>>: Digest for December 19, 2023

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मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल (बॉम) की बैठक सोमवार को कुलपति प्रोफेसर सुनीता मिश्रा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए हैं। प्रवक्ता डॉक्टर कुंजन आचार्य ने बताया कि बॉम की बैठक में पेंशनर्स को राहत देते हुए करीब 3 करोड़ 38 लाख रुपए का भुगतान करने का निर्णय किया है। इसमें पेंशनर्स के लिए डीए और एरियर का भुगतान भी शामिल है। यह पेंशनर्स की कुल बकाया राशि का 50 प्रतिशत राशि है जो कि प्रारंभिक चरण में दी जाएगी। इसके साथ ही यह भी निर्णय किया कि जो पेंशनर 75 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे उनकी पेंशन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी।गत शैक्षिक सत्र में हुई विभिन्न परीक्षाओं और डिग्रियों का अनुमोदन भी इस बैठक में किया गया। डिग्री और स्वर्ण पदकों का वितरण 21 दिसंबर को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में किया जाएगा।

इस दौरान संत पीपा शोध संस्थान स्थापित करने पर सहमति व्यक्ति की गई। इसके तहत एक सहायक आचार्य की स्थाई नियुक्ति की जाएगी। बॉम की बैठक में ये भी तय किया कि सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर इन प्रैक्टिस की परंपरा अंगीकार की जाएगी। जिसमें अपने-अपने क्षेत्र में महारत हासिल विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उन्हें एक समेकित मानदेय पर शिक्षण कार्य के लिए आमंत्रित किया जाएगा, ताकि विवि से जुड़े छात्र-छात्राओं को इनकी विशेषज्ञता का लाभ मिल सके।

ये महत्वपूर्ण निर्णय किया

विश्वविद्यालय को तकनीकी तौर पर समृद्ध बनाने के लिए एसयूएमएस (सम्स) लागू करने का निर्णय किया गया। सम्स देश के 34 विश्वविद्यालय में अभी कार्य कर रहा है।

क्या है सम्स

सम्स एक केंद्रीयकृत तकनीकी व्यवस्था है। इसके 28 मॉड्यूल काम करते हैं। जिसमें एडमिशन से लेकर परीक्षा परिणाम जारी करने तक की समृद्ध ऑनलाइन तकनीकी व्यवस्थाएं होती है।

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और विकसित भारत संकल्प यात्रा के राज्य प्रभारी अधिकारी सुरेन्द्र सिंह सोमवार को उदयपुर पहुंचे। उन्होंने जिला मुख्यालय के समीप स्थित बड़गांव पंचायत समिति की चीरवा ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नोडल अधिकारी कीर्ति राठौड़ ने बताया कि राज्य प्रभारी अधिकारी सिंह ने शिविर स्थल लगी विभिन्न स्टॉल्स पर पहुंचकर संबंधित विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिविर स्थल पर संचालित जागरूकता वैन का जायजा लिया। प्रारंभ में राज्य प्रभारी अधिकारी का अभिनंदन किया। बड़गांव प्रधान प्रतिभा नागदा, सीईओ व नोडल अधिकारी कीर्ति राठौड़, बड़गांव उपखण्ड अधिकारी रमेश बहेडिया, एसीईओ अतुल जैन, अतिरिक्त विकास अधिकारी राजेन्द्र शर्मा आदि उपस्थित रहे।

शिविरों में योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे ग्रामीण
विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत आयोजित शिविरों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री रेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने एवं पात्र लोगों को जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ गई इस यात्रा में ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग जागरूकता के साथ भाग ले रहे हैं। यात्रा के तहत आयोजित ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में ग्रामीणों ने उत्साह दिखाया। इस दौरान जिले की 12 ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों में हुए ऑनलाइन क्विज में 615 जनों ने भाग लिया। जिसमें कोटड़ा ब्लॉक की दो पंचायतों में 97, गिर्वा ब्लॉक की दो पंचायतों से 84, वल्लभनगर ब्लॉक की दो पंचायतों से 109, झाड़ोल ब्लॉक की दो पंचायतों से 171, कुराबड़ ब्लॉक की दो पंचायतों से 92 व बड़गांव ब्लॉक की दो पंचायतों से 62 व्यक्तियों ने भागीदारी निभाई।

राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय में नई शिक्षा नीति 2020 पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य उच्च शिक्षा परिषद् जयपुर एवं राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय उदयपुर, आशापूर्णा ग्रुप ऑफ़ कॉलेज (जालोर), आस्था कॉलेज इटावा (कोटा ) के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला हुई।

समन्यवक प्राचार्य प्रो. अंजना गौतम ने नई शिक्षा नीति पर नए ज्ञान को आत्मसात करने की बात कही। प्रो.संध्या पठानिया आयोजक सचिव ने राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेने वाले गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यशाला के संयोजक प्रो.जय भारत सिंह, संयुक्त निदेशक ने कहा की नवीन शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थी कें केंद्रित होना चाहिए। यह नीति अभिभावक तथा शिक्षकों को दृष्टिगत रखते हुए निर्मित की गई है। मुख्य अतिथि प्रो.शिवसिंह सारंगदेवोत, उप कुलपति राजस्थान विद्यापीठ ने जीवन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेष अतिथि प्रो. टीसी बैरवा संयुक्त निदेशक कॉलेज शिक्षा आयोग ने नवीन शिक्षा नीति को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।

प्रो. डीएस चुण्डावत, वीके चेयरमैन राजस्थान उच्च शिक्षा परिषद् जयपुर ने अध्यक्षीय उद्बोधन में नवीन शिक्षा नीति को कौशल विकास, क्रांतिक सोच, आत्मनिर्भर तथा समावेशी विकास केन्द्रित होने पर बल दिया। कार्यशाला के गेस्ट ऑफ़ ऑनर, प्रो. मनोज दीक्षित वाईस चांसलर एमजीएसयू बीकानेर, प्रथम तकनीकी सत्र को प्रोफेसर राजकुमार राठी, तोडा राइ सिंह, प्रोफेसर नरेन्द्र भोजक ने विचार व्यक्त किए। तृतीय व्याख्यान के उद्बोधन की शुरुआत करते हुए प्रो. सुरेश कुमार जीरवाल ने नवीन शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिए टाइटल स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान से अवगत कराया। अंतिम सत्र में प्रो. प्रेम सोनवाल ने संबोधित किया।

कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए डॉ. श्याम कुमावत,प्रो. बीएल मीणा, प्रो.सुनील दत्त शुक्ला, डॉ. शिवानी स्वर्णकार, डॉ.सुनीता आर्य, डॉ.किरण मीणा आदि उपस्थित रहे। आयोजन सचिव डॉ.पूर्णिमा सिंह ने आभार जताया। डॉ.साक्षी चौहान एवं नरेन्द्र सिंह शेखावत ने कार्यशाला में सहयोग किया। तकनीकी सहयोग मंजू शेखावत व सुरभि तिवारी ने दिया। संचालन डॉ. श्रुति टंडन एवं डॉ. मृणालिनी पारीक ने किया।

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