>>: पीपलू में 6 साल के बाद चली रोडवेज, बस को घुमाने के लिए नहीं मिलती पर्याप्त जगह

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टोंक से मालपुरा मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसों के 6 वर्षों बाद पीपलू में फेरे शुरू हुए हैं। क्षेत्र में टोंक-टोडा-टोंक-डिग्गी-टोंक तथा टोंक-नगर-टोडा-टोंक का संचालन पीपलू बसस्टैंड से होकर किया जा रहा है। करीब 6 वर्षों बाद 4 किमी दूर नाथड़ी से सीधी जाने वाली दो बसों के फेरे पीपलू मुख्यालय होकर शुरू होने से स्थानीय ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। दोनों बसों के कुल 6 फेरे होते हैं। ग्रामीण भरत शर्मा, लड्डूलाल मेहरा ने बताया कि 6 में से कभी दो कभी 3 फेरे ही बस ही आ रही है।

यह है निर्धारित समय

रोडवेज निगम के अनुसार फेरा संख्या 69 डिग्गी से सुबह 7 बजे रवाना होकर सुबह 8.15 बजे बस पीपलू पहुंचती है, जो कि यहां से टोंक के लिए जाती है। वहीं टोंक से सुबह 9.30 बजे रवाना होकर सुबह 10.45 पर बस पीपलू पहुंचती है, जो यहां से टोडारायङ्क्षसह के लिए जाती है। इसी तरह टोडारायङ्क्षसह से 3.30 बजे रवाना होकर शाम 5.00 बजे बस पीपलू पहुंचती है, जो यहां से टोंक के लिए जाती है।

बसों के कुल 6 फेरे

टोंक से शाम 6.30 बजे रवाना होकर 7.15 बजे बस पीपलू पहुंचती है, जो रात्रि में डिग्गी जाकर नाइट स्टॉप करती है। इसी तरह शिड्यूल संख्या 72 टोंक से दोपहर 2.45 पर रवाना होकर 3.30 बजे पीपलू पहुंची है। जो यहां से नगर (मालपुरा) तक जाती है। टोडारायङ्क्षसह से सुबह 10.30 बजे रवाना होकर दोपहर 12.00 बजे बस पीपलू पहुंचती है जो यहां से टोंक के लिए जाती हैं। इस तरह दोनों शिड्यूल बसों के कुल 6 फेरे पीपलू बसस्टैंड से होकर संचालित किए जा रहे हैं।

लोगों ने किया अस्थाई अतिक्रमण

आस-पास के दुकानदारों ने चबूतरे आदि बनवाकर परिसर में स्थाई अतिक्रमण कर लिया। शेष जगह पर भी फल-सब्जी, चाट-पकौड़ी, शीतलपेय आदि के ठेले लगाकर लोगों ने अस्थाई अतिक्रमण कर लिया। इससे यह बारह बिस्वा में ही सिकुड़ गया। ग्रामीणों की मांग पर विधायक रामसहाय वर्मा ने भी रोडवेज निगम को बसों का संचालन पीपलू बसस्टैंड से होकर संचालित करने को लेकर पत्र लिखा था। लोगों को रोडवेज में सफर करने के लिए पीपलू से नाथड़ी आना पड़ता था। इससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

नहीं है ट्रैफिक पुलिस

पीपलू कहने को उपखण्ड मुख्यालय है। लेकिन यहां के बस स्टैण्ड आदि सार्वजनिक स्थानों पर यातायात सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी नहीं है। 10 वर्ष पहले अतिक्रमणों को हटाकर पंचायत की ओर से नो-पार्किग का बोर्ड लगाया गया था। इससे कुछ दिनों तक तो स्थिति ठीक रही। लेकिन वर्तमान में यहां किसी प्रकार का बोर्ड नहीं है। इससे फिर से जीप, बाइक बेतरतीब ढंग से खडे रहने लगे हैं। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने भी कई बार अभियान चलाकर चालान काटने की कार्रवाई की। लेकिन स्थाई रूप से इसका निदान नहीं हो पाया है।

पत्रिका ने उठाया था मुद्दा

टोंक पत्रिका में 19 दिसंबर 2023 को मतदाता बोले: हमने निभाया अपना कर्तव्य, अब जनप्रतिनिधि घोषणाओं-वादों को करें पूरा तथा 28 दिसंबर को नवारंभ: नई शुरुआत में आधे किराए में सफर से महिलाएं कोसों दूर शीर्षक से खबर प्रकाशित कर टोंक से मालपुरा मार्ग पर चलने वाले रोडवेज बसों के पीपलू बसस्टैंड से संचालन को लेकर मुद्दा उठाया था। चुनाव के दौरान भी जागो जनमत, पत्रिका परिचर्चा, टॉक शो के माध्यम से भी यह मुद्दा उठाया था। जिसके बाद फिलहाल दो शिड्यूल का संचालन पीपलू बसस्टैंड से होकर शुरू किया गया है।

...अब प्रशासन बसस्टैंड को कराए खाली

रोडवेज निगम की ओर से बसों का संचालन तो शुरू कर दिया। लेकिन पीपलू बसस्टैंड अतिक्रमण से बोझिल बना हुआ है। अतिक्रमण के चलते कस्बे का बस स्टैण्ड सिकुड़ गया है। वहीं आडे-तिरछे वाहन एवं ठेले खड़े होने से बसों को यहां से घुमाने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक पीपलू का बस स्टैण्ड एक बीघा 12 बिस्वा क्षेत्रफल में विस्तारित है।

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