूर्व केंद्रीय मंत्री नवल किशोर शर्मा उस समय मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे। वे जयपुर ग्रामीण सीट से विधायक बने थे। बाद में जब गहलोत मुख्यमंत्री बने थे तब उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों से जुडी कमेटी का चेयरमैन बनाया गया और कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी मिला था।

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माथुर बने थे प्रशासनिक आयोग चेयरमैन
शिवचरण माथुर दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके थे। 1998 में वे भी मांडलगढ़ सीट से विधायक बने। माथुर को प्रशासनिक सुधार आयोग के चेयरमैन की जिम्मेदारी दी। उन्हें भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था।

देवनानी को अब विधानसभा अध्यक्ष
इसी तरह भाजपा ने भी विधायक वासुदेव देवनानी की वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें संवैधानिक पद विधानसभा स्पीकर के लिए नामित कर इसकी शुरुआत कर दी है। वे लगातार पांचवी बार विधायक बने हैं।

नई सरकार के गठन के बाद राजस्थान एक बड़े आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। देश के सभी राज्यों की पुलिस के मुखिया (डीजी) और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की एक साझा कॉन्फ्रेंस (डीजी-आईजी) कॉन्फ्रेंस जयपुर में होने जा रही है। अगले साल 5-7 जनवरी तक होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल भी शिरकत करेंगे। सभी राज्यों के डीजी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की कांफ्रेंस (डीजी-आईजी कांफ्रेंस) जयपुर में होगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आएंगे। उनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी कांफ्रेंस में शामिल होंगे। कांफ्रेंस को लेकर सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है।

कांफ्रेंस 5, 6, व 7 जनवरी को झालाना स्थित आरआईसी (राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर) में होगी। अमित शाह तीन दिन यहीं रहेंगे। वहीं पीएम मोदी छह जनवरी सुबह जयपुर आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। वे सात जनवरी को दोपहर तक यहां रहेंगे। इसमें सभी राज्यों के डीजी व केन्द्रीय एजेसिंयों के प्रमुख सहित करीब 80 अधिकारी शामिल होंगे।

संगीनों के साए में होगी सुरक्षा

डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस को लेकर राजस्थान सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह कॉन्फ्रेंस जयपुर के झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में होगी। जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। तीन दिन तक यह इलाका छावनी में तब्दील हो जाएगा। इसके अलावा शहर के अन्य स्थानों पर सुरक्षा के माकूल इंतजाम किए जाएंगे, जिसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

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Petrol Diesel Price Today: सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार यानी 18 दिसंबर के लिए पेट्रोल और डीजल की नई रेट (Petrol-Diesel Price New Rate) जारी की हैं। हर दिन सुबह 6 बजे तेल के नए रेट जारी की जाती हैं। जयपुर में आज पेट्रोल की कीमत 108.48 रुपए प्रति लीटर और डीजल 93.72 रुपए प्रति लीटर है। पिछले 10 दिनों में जयपुर में पेट्रोल का सबसे ज्यादा रेट 108.48 रुपये प्रति लीटर रहा और सबसे कम कीमत जयपुर में 108.16 रुपये प्रति लीटर रही। फिलहाल राजस्थान में इनके दाम स्थिर है। दरअसल राज्य स्तर पर पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स की वजह से सभी शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी अलग-अलग होती हैं।

हर रोज सुबह 6 बजे तय होते हैं रेट
सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों IOC, BPCL और HPCL के पेट्रोल-डीजल की कीमत हर दिन घटती-बढ़ती रहती हैं। पेट्रोल-डीजल का नया दाम रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट होता है। सुबह छह बजे से नई दरें लागू हो जाती हैं। जिसमें एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़कर पेट्रोल डीजल का दाम लगभग दोगुना हो जाता है।
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जानिए राजस्थान के जिलों में कितने बदले पेट्रोल-डीजल के दाम
– अजमेर में पेट्रोल 108.07 रुपए प्रति लीटर और डीजल 93.35 प्रति लीटर
– अलवर में पेट्रोल 109.26 रुपए और डीजल 94.41 प्रति लीटर
– बांसवाड़ा में पेट्रोल 110.09 रुपए और डीजल 95.18 प्रति लीटर
– बारां में पेट्रोल 108.34 रुपए और डीजल 93.59 प्रति लीटर
– बाड़मेर में पेट्रोल 110.26 रुपए और डीजल 95.34 प्रति लीटर
– भरतपुर में पेट्रोल 108.30 रुपए और डीजल 93.54 प्रति लीटर
– भीलवाड़ा में पेट्रोल 108.66 रुपए और डीजल 93.89 प्रति लीटर
– बीकानेर में पेट्रोल 111.23 रुपए और डीजल 96.21 प्रति लीटर
– बूंदी में पेट्रोल 108.40 रुपए और डीजल 93.63 प्रति लीटर
– चित्तौड़गढ़ में पेट्रोल 108.35 रुपए और डीजल 93.61 प्रति लीटर
– चूरू में पेट्रोल 110.00 रुपए और डीजल 95.10 प्रति लीटर
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– दौसा में पेट्रोल 109.20 रुपए और डीजल 94.35 प्रति लीटर
– धौलपुर में पेट्रोल 108.83 रुपए और डीजल 94.02 प्रति लीटर
– डूंगरपुर में पेट्रोल 109.64 रुपए और डीजल 94.78 प्रति लीटर
– गंगानगर में पेट्रोल 113.39 रुपए और डीजल 98.15 प्रति लीटर
– हनुमानगढ़ में पेट्रोल 111.67 रुपए और डीजल 96.61 प्रति लीटर
– जयपुर में पेट्रोल 108.48 रुपए और डीजल 93.72 प्रति लीटर
– जैसलमेर में पेट्रोल 110.98 रुपए और डीजल 95.99 प्रति लीटर
– जालोर में पेट्रोल 109.65 रुपए और डीजल 94.78 प्रति लीटर
– झालावाड़ में पेट्रोल 109.70 रुपए और डीजल 94.81 प्रति लीटर
– झुंझुनू में पेट्रोल 109.80 रुपए और डीजल 94.91 प्रति लीटर
– जोधपुर में पेट्रोल 108.29 रुपए और डीजल 93.56 प्रति लीटर
– करौली में पेट्रोल 109.52 रुपए और डीजल 94.64 प्रति लीटर
– कोटा में पेट्रोल 108.01 रुपए और डीजल 93.28 प्रति लीटर
– नागौर में पेट्रोल 109.31 रुपए और डीजल 94.47 प्रति लीटर
– पाली में पेट्रोल 109.06 रुपए और डीजल 94.25 प्रति लीटर
– प्रतापगढ़ में पेट्रोल 109.01 रुपए और डीजल 94.21 प्रति लीटर
– राजसमंद में पेट्रोल 108.85 रुपए और डीजल 94.06 प्रति लीटर
– सवाईमाधोपुर में पेट्रोल 109.72 रुपए और डीजल 94.82 प्रति लीटर
– सीकर में पेट्रोल 108.95 रुपए और डीजल 94.15 प्रति लीटर
– सिरोही में पेट्रोल 109.82 रुपए और डीजल 94.94 प्रति लीटर
– टोंक में पेट्रोल 109.32 रुपए और डीजल 94.48 प्रति लीटर
– उदयपुर में पेट्रोल 110.01 रुपए और डीजल 95.11 प्रति लीटर

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई सहित प्रदेश की अन्य गैंग वारदात के लिए नाबालिगों को शामिल कर रही हैं, ताकि वारदात के बाद पकड़े जाने पर नाबालिग होने का फायदा मिल सके। गैंगस्टर्स नाबालिगों के अलावा पहली बार जेल में जाने वाले युवाओं को टारगेट करते हैं। दोनों को ही आलीशान जिंदगी जीने के सपने दिखाए जाते हैं। जेल में जाने वाले युवाओं को उनके खिलाफ चल रहे मामले में मदद का आश्वासन दिया जाता है। प्रदेश में 007 व 3200 गैंग सहित अन्य गैंग में नाबालिगों के शामिल होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि गैंगस्टर्स नाबालिगों का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें उनके ही हाल पर छोड़ देते हैं।

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बीकानेर व जयपुर में करवाई फायरिंग
लॉरेंस गैंग ने बीकानेर व जयपुर में व्यापारियों से रंगदारी वसूलने के लिए नाबालिगों से फायरिंग करवाई थी। जयपुर के जी क्लब पर फायरिंग के मामले में पकड़े गए नाबालिग ने कुछ माह बाद ही किशोर गृह में गार्ड को धमकाकर उसका मोबाइल उपयोग में लिया। उसने गैंगस्टर्स के कहने पर बीकानेर के एक अन्य रसूखदार को धमकाने के लिए फोन भी किया था।

गैंगस्टर्स इस्तेमाल कर छोड़ देते
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि कई गैंगस्टर्स नाबालिगों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। जब तक पुलिस पकड़ में नहीं आते, तब तक नाबालिग व युवाओं से वारदात करवाकर उनका इस्तेमाल करते हैं। नाबालिगों की गिरफ्तारी के बाद गैंगस्टर्स उनकी मदद करना तो दूर... संपर्क तक नहीं करते।

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सोशल मीडिया पर ढीली पड़ी कार्रवाई
पुलिस ने सोशल मीडिया पर गैंगस्टर्स को फॉलो करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। पड़ताल में सामने आया कि सैकड़ों युवा गैंगस्टर्स को फॉलो कर रहे हैं। फिलहाल सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई ढीली पड़ गई है।

जयपुर। राजधानी जयपुर में फिर मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। एक बार फिर कलयुगी मां ने अपने जिगर के टुकड़े को मरने के लिए छोड़ा है। मामला जेके लोन अस्पताल का है। जहां सोमवार सुबह छह बजे एक नवजात बच्ची पालना घर में मिली है। सुबह जब लोगों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो मौके पर जाकर देखा। जहां देखने पर सामने आया कि किसी ने एक बच्ची को पालना घर में छोड़ दिया है और चला गया है। लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर हेड कांस्टेबल रामकेश और कांस्टेबल हरिमोहन पहुंचे। इस दौरान अस्पताल से चिकित्साकर्मी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया। आईसीयू में बच्ची को भर्ती किया गया है। जहां उसकी हालत स्थिर है। बच्ची की देखरेख की जा रही है।

एसएमएस पुलिस थाना के इंचार्ज सुधीर कुमार ने बताया कि यह घटना आज सुबह छह बजे की है। पुलिस सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची और बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। थानाधिकारी ने बताया कि पुलिस अज्ञात परिजनों की तलाश कर रही है। पुलिस अस्पताल से दो तीन में होने वाली प्रसव के रिकॉर्ड की पड़ताल करेगी। जिन महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया है, उनके पास बच्चे है या नहीं, यह देखा जाएगा। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। हर एंगल से पुलिस मामले की पड़ताल कर रहीं है।

बता दें कि चार दिन पहले भी जयपुर में ऐसा मामला सामने आया था। जवाहर सर्किल इलाके में एक बच्ची लावारिश हालात में मिली थी। जिसकी सूचना भी लोगों ने पुलिस को दी थी। पुलिस की ओर से उस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। हालांकि उस मामले में पुलिस को अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस आरोपी परिजनों की तलाश कर रहीं है।

राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री पद को संभाल लिया है। अब पूरे सूबे में राजस्थान मंत्रिमंडल विस्तार चर्चा हो रही है। राजस्थान मंत्रिमंडल कौन शामिल होगा और कौन नहीं इस बारे में कयास लगाए जा रहे हैं। कई विधायक ज्योतिष से अपने भविष्य का हाल जान रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजस्थान मंत्रिमंडल विस्तार इस ही सप्ताह होगा। साथ ही नए मंत्रियों की शपथ इसी सप्ताह हो सकती है। इसकी बुधवार को सबसे अधिक संभावना है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में भी जल्द ही विधानसभा का सत्र बुलाया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि इसी सप्ताह सत्र आहूत हो सकता है। इस बीच जल्द सत्र बुलाए जाने की चर्चाओं के बीच विधानसभा प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है।

अभी तो सिर्फ 15-18 ही बनेंगे मंत्री

ऐसा माना जा रहा है कि भजनलाल शर्मा सरकार में उपमुख्यमंत्रियों की तरह ही ज्यादातर युवा चेहरों को मंत्रिमंडल में मौका मिलेगा। चर्चा है कि दिल्ली में रविवार शाम को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले चेहरों पर मुहर लग गई। पहले चरण में मंत्रिमंडल में करीब 15 से 18 विधायकों को मौका मिल सकता है। बताया जा रहा है कि नए चेहरे रहेंगे तो सीएम के साथ ट्यूनिंग भी आसान होगी। सूत्रों के अनुसार राजस्थान में 27 मंत्री बनने की गुंजाइश है, लेकिन 15 से 18 नामों पर सहमति बनी है।

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मंत्री बनने के लिए विधायक हर दरवाजे पर टेक रहे हैं माथा

मंत्रिमंडल विस्तार में तेजी देखते हुए प्रदेश के कई विधायक लॉबिंग में जुट गए हैं। जयपुर से दिल्ली तक दौड़ लगाई जा रही है। कुछ विधायक संघ के नेताओं से भी संपर्क साध रहे हैं ताकि वहां से मंत्री बनने के लिए सिफारिश कराई जा सके, तो कई विधायक दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर दावेदारी मजबूत कर रहे हैं।

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निमोनिया की वजह

इस समय वातावरण का तापमान भी कम हो जाता है। 8-15 डिग्री तक के तापमान में इसके वायरस तेजी से पनपते हैं। इस मौसम में प्रदूषण भी अन्य मौसम के मुकाबले ज्यादा होना भी नुकसानदायक है।

यह निमोनिया का ही एक गंभीर रूप है जिसमें फेफड़ों में जख्म हो जाते हैं। यह बीमारी खांसने, छींकने, बात करने, रोगी के पास गाना गाने से भी फैलती है। शुरुआती लक्षण कोरोना के जैसे सामने आ रहे हैं। यह बीमारी 3-8 वर्ष के बीच के बच्चों में हो रही है।

लक्षण
सबसे आम लक्षण खांसी, बुखार, बदन दर्द, थकान हैं। बच्चे की सांस नली में सूजन की तकलीफ और कफ का भी अनुभव हो सकता है। इसमें एक विशेष प्रकार का बलगम बन रहा है जो फेफड़ों और गले में होता है।


संभावित कारण

नेचर क्लाइमेट चेंज जर्नल के अनुसार कारकों में रोगाणु, प्रोटोजोआ, फंगस, बैक्टीरिया, वायरस या सिलिकोसिस हो सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि नई जाति के माइकोप्लाज्मा न्यूमोनी नामक ओर्गेनीजम से होता है जो संभवत: ज्यादा आक्रामक और एंटीबॉयोटिक रेजिस्टेंट होता है। इसका बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन, खानपान में बदलाव व प्रदूषण भी है। चीन के बाद यह बीमारी अब अमरीका के ओहियो, डेनमार्क और नीदरलैंड्स में भी फैल रही है।

गाइडलाइन

जरूरी टीकाकरण करवाएं। बीमार व्यक्ति से दूर रहें। रोग होने पर आइसोलेट हो जाएं। समय पर जरूरी टेस्ट कराएं।

क्यों यह नाम है

इसमें पूरे फेफड़ों पर सफेद धब्बे हो जाते हैं। इससे प्रभावित बच्चों में खांसी, बुखार और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। विशेषज्ञों कहा है कि बच्चों को इसके प्रकोप से बचाने के लिए संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद लेने दें।

बचाव कैसे करें

नियमित रूप से हाथ धोएं, छींकने या खांसने के दौरान मुंह ढकने और बीमार होने पर घर पर रहकर भीड़-भाड़ से बचें। छुट्टियों के मौसम के आसपास होने वाली सभाओं में संक्रमित होने से बचने के लिए सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है।

बच्चों में ही क्यों?

बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होती है, इसलिए ये बीमारी बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है। लेकिन इसका मतलब ये भी कतई नहीं कि सिर्फ बच्चों पर ही इसका अटैक होगा, जिसकी भी इम्युनिटी कमजोर है, वो इस बीमारी के चपेट में आ सकता है।

- डॉ. रमेश जोशी, सीनियर फिजिशियन

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अक्सर आपने चुनाव जीतने के बाद नेताओं को वोटर्स का आभार जताने के लिए धन्यवाद रैली या सभा आयोजित करते देखा होगा, लेकिन चुनाव हारने के बाद भी इस तरह का आयोजन ज़ाहिर है चर्चा का विषय बनती है। कुछ ऐसी ही तस्वीर देखने को मिल रही है चूरू के तारानगर विधानसभा क्षेत्र में।

 

दरअसल, पूर्व एमएलए राजेंद्र राठौड़ ने इस क्षेत्र से हालिया विधानसभा चुनाव में हारने के बाद भी धन्यवाद सभा रखी है। तारानगर स्थित कृषि उपज मंडी में आज दोपहर बाद आयोजित हो रही सभा में शामिल होने के लिए राठौड़ ने बाकायदा ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को पहुंचने की अपील भी की है।

 

नज़ीर पेश कर रहे राठौड़
चुनाव हारने के बाद भी किसी नेता का धन्यवाद सभा का आयोजन करना हमेशा चर्चा का विषय रहता है। राजेंद्र राठौड़ भी ऐसी परिस्थिति में धन्यवाद सभा कर रहे हैं, जिसे एक नज़ीर के तौर पर देखा जा रहा है।

छोटी नहीं, बड़ी हार से हारे चुनाव
विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनने के बावजूद राजेंद्र राठौड़ उन चुनिंदा प्रत्याशियों में से रहे जो चुनाव हार गए। उनकी अप्रत्याशित हार ने सभी को चौंका दिया। ख़ास बात ये भी थी कि राठौड़ की ये हार छोटी नहीं, बल्कि बड़ी हार साबित हुई। निकटतम प्रतिद्वंदी से हार का उनका मार्जिन 10 हज़ार से भी ज़्यादा का रहा।

 

कांग्रेस के नरेंद्र बुडानिया ने दी शिकस्त
तारानगर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नरेंद्र बुडानिया ने भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र राठौड़ को 10 हज़ार 345 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी है। बुडानिया को जहां 1 लाख 8 हज़ार 236 वोट मिले, वहीं राठौड़ को 97 हज़ार 891 वोट ही नसीब हुए।

 

सदन के अंदर-बाहर, संभाले रखा मोर्चा
राठौड़ राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष से लेकर विधायक और पूर्व सरकार में कैबिनेट मंत्री सहित अपने राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण पदों रह चुके हैं। सरकार के विपक्ष में रहते हुए उन्होंने सदन के अंदर और सदन के बाहर, दोनों ओर भाजपा पार्टी का मोर्चा संभाले रखा। चुनाव हारने के बावजूद भी वे पार्टी में प्रमुखता से वरिष्ठ नेता का अपना दायित्व निभा रहे हैं।

राजस्थान की नई विधानसभा में प्रमुख पदों के लिए मनोनयन का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में अब भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से एक विधायक कालीचरण सराफ को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। सराफ इस बार भी जयपुर की मालवीय नगर सीट से चुनाव जीतकर आए हैं। ख़ास बात ये है कि सराफ 7वीं बार विधायक बने हैं।

 

आज ही होगा शपथ ग्रहण

कालीचरण चरण सराफ आज ही जयपुर स्थित राजभवन में एक सादा समारोह में प्रोटेम स्पीकर पद पर शपथ ग्रहण करेंगे। शाम साढ़े 4 बजे रखे गए समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र उन्हें पद और अगोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

 

तीन सदस्यों का पैनल

विधायक कालीचरण सराफ को प्रोटेम स्पीकर बनाये जाने के साथ ही तीन वरिष्ठतम विधायकों का एक पैनल भी गठित किया गया है। इसमें विधायक दयाराम परमार, डॉ किरोड़ी लाल मीणा और प्रताप सिंह सिंघवी के नाम शामिल हैं।

 

कौन होता है प्रोटेम स्पीकर?

सीधे और सरल शब्दों में कहा जाए, तो विधानसभा के स्पीकर पद पर जो व्यक्ति कुछ समय के लिए या अस्थायी रूप से कार्य करता है, वह प्रोटेम स्पीकर कहलाता है। प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। आमतौर पर इस पद पर नियुक्ति तब तक के लिए की जाती है, जब तक कि विधानसभा या लोकसभा में स्थायी रूप से स्पीकर या अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता। ऐसे में प्रोटेम स्पीकर ही नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाता है। शपथ ग्रहण का पूरे कार्यक्रम का जिम्मा प्रोटेम स्पीकर को उठाना होता है।

 

राज्यपाल ऐसे करता है प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति

प्रोटेम स्पीकर के पद पर सदन के वरिष्ठ सदस्य को चुना जाता है। प्रोटेम स्पीकर उस शख्सियत को ही बनाया जाता है, जो कई बार विधानसभा चुनाव जीत चुका हो। भारत के संविधान के अनुच्छेद 180 के तहत राज्यपाल के पास सदन का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने की शक्ति होती है। जब सदन नए स्पीकर की चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाती है और सदन को नया स्पीकर मिल जाता है, उसके बाद यह पद स्वत: समाप्त माना जाता है। इसलिए प्रोटेम स्पीकर का पद अस्थायी होता है।

 

राजस्थान विधानसभा : अब तक के प्रोटेम स्पीकर

- महाराव संग्राम सिंह 24.03.1952 से 27.03.1952
- नारायण सिंह मसूदा 22.04.1957 से 23.04.1957
- नारायण सिंह मसूदा 7.03.1962 से 10.03.1962
- पूनम चंद विश्नोई 28.04.1967 से 02.05.1967
- यशवंत सिंह नाहर 17.03.1972 से 19.03.1972
- मेजर फ़तेह सिंह 13.07.1977 से 17.07.1977
- परस राम मदेरणा 03.07.1980 से 03.07.1980
- लक्ष्मण सिंह 11.03.1985 से 16.03.1985
- पूनम चंद विश्नोई 08.03.1990 से 12.03.1990
- पूनम चंद विश्नोई 22.12.1993, 05.04.1995, 18.07.1998
- भैरों सिंह शेखावत 14.12.1998 से 03.01.1999
- गंगाराम चौधरी 06.01.2004 से 14.01.2004
- देवी सिंह भाटी 24.12.2008 से 25.12.2008
- प्रद्युम्न सिंह 02.01.2014 से 20.01.2014
- गुलाब चंद कटारिया 08.01.2019 से 14.01.2019

Winner Of Patrika Voting Dress Contest: पत्रिका की ओर से राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों के मतदान दिवस पर वोटिंग ड्रेस कॉन्टेस्ट आयोजित किया गया था, जिसमें वोटर्स ने उत्साह से भाग लिया। वोटर्स ने स्पेशल ड्रेस में वोटिंग इंक दिखाते हुए सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की थी। इनमें से विभिन्न कैटेगिरी में विजेता घोषित किए गए हैं। इन्हें डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

1. बेस्ट ड्रेस्ड कपल विजेता - सुमेश सिंह की फेसबुक आईडी से पोस्ट
2. फर्स्ट टाइम वोटर विजेता - भतेंद्र स्वामी (पुरुष श्रेणी) एवं महावीर प्रसाद अग्रवाल की फेसबुक आईडी से पोस्ट (महिला श्रेणी)
3. ओल्ड एज वोटर विजेता- अल्का अग्रवाल (महिला श्रेणी) एवं लाल बहादुर सिंह (पुरुष श्रेणी)
4. अतरंगी ड्रेस (अलग तरह की ड्रेस) विजेता - संगीता सुधीर (महिला श्रेणी) एवं नानूलाल डाबी (पुरुष श्रेणी)
5. बेस्ट ट्रेडिशनल ड्रेस विजेता - गिरीश कुलदीप की फेसबुक आईडी से पोस्ट (महिला श्रेणी) एवं आकाश शर्मा (पुरुष श्रेणी)

विजेता अपने सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए वाट्सएप नंबर 8955003879 पर अपना नाम लिखकर भेजें।

रंजिश, जमीन-मकान विवाद, पड़ोसियों के झगड़े के अलावा लूट आदि के लिए प्राण घातक हमले के मामले आए दिन आते हैं। प्राण घातक हमलों के मामलों में श्रीगंगानगर प्रदेश में सातवें स्थान पर है। कोटा सिटी ऐसे हमलों के मामले में पहले स्थान पर है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2022 में श्रीगंगानगर जिले में 94 जान लेवा हमले के मामले दर्ज हुए, जबकि प्रदेश में एक साल में ढाई हजार से अधिक ऐसे मामले आए। रंजिश को लेकर एक दूसरे पर जान लेवा हमला, जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़े, पड़ोसियों में विवाद को लेकर झगड़े, लूट या फिरौती के लिए जान लेवा हमले के मामले सामने आते रहते हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले रंजिश को लेकर सामने आए हैं। इसमें दो गुटों में रंजिश के चलते एक-दूसरे पर प्राण घातक हमले होते रहते हैं, जिसमें एक पक्ष या फिर दोनों पक्षों को धारदार हथियारों, फायर या लाठी- सरियों से हमला कर गंभीर चोट लग जाती है।

प्रदेश में ऐसे ढाई हजार हमले हुए

एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2022 में प्रदेश में 2560 जान लेवा हमला करने के मामले आए। इनमें किसी भी व्यक्ति की जान जा सकती थी। ऐसे हमले आपसी विवाद व झगड़ों के दौरान हुए।

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जिला - जानलेवा हमले

कोटा सिटी - 173

उदयपुर - 158

सीकर - 132

भरतपुर - 107

भीलवाड़ा - 105

बीकानेर - 98

श्रीगंगानगर - 94

मामूली विवाद बन जाते हैं बड़े

पुलिसकर्मियों की माने तो आपस में मामूली विवाद ही बड़े बन जाते हैं। पड़ोसियों में मामूली बात को लेकर विवाद हो गया। जो कई दिन तक शांत चलता रहा और फिर एक दिन दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। इसके चलते पहले एक पक्ष ने दूसरे पर हमला कर दिया। इसमें कुछ व्यक्तियों को चोटें आई। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी हमला कर दिया और दोनों पक्षों के लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच गए, जिनको गंभीर चोटें आई।

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Leader Of Opposition In Rajasthan: छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता की घोषणा के बाद, कांग्रेस इस सप्ताह राजस्थान में एलओपी की घोषणा करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के पांच वरिष्ठ नेता इस पद की दौड़ में हैं। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में पांच में से तीन राज्यों में हार का सामना करने के बाद, पार्टी संगठन में कुछ चरणबद्ध बदलाव होंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि पहले चरण में नेता प्रतिपक्ष के पद पर नियुक्ति की जाएगी और इस सप्ताह नाम की घोषणा होने की संभावना है।


कांग्रेस आलाकमान के स्तर पर विपक्ष के नेता के नाम पर चर्चा की गई है। लेकिन अभी तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं हुए हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विपक्ष के नेताओं की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है, इसलिए राजस्थान में भी जल्द ही नियुक्ति की संभावना है। लोकसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, इसलिए इस पद पर नियुक्ति जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर की जाएगी।


विपक्ष के नेता पद के लिए सचिन पायलट, गोविंद सिंह डोटासरा, हरीश चौधरी, राजेंद्र पारीक, महेंद्रजीत मालवीय जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं। पिछली बार जब कांग्रेस विपक्ष में थी तो सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और रामेश्वर डूडी को एलओपी का पद दिया गया था। पार्टी नेताओं ने कहा कि एलओपी पद पर नियुक्ति में अशोक गहलोत-सचिन पायलट फैक्टर हावी रहने की संभावना है और कांग्रेस आलाकमान ने इन दोनों नेताओं की राय भी ली है।

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इस पद के लिए गहलोत खेमे के नेता भी दावेदार हैं और पार्टी के आदिवासी चेहरे के तौर पर महेंद्रजीत मालवीय का नाम सुझाया गया है, जबकि ब्राह्मण चेहरे के तौर पर राजेंद्र पारीक का नाम सुझाया गया है। राजस्थान में बीजेपी द्वारा भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद कांग्रेस का एक धड़ा प्रमुख पद ब्राह्मणों को देने की वकालत कर रहा है, ताकि राजनीतिक संतुलन बनाया जा सके। अगर सचिन पायलट को एलओपी बनाया जाता है, तो प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव को टाला जा सकता है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने सभी राजनीतिक दलों को अंशदान रिपोर्ट, वार्षिक लेखा व निर्वाचन व्यय विवरण निर्धारित समय सीमा में दाखिल करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि
अंशदान रिपोर्ट 30 सितंबर या सीबीडीटी की ओर से आईटीआर भरने की बढ़ायी गई अंतिम तारीख तक, अंकेक्षित वार्षिक लेखा आईटीआर भरने की अंतिम तारीख से 1 महीने तक एवं निर्वाचन व्यय विवरण की आंशिक रिपोर्ट परिणाम जारी होने के 30 दिवस के अंदर जबकि निर्वाचन व्यय विवरण की अंतिम रिपोर्ट विधानसभा चुनाव परिणाम जारी होने के 75 दिवस के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दाखिल की जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ये पालना रिपोर्ट ऑफ लाइन के बजाय ऑनलाइऩ दाखिल करने के लिए सिस्टम आईईएमस पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल के संबंध में https://ceorajasthan.nic.in/ वेबसाइट पर भी विस्तार से बताया गया है। सोमवार को सचिवालय स्थित कॉनफ्रेंस हॉल में आईईएमएस पोर्टल की हैंडस् ऑन ट्रेनिंग दी गयी। राजनीतिक दलों को इस संबंध में सहायता के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में एक हेल्प डेस्क भी स्थापित की गयी है, जिसका विवरण मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। बैठक में निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, व्यय अनुवीक्षण प्रकोष्ठ के अधिकारी एवं विभिन्न पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

राज्य के जिला स्तरीय डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट के मनोनीत गैर सरकारी सदस्यों का मनोनयन समाप्त कर दिया गया है। संयुक्त सचिव माइंस नीतू बारुपाल ने इस आशय के आदेश जारी कर डीएमएफटी के समस्त मनोनीत गैर सरकारी सदस्यों का मनोनयन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।


संयुक्त सचिव माइंस नीतू बारुपाल ने जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर मनोनयन समाप्त करने की जानकारी दी है। गौरतलब है कि जिला स्तरीय डीएमएफटी कोष से खनन क्षेत्रों सहित जिलों में विकास कार्यों का संचालन किया जाता है। डीएमएफटी में सरकार व गैरसरकारी सदस्य होते हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से विभाग के अधीन राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय आयोग, बोर्ड, निगम, समितियों, टास्क फोर्स आदि में मनोनीत गैर सरकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, एवं सदस्यों का मनोनयन तथा सलाहकार के रुप में गैर सरकारी सदस्यों की सेवाओं को तुरंत प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

जयपुर। केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन—जन तक पहुंचाने के लिए विकसित भारत संकल्प यात्रा (शहरी अभियान) का आज आगाज हुआ। ग्रेटर नगर निगम की ओर से सांगानेर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सीएम भजन लाल शर्मा व ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर ने विकसित भारत संकल्प यात्रा (शहरी अभियान) का आगाज किया।

सीएम भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत में देश को 2047 तक आत्मनिर्भर व विकसित भारत बनाने में सहयोग करने की लोगों को शपथ दिलाई। इसके बाद सीएम ने कहा कि आज विकसित भारत संकल्प यात्रा (शहरी अभियान) का सांगानेर से आगाज करते हुए मुझे खुशी हो रही है। बीजेपी का ध्येय गरीब कल्याण का है, इस यात्रा से गरीबों व जरूरतमंदों को फायदा मिलेगा। अगर किसी पात्र व्यति तक योजना का लाभ नहीं पहुंचा तो अधिकारियों को इस बात का जवाब देना पड़ेगा कि पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ क्यों नहीं पहुंचा।

हर शहर पहुंचेगा गारंटी रथ
सीएम भजनलाल ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में 276 शहरों में यह गारंटी यात्रा रथ पहुंचेगा। शहरी क्षेत्रों में 25 हजार की आबादी पर एक शिविर लगाया जाएगा। जनता के बीच जागरूकता बढ़ाना व केन्द्र सरकार की योजनाओं को लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचना ही इस अभियान का उद्देश्य है।

शिविर में कराएं पंजीयन
प्रधानमंत्री पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचना चाहते है, इसके लिए प्रदेश के हर जिले में केंद्र सरकार की योजना का लाभ मिले, इसकी व्यवस्था होगी। इस यात्रा के दौरान शिविर में लोग अपना पंजीयन करवाये और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। मौके पर लोग अपने स्वास्थ्य की जांच करवा सकते हैं।

भ्रष्टाचार मिटाने का काम होगा— सीएम
सीएम भजन लाल ने कहा कि यह सरकार गरीबों के हित की सरकाए है, माता बहनों की सरकार है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास दिलाता हूं कि सरकार भ्रष्टाचार मिटाने का काम करेगी।

पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ उद्देश्य— मेयर
मेयर सौम्या गुर्जर ने बताया कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का उद्देश्य पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। यह यात्रा आमजन मानस तक केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने के लिये शुरू की गई है। अभियान में अंतिम पात्र व्यक्ति तक केन्द्र सरकार की योजना का लाभ पहुंचे यह सुनिश्चित किया जाएगा।

एक दिन में दो कैम्पों का आयोजन
विकसित भारत संकल्प यात्रा शहरी अभियान के तहत ग्रेटर निगम के सातों जोनों में कैम्प लगाए जाएंगे। एक दिन में दो कैम्पों का आयोजन हो रहा है। कैम्प का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। पहले दिन सांगानेर स्टेडियम व सामुदायिक केन्द्र हल्दीघाटी गेट पर शिविर लगाया गया। वहीं 19 दिसम्बर को सामुदायिक केन्द्र सांगानेर जोन, पार्षद कार्यालय वार्ड नं. 89 में शिविर लगेगा।

हैरिटेज निगम का शिव पार्क में कार्यक्रम
विकसित भारत संकल्प यात्रा-2023 के तहत हैरिटेज नगर निगम की ओर से सुबह शास्त्री नगर के सिविल लाइन जोन के सामने शिव पार्क में स्वागत तथा शिवरों का आगाज किया गया। हैरिटेज निगम आयुक्त राजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि इस मौके पर विधायक गोपाल शर्मा, महापौर मुनेश गुर्जर तथा उपमहापौर असलम फारूकी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत 18 दिसंबर से 13 जनवरी तक प्रतिदिन दो शिविर आयोजित किए जाएंगे।

कैम्पों में ये होगा काम
इन कैम्पों में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना, पीएम स्वनिधि योेजना, आधार अपडेशन संबंधी योजनाओं का काम होगा। मौके पर ही लाभार्थीयों का पंजीयन किया जाएगा और योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। शिविर स्थल पर हेल्थ चेकअप कैंप भी लगाया जाएगा। इस के साथ केन्द्र सरकार की ओर से भिजवाई गई वैन कैम्प स्थल पर पहुंचकर आईईसी के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेगी।

भाजपा सरकार ने रविवार को पिछली गहलोत सरकार में की गई राजनीतिक नियुक्तियों को रद्द कर दिया है। इसमें विभिन्न आयोग, बाेर्ड-निगमों और अन्य सरकारी समितियों में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और गैर सरकारी सदस्य शामिल है।

राजस्थान पत्रिका में रविवार काे ही इस बारे में Ò कांग्रेस का राज गया, सत्ता सुख बाकीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था और इसके बाद भाजपा सरकार एक्शन में आ गई और छुट्टी के दिन ही प्रशासनिक सुधार विभाग ने ऐसी सभी नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही जिन विभागों में गैर सरकारी सदस्यों की सलाहकार के रूप में नियुक्ति या सेवाएं ली जा रही थी, उन्हें भी रद्द कर दिया गया है। विभाग की ओर से जारी आदेश में ये भी कहा गया है कि ऐसे प्रकरण जिनमें वैधानिक रूप से निरस्त किया जाना संभव नहीं है, उनकी पत्रावलियां और नियमावली मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्काल भिजवाएं।

70 से ज्यादा नेताओं की थी नियुक्ति:

पिछली गहलोत सरकार ने अपने चौथे साल की शुरूआत में राजनीतिक नियुक्तियां की थी और यह सिलसिला चुनाव आचार संहिता वाले दिन तक जारी था। इनमें कांग्रेस के 70 से ज्यादा नेताओं को विभिन्न बोर्ड-आयोगों में नियुक्ति दी गई थी। इनमें कई विधायकों के अलावा पूर्व विधायकों, विधायक का चुनाव लडे़ नेता थे वहीं कुछ रिटायर्ड अफसरों को भी चेयरमैन बनाया गया था। इसके अलावा वाइस चेयरमैन और सदस्य भी बनाए गए थे। इनमें कई नेताओं को कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री का दर्जा दिया हुआ था और ये वेतन और भत्तों की सुविधा का लाभ ले रहे थे।

अब भाजपा सरकार करेगी राजनीतिक नियुक्तियां:

अब भाजपा सरकार बाद में इन बोर्ड- निगम और आयोगों में अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करेगी और इनमें चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्य बनाए जाएंगे।

Weather Update : मौसम करवट ले रहा है। सर्दी अपने शबाब पर आ रही है। दिसम्बर माह का तीसरा हफ्ता शुरू है। राजस्थान के कई जिले शीतलहर और कोहरे की चपटे में आ गए हैं। माउंट आबू में दूसरे दिन रविवार को भी न्यूनतम तापमान फिर माइनस 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। चारों तरफ बर्फ का आकृतियां दिख रही थी। सभी ठिठुर रहे हैं। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि 23—24 दिसंबर को ताजे पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से बारिश की संभावना बलवती हो रही है। राजस्थान के कई जिलों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की ओर से जारी ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन में कहा गया है कि उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और आस-पास के क्षेत्र पर प्रेरित चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब उत्तरी हरियाणा पर स्थित है।

एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आस-पास के क्षेत्र पर है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को 22 दिसंबर से प्रभावित करने की संभावना है। ऐसा होने पर हिमालय में सर्दी बढ़ेगी और उसका प्रभाव राजस्थान प्रदेश पर भी पड़ सकता है।



जयपुर का मौसम कल कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार आज सोमवार शाम 5.30 बजे जयपुर का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री था। आसमान पर बादल छाए हुए थे। ठंडी तेज हवाएं चल रहीं थी। शाम को ठंड बढ़ गई। रातें कुछ ज्यादा ठंडी हो सकती है। उम्मीद की जा रही है कि कल मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे। बारिश की संभावना है।

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पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर मावठ की संभावना

श्रीगंगानगर में उत्तरी-पूर्वी हवा से इलाके में तापमान में गिरावट आने लगी है। इससे सर्दी का असर बढ़ा है। मौसम विभाग ने इसी सप्ताह प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई है। इससे प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मावठ हो सकती है। साथ ही कोहरा भी छाने लगा है। पश्चिमी विक्षोभ 22-23 दिसम्बर को सक्रिय होगा, पर इसका असर 25 दिसम्बर को मावठ के रूप में दिखाई दे सकता है। मौसम विभाग ने जोधपुर व बीकानेर संभाग में मावठ की संभावना जताई है। मावठ के बाद सर्दी का असर बढ़ जाएगा।

माउंट आबू का तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस पहुंचा

पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में रविवार को न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से न्यूनतम तापमान फिर माइनस 1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिस वजह से जगह-जगह ओस से बर्फ की परत जम गई। प्रदेश में 15 जगहों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री दर्ज किया गया।

बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान

चूरू - 6.4 डिग्री सेल्सियस
सीकर - 6.5 डिग्री सेल्सियस
अलवर - 6.8 डिग्री सेल्सियस
फतेहपुर - 3.9 डिग्री सेल्सियस
पिलानी (झुंझुनू) - 7 डिग्री सेल्सियस
सिरोही - 7.6 डिग्री सेल्सियस
श्रीगंगानगर - 7.7 डिग्री सेल्सियस।

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बीजेपी सांसद बृज भूषण शरण सिंह आज यानी सोमवार को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को श्रद्धाजंलि देने जयपुर पहुंचे। श्रद्धाजंलि सभा को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि मैं वचन देता हूं, जब जम्मू कश्मीर के समस्या का समाधान हो सकता है। पाकिस्तान का इलाज हो सकता है। सर्जिकल स्ट्राइक हो सकती है तो जो सुरक्षित बैठे हैं, उन पर भी स्ट्राइक होगी। ये बात आपको बताना चाहता हूं।

इससे पहले सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली 21 अशोक रोड पर स्थित अपने आवास पर गोगामेड़ी को श्रद्धाजलि दी। इसके बाद दोपहर को सांसद बृजभूषण अपने समर्थकों सहित दिल्ली से गाड़ियों के काफिले के साथ जयपुर के रवाना हुए।

बता दें कि 5 दिसंबर, दिन मंगलवार को राजस्थान के जयपुर में राजपूत समाज के बड़े नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्याा कर दी गई थी। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या श्याम नगर में की गई थी। स्कूटी से आए चार बदमाशों ने घर में घुसकर उन पर फायरिंग की और भाग निकले। आनन- फानन में गोगामेड़ी को मेट्रो मास हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। वहीं, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

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जयपुर में राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने सुखदेव ‌सिंह के घर में घुसकर गोली मारी। वारदात को अंजाम देने के बाद एक बदमाश गंभीर रूप से जख्मी हो गया। सुखदेव सिंह के हत्या से राजपूत समाज में आक्रोश है।

जयपुर में एक नाबालिग स्कूली छात्रा ने एक मनचले को सबक सिखाया। बीच सड़क पर छात्रा ने मनचले की चप्पल से पिटाई की। शोर सुनकर आस-पास के लोग भी पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने गुस्से में आकर युवक की पिटाई कर दी और उसे पुलिस को सौंप दिया। पीड़िता के पिता ने युवक के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।

जानकारी के अनुसार आरोपी छात्रा को रोज स्कूल से आते समय परेशान करता था। हर दिन दोपहर में जब छात्रा स्कूल से आ रही होती तो आरोपी उससे छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करता रहा। जिससे छात्रा काफी डरी सहमी घर पहुंच पाती थी। छात्रा अपनी परेशानी किसी को बता भी नहीं पा रही थी।

सबक सिखाने की ठानी
आखिर में परेशान होकर छात्रा ने युवक को सबक सिखाने की ठानी। सोमवार को जब वह स्कूल से आ रही थी तो बीच रास्ते में युवक मिल गया। छात्रा को देखकर युवक फिर उससे छेड़छाड़ करने लगा। इस दौरान छात्रा घबराई नहीं और हंसते-हंसते आने लगी। यह देख युवक का हौसला बढ़ गया। वह उसके साथ-साथ चलने लगा।

... और मचा दिया शोर
काफी देर तक युवक छात्रा से बातें करते-करते आगे बढ़ता रहा। इस दौरान छात्रा भी हंसती रही। जैसे ही युवक छात्रा के घर के पास पहुंचा। छात्रा ने शोर मचा दिया। इस दौरान छात्रा ने अपनी चप्पल निकाल कर उसे पीटने लगी। जिससे आस-पास के लोग भी वहां पहुंच गए। जब उन्हें घटना का पता चला तो वे भी आरोपी को पीटने लगे और पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में छात्रा के परिजन थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई।

 

राजधानी के एक विधायक अब मुख्यमंत्री हैं और दूसरी विधायक उप मुख्यमंत्री। ऐसे में अब शहरवासियों की उम्मीदें भी आसमान पर हैं। इन जनप्रतिनिधियों को जयपुर के पांच बड़े मुद्दों पर ध्यान देने की दरकार है। यदि इन मुद्दों पर सरकार ने समय सीमा निर्धारित कर काम किया तो लाखों लोगों को सहूलियत मिलेगी। कोई राजधानी में सरकारी पानी के लिए तरस रहा है तो कोई बस के इंतजार में कई घंटे खड़ा रहता है। रोज हजारों लोग पास में सरकारी अस्पताल न होने की वजह से कई किमी का सफर तय कर सवाई मानसिंह अस्पताल आते हैं।


पांच मुद्दों पर देना होगा ध्यान
1- शहर फैला, सार्वजनिक परिवहन सीमित:
जयपुर प्रदेश का सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। लेकिन, मेट्रो का दायरा सीमित है। आठ वर्ष में मेट्रो का रूट सिर्फ 12 किमी तक पहुंच पाया है। तेईस किमी का दूसरा चरण (अम्बाबाड़ी से सीतापुरा तक) जब तक धरातल पर नहीं आएगा, तब तक यात्रियों को कोई फायदा नहीं होगा। वहीं, सिटी बसें भी आबादी के लिहाज से कम हैं। चालीस लाख आबादी वाले शहर को 1500 सिटी बसों की जरूरत है। अभी 200 बसें ही चल रही हैं। तीन सौ इलेक्ट्रिक बसें दो साल से नहीं आ पाई हैं।


2-ड्रेनेज सिस्टम फेल: राजधानी का ड्रेनेज सिस्टम फेल हो चुका है। सीकर व अजमेर रोड की कॉलोनियों में बुरा हाल है। जेडीए ने 40 करोड़ रुपए से पानी निकासी का प्लान तैयार किया है। लेकिन, धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया है। अजमेर रोड स्थित कमला नेहरू नगर के आस-पास बरसात के दिनों में वाहन तक तैरने लगते हैं। परकोटा के कई इलाकों में भी ड्रेनेज सिस्टम न होने से दुकानों में पानी भर जाता है।


3-पेयजल की किल्लत: राजधानी में बाहरी इलाकों में पानी की किल्लत है। पृथ्वीराज नगर में करीब छह लाख की आबादी को सरकार पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही है। सांगानेर, दिल्ली रोड से लेकर टोंक रोड, अजमेर रोड और आगरा रोड पर भी सैकड़ों कॉलोनियाें में रहने वाले हजारों लोगों को सरकारी पानी का इंतजार है। शहर के बीचों बीच गंदे पानी की भी नियमित रूप से शिकायतें आती हैं।


4-जर्जर सीवर लाइन बदलनी होगी : परकोटा क्षेत्र में सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है। छह लाख की आबादी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा मालवीय नगर, सी-स्कीम, मानसरोवर, बनीपार्क से लेकर जवाहर नगर में भी सीवर लाइन जवाब दे चुकी हैं। पृथ्वीराज नगर में भी हाल बेहाल है। इस क्षेत्र में सीवर लाइन डाले जाने का काम चल रहा है। इसको गति देनी होगी।


5-वर्टिकल डवलपमेंट पर करना होगा फोकस
शहर के आस-पास सैटेलाइट टाउन बनाने की बात वर्षों से हो रही है। अब इनको विकसित करने का समय है। कनेक्टिविटी पर भी फोकस करना होगा। फैलते शहर को रोकने के लिए वर्टिकल डवलपमेंट को बढ़ावा देना होगा। इससे मूलभूत सुविधाओं पर कम खर्च होगा और लोगों को भी शहर के आस-पास ही रहने के लिए घर मिल सकेगा।


इन पर भी ध्यान देने की जरूरत
-लक्ष्मी मंदिर तिराहे को सिग्नल फ्री कर दिया गया है। वहीं, बी टू बाइपास को सिग्नल फ्री करने का काम चल रहा है। ओटीएस और जेडीए चौराहे के साथ-साथ रामबाग चौराहे से भी ट्रैफिक लाइट हटाने का काम शुरू करना चाहिए।
-दिल्ली रोड, आगरा रोड, टोंक रोड और अजमेर रोड पर बस स्टैंड के लिए जमीन आवंटित हो चुकी है। अजमेर रोड पर तो काम भी हो रहा है। बाकी जगह भी इस काम को तेजी से करवाया जाए।
-आचार संहिता से पहले शिवदासपुरा, कानोता और बालमुकुंदपुरा में सैटेलाइट अस्पताल का शिलान्यास हो चुका है। इनका काम तय समय में सरकार ने पूरा किया तो सवाई मानसिंह अस्पताल का भार कम होगा।

जयपुर। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड अवधि पूरी होने पर सोमवार को कड़ी सुरक्षा में एनआईए कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। मामले की जांच एनआईए कर रही है। कमिश्नरेट पुलिस एनआईए की अनुसंधान में मदद कर रही है।

मामले में कमिश्नरेट पुलिस ने सबसे पहले रामवीर को गिरफ्तार किया था। रामवीर ने ही हत्या के बाद शूटर रोहित राठौड़ व नितिन फौजी को अजमेर रोड पर डीडवाना की बस में बैठाकर रवाना किया था। चंडीगढ़ से रोहित व नितिन को उनके साथी उधम सिंह सैन के साथ पकड़ा था। शूटर्स से पूछताछ के बाद गुरुग्राम जेल में बंद भवानी सिंह उर्फ रोनी राजपूत, राहुल यादव व सुमित यादव को प्रॉडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था।

मामले में वांछित गैंगस्टर रोहित गोदारा विदेश में है और विरेन्द्र चारण के नेपाल या फिर दुबई पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, हथियार सप्लायर हिस्ट्रीशीटर महेन्द्र कुमार वारदात के बाद मोबाइल घर पर छोड़कर भाग गया था। तीनों आरोपियों की अब एनआईए तलाश कर रही है।

जयपुर। पिछली सरकार में आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं को मिली सुरक्षा को लेकर गृह विभाग जल्द समीक्षा करेगा। फिलहाल गृह विभाग को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की हरी झंडी का इंतजार है। इसके अलावा भाजपा नेताओं की भी सुरक्षा को लेकर भी मंथन होगा। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस सरकार में जिन नेताओं को वाई और जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, उनके बारे में इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ही फैसला लिया जाएगा कि उनको मिली सुरक्षा बरकरार रखी जाए, कटौती की जाए या फिर हटा दी जाए।

इन कांग्रेस नेताओं को मिली हुई है सुरक्षा
पिछली सरकार में जिन नेताओं को सुरक्षा मिली हुई थी उनमें प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया, जोगिंदर सिंह अवाना, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी शामिल हैं। गोविंद सिंह डोटासरा और जोगिंदर सिंह अवाना को जहां वाई श्रेणी की सुरक्षा मिला हुई है तो वहीं पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिला हुई है। प्रदेश प्रभारी रंधावा को पंजाब सरकार के साथ-साथ राजस्थान सरकार ने भी वाई श्रेणी की सुरक्षा दी हुई थी।

वैभव गहलोत को भी वाई श्रेणी की सुरक्षा
इधर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र और आरसीए चेयरमैन वैभव गहलोत को भी वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी लेकिन अब सरकार बदलने के बाद उनकी सुरक्षा में भी कटौती करने या फिर हटाने का फैसला लिया जा सकता है।

भाजपा के इन नेताओं की सुरक्षा की भी होगी समीक्षा
बताया जा रहा है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, किरोड़ी लाल मीणा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित कई अन्य नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई जाने की बात कही जा रही है।

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जयपुर। आईआईएम काशीपुर में तीन दिवसीय इंटरनेशनल मार्केटिंग इनोवेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। जिसमें जयपुर फ़ुट के संस्थापक डी आर मेहता ने भाग लिया। इस कॉन्फ्रेंस में मेहता ने सम्मेलन को संबोधित किया और अपने विचारों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा और उत्कृष्टता की दिशा में संगठन के उच्चतम मानकों की रक्षा में अपने योगदान की महत्वपूर्णता को उजागर किया।

इस कॉन्फ्रेंस के दौरान व्यावहारिक चर्चाओं और कार्यशालाओं के जरिये मार्केटिंग और इनोवेशन से संबंधित नवीन विषयों पर उपयोगी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान आयोजित सात सत्रों में से प्रत्येक सत्र में एक प्रतिभागी को और इस तरह कुल सात प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र का पुरस्कार प्रदान किया गया।

कॉन्फ्रेंस की शुरुआत 16 दिसंबर को हुई। मार्केटिंग और इनोवेशन से संबंधित अत्याधुनिक नीतियों, रुझानों और सफलताओं का पता लगाने और चर्चा करने के लिए दुनिया भर के प्रमुख विशेषज्ञ, विद्वान और उद्योग से जुड़े प्रोफेशनल लोग एक प्लेटफॉर्म पर आए। सम्मेलन में विचारोत्तेजक मुख्य व्याख्यान, इंटरैक्टिव कार्यशालाएँ और विद्वानों द्वारा अपने नवीन विचारों को प्रदर्शित करने वाली शोध प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत की गईं।

जर्मनी में रुहर यूनिवर्सिटी बोचुम में मानसिक स्वास्थ्य अनुसंधान और उपचार केंद्र की स्टडी में सामने आया कि हमें संदेह है कि लोग सकारात्मक भावनाएं उत्पन्न करने के लिए सोशल नेटवर्क का उपयोग करते हैं, जिसकी कमी वे अपने रोजमर्रा के कामकाजी जीवन में महसूस कर रहे हैं, खासकर जब वे अधिक काम का बोझ महसूस कर रहे हों। कम समय में वास्तविकता से सोशल नेटवर्क की दुनिया में भागने से वास्तव में आपका मूड बेहतर हो सकता है। लेकिन दीर्घावधि में यह अडिक्टिव व्यवहार को जन्म दे सकता है जिसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। बिहेवियर एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में, टीम ने इन संबंधों का पता लगाने के लिए एक प्रयोग शुरू किया। कुल 166 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें से सभी ने कई क्षेत्रों में अंशकालिक या पूर्णकालिक काम किया और गैर-कार्य-संबंधित सोशल मीडिया के उपयोग पर हर दिन कम से कम 35 मिनट बिताए।

प्रतिभागियों के दो समूह बनाए
प्रतिभागियों के दो समूह बनाए गए थे। एक समूह ने अपनी सोशल मीडिया की आदतें नहीं बदलीं। दूसरे समूह ने सोशल नेटवर्क पर बिताए जाने वाले समय को सात दिनों के लिए हर रोज 30 मिनट कम कर दिया। स्टडी में सामने आया कि जिन्होंने सोशल मीडिया पर 30 मिनट कम बिताए, उनकी नौकरी की संतुष्टि और मानसिक स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ। इस समूह के प्रतिभागियों को कम काम का बोझ महसूस हुआ और वे नियंत्रण समूह की तुलना में काम के प्रति अधिक प्रतिबद्ध थे। फोमो की उनकी समझ भी इसी तरह कम हो गई। प्रयोग की समाप्ति के बाद प्रभाव कम से कम एक सप्ताह तक रहा और इस दौरान कुछ मामलों में बढ़ भी गया।

काम करने का ज्यादा समय मिल पाता है
सोशल मीडिया के उपयोग को कम करने से, प्रतिभागियों को अपना काम करने के लिए अधिक समय मिला, जिसका मतलब था कि उन्हें कम काम करना पड़ा और उन्हें बंटे हुए ध्यान से भी कम पीड़ित होना पड़ा। हमारा दिमाग किसी कार्य से लगातार ध्यान भटकाने से अच्छी तरह निपट नहीं सकता है। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अपने सोशल मीडिया फ़ीड पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बार-बार अपना काम करना बंद कर देते हैं, उनके लिए अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना अधिक कठिन होता है और उन्हें खराब परिणाम मिलते हैं।

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भारत ही नहीं, दुनियाभर की सड़कें पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। 2010 से 2021 की अवधि में वैश्विक स्तर पर औसतन हर दिन 750 से ज्यादा पैदल यात्री और 194 साइकिल सवार सड़क हादसों के शिकार हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़क हादसों में कुल मौतों में 5 फीसदी कमी आने के बावजूद वैश्विक स्तर पर पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों की मौतों की संख्या बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार हर साल 274,000 पैदल यात्री सड़कों पर होने वाले हादसों का शिकार बन गए और इसमें 3 फीसदी का इजाफा देखा गया। जबकि हर साल 71 हजार साइकिल सवारों की मौत सड़क हादसों में हुई। इसमें 20 फीसदी की चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गई। यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी नई रिपोर्ट 'ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन रोड सेफ्टी 2023' में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में हर साल सड़क हादसों में जितनी जाने जा रही हैं उसमें से 23 फीसदी शिकार पैदल और छह फीसदी यात्री साइकिल सवार होते हैं।

बच्चों और युवाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2010 के दौरान जहां सड़क हादसों में कुल 12.5 लाख लोगों की जान गई थी। वहीं 2021 में मौतों का यह आंकड़ा घटकर 11.9 लाख रह गया है। यानी इस अवधि में इसमें 5 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं एनसीआरबी के आंकड़े गवाह हैं कि भारत में इन मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अभी भी हर मिनट में 2 और रोजाना औसतन 3200 लोगों की जान इन सड़क हादसों में जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क यातायात दुर्घटनाएं 5 से 29 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।

80 फीसदी सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दुनिया में 80 फीसदी सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। यहां पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानक पूरे नहीं किए जा रहे। वैश्विक स्तर पर महज 0.2 फीसदी सड़कों पर साइकिल लेन मौजूद हैं। साफ है कि सड़कें पैदल और साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। इतना ही नहीं, यह भी सामने आया है कि हर दस में से नौ लोग पैदल चलते हैं। इसके बावजूद दुनिया के केवल एक चौथाई देशों में पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में नीतियां बनाई गई हैं।

निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 90 फीसदी मौतें
रिपोर्ट के अनुसार, सड़क हादसों में 10 में से नौ मौतें निम्न और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं, और इन देशों में वाहनों और सड़कों की संख्या के मुकाबले मौतें बेहिसाब रूप से अधिक हैं। इस तरह, उच्च आय वाले देशों की तुलना में कम आय वाले देशों में मृत्यु का जोखिम 3 गुना अधिक है, जबकि कम आय वाले देशों में दुनिया के केवल 1% मोटर वाहन हैं।


असुरक्षित यात्रियों की हो रहीं सड़क हादसों में आधे से ज्यादा मौतें
वाहन सवार मौतें
पैदल यात्री 23 फीसदी
दुपहिया/तिपहिया सवार 21 फीसदी
साइकिल सवार 6 फीसदी
ई-स्कूटर्स और अन्य वाहन 3 फीसदी

दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे अधिक मौतें


क्षेत्रवार सड़क हादसों से होने वाली मौतें
क्षेत्र मौतों का प्रतिशत
दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र 28%
पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र 25%
अफ्रीकी क्षेत्र 19%
अमरीकी क्षेत्र 12%
पूर्व भूमध्यसागरीय क्षेत्र 11%
यूरोपीय क्षेत्र 5%

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