>>Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment! |
डेढ़ लाख डिग्रियां दबाए बैठा मत्स्य विवि, छात्रों को इंतजार Sunday 18 February 2024 06:03 AM UTC+00 विश्वविद्यालय का हाल : तीन सत्रों की विद्यार्थियों को नहीं बांटी डिग्रियांडेढ़ लाख डिग्रियां दबाए बैठा मत्स्य विवि, छात्रों को इंतजार राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी पिछले तीन सालों से अपनी डिग्री मिलने का इंतजार कर रहे हैं और विश्वविद्यालय डेढ़ लाख डिग्रियों को दबाकर बैठा है। विश्वविद्यालय में उच्च अधिकारियों के आपसी विवाद और कई कारणों के चलते अफसरों को तबादला होता रहा है। इसका हर्जाना विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। बताया जाता है कि अभी विद्यार्थियों को और दो माह डिग्री मिलने का इंतजार करना पड़ सकता है। क्योंकि प्रदेश में लोकसभा चुनाव होने के कारण आचार संहिता लगने वाली है। ऐसी स्थिति में दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं किया जा सकता है। आचार संहिता लगने से पूर्व तीन सत्रों की डिग्रियों को प्रिंट होने में भी समय लगेगा। साथ ही राज्यपाल की ओर से विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में डिग्रियां वितरित की जाती हैं। इसके लिए अभी कोई कार्यक्रम भी तय नहीं हो पाया है। पिछले इन सत्रों की डिग्रियां अटकी, अभी तय नहीं की वितरण की तिथि: विश्वविद्यालय में सत्र 2020 के बाद किसी भी प्रकार की डिग्री नहीं दी गई है। क्योंकि वर्ष 2020 के बाद दीक्षांत समारोह का आयोजन नहीं हुआ है। इसमें प्रत्येक सत्र 40 हजार से अधिक डिग्रियां है, जो विद्यार्थियों को वितरित की जाएंगी, लेकिन विश्वविद्यालय ने अभी तक दीक्षांत समारोह करने की तिथि जारी नहीं की है। बताया जाता है कि वर्तमान में अभी केवल दो सत्रों की डिग्रियों को बांटा जाएगा। इसमें सत्र 2021 और 2022 शामिल हैं। इसमें से सत्र 2021 की डिग्रियों के लिए टेंडर हो चुका है और सत्र 2022 का टेंडर होना बाकी है। वहीं, सत्र 2023 के विद्यार्थियों की डिग्रियों की तैयारी की जा रही है। 2023 के डिग्रियों का डेटा तैयार किया जा रहा है। ये डिग्रियां मिलेंगी विद्यार्थियों को : विश्वविद्यालय के अंतर्गत पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों में यूजी (स्नातक), पीजी (स्नातकोत्तर), बीएड और पीएचडी के शामिल हैं। जो पिछले तीन सालों से अपनी डिग्री का इंतजार कर रहे हैं। बताया जाता है कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हित में निर्णयों को नहीं लेती है। विद्यार्थियों के दर्द को नहीं समझता है। विद्यार्थियों की समस्याएं लगातार बनी रहती हैं। यदि डिग्रियां का वितरण करना है तो दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम जारी किया जाना चाहिए। राजभवन से निर्देश प्राप्त होते ही दीक्षांत समारोह की तैयारियां प्रारंभ कर दी जाएंगी। दीक्षांत समारोह से पूर्व परीक्षा 2023 में बैठने वाले विद्यार्थियों के डेटा पर कार्य किया जा रहा है। डिग्रियों को प्रिंट होने में समय लगता है। -लखन सिंह यादव, परीक्षा नियंत्रक, मत्स्य विवि, अलवर। |
| You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at rajisthanews12@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription. |
