भीलवाड़ा में नगर विकास न्यास व नगर परिषद की पेराफेरी की जमीनों पर अतिक्रमण व पंचायतों की कृषि भूमि पर अब अनाधिकृत रूप से कब्जे करने पर खैर नहीं होगी। जिला प्रशासन व न्यास ऐसी भूमि से सख्ती से अतिक्रमण हटाएगा और कब्जे में लेकर बिलानाम की कार्यवाही करेगा। गुलाबपुरा क्षेत्र में सोमवार को बड़ी कार्रवाई भी हुई है।
यूआईटी की पेराफेरी
न्यास की पेराफेरी में कॉलोनियों के साथ ही समीवर्ती 56 गांव की हाईवे व मुख्य सड़क की जमीनें शामिल है। शिकायत है कि इनमें गठीला का खेड़ा, नया समेलिया, पांसल, आरजिया, मालोला, पालड़ी व आटूण क्षेत्र में बेशकीमती कृषि जमीनें बिक गई है।
आवासीय निर्माण
कृषि भूमि का रूपांतरण नहीं होने के बावजूद आवासीय निर्माण हो रहा है। यहां की बेशकीमती जमीनें तक न्यास की पेराफेरी से मुक्त करा ली गई है। खाते में पंचायत की भूमि दर्ज होने के बावजूद यहां अवैध रूप से जमीनें बिक रही है। शहर में कृषि भूमि पर 100 से अधिक कॉलोनियां बस चुकी है। ऐसी शिकायतों को उपखंड अधिकारी ने गंभीरता से लिया है।
शिकायतों पर जांच
नगर परिषद के पेराफेरी क्षेत्र अहिंसा सर्किल, कोटा लिंक रोड, कुवाडा व सांगानेर रोड पर सवार्धिक अवैध कब्जों की शिकायतें है। इसी प्रकार भीलवाड़ा तहसील में कोटड़ी चौराहा, कोदूकोटा रोड व अगरपुरा रोड पर भी सरकारी व कृषि जमीनों पर कब्जे की शिकायतों की जिला प्रशासन जांच कर रहा है।
अधिकारियों को किया पाबंद
जिला कलक्टर नमित मेहता ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों व कृषि भूमि पर अवैध तरीकों से कॉलोनियों काटने की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सोमवार की समीक्षा बैठक में न्यास सचिव समेत जिले के समस्त उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह ऐसे अवैध कब्जे चिंहित करे और राजस्थान काश्तकार अधिनियम 177 के तहत कब्जे हटाए और जमीनों को बिलानाम दर्ज कराए।
गिरदावरों व पटवारियों पर रहेगी नजर
अवैध कब्जों को लेकर कई पंचायतों के गिरदावर व पटवारियों की भूमिका संदिग्ध होने की शिकायतें भी है। ऐसे राजस्व कर्मियों के खिलाफ जिला कलक्टर ने कार्रवाई करने को उपखंड अधिकारी व तहसीलदार को कहा है। कलक्टर के आदेश के बाद उपखंड अधिकारियों व न्यास सचिव ने क्षेत्र के दौरे स्वयं करने की तैयारी कर ली है। वह अपने स्तर पर जानकारी भी जुटा रहे है।
नहीं होंगे अतिक्रमण बर्दाश्त
जिला कलक्टर नमित मेहता का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों व सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होंगे। इन्हें चिंहित कर हटाएंगे। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया हे। कृषि भूमि पर ऑवासीय निर्माण होने पर सख्ती बरती जाएगी और जमीन को बिलानाम करने की कार्यवाही होगी।