>>: Digest for February 08, 2024

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

You are receiving a digest because your subscriptions have exceeded your account's daily email quota. Your quota has automatically reset itself.

Table of Contents

Rajasthan News : वैसे तो समूचे देश एवं प्रदेश के लिए गौरव की बात है लेकिन गंगानगर में इसका जश्न कुछ ही ज्यादा है। श्रीगंगानगर के लाडले उदय सहारण ने क्रिकेट में धमाल मचा दिया। यह उदय की संयम से भरी साहसिक पारी का ही कमाल था कि न केवल भारतीय युवा टीम वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाने में कामयाब हुई बल्कि उदय मैन ऑफ द मैच का खिताब जीतने में भी सफल रहे।


अंडर-19 विश्व कप सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को दो विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम कप्तान उदय सहारण जिस समय बल्लेबाजी करने आए तब टीम के हालात अच्छे नहीं थे। टीम एक-एक रन के लिए संघर्ष कर रही थी। 32 रन पर चार विकेट गिर जाने के बावजूद उदय एवं सचिन ने दबाव झेला और सूझबूझ भरी पारी खेलकर अफ्रीका के जबडे़ से जीत छीन ली। उदय टीम को जीत की दहलीज तक लेकर गए लेकिन बदकिस्मती रन आउट हो गए। वो आउट हुए तब स्कोर बराबर हो चुका था। उदय ने धैर्य के साथ टिककर बल्लेबाजी की। इसका अंदाजा उनकी बल्लेबाजी से भी लगाया जा सकता था। उन्होंने 124 गेंद खेलकर 81 रन की पारी में केवल छह चौके लगाए। उदय अब तक विश्व कप में सर्वा धिक 389 रन बना चुके हैं। विदित रहे कि पिछले अंडर 19 में उन्हें स्टेंडबाई में रखा गया था जबकि इस बार वो टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : जापान में नेटवर्क एक्सचेंज एग्रीकल्चर प्रोग्राम के लिए राजस्थान के अंग्रेज सिंह का चयन

 

बेटे ने कहा था कि कप अपना ही होगा


अंडर- 19 टीम इण्डिया के कप्तान श्रीगंगानगर के उदय सहारण की ओर से धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए भारत को फाइनल तक पहुंचाने पर उनके परिवार व दोस्तों सहित श्रीगंगानगर के लोगों में खुशी का माहौल है। एक शादी समारोह में शामिल होने गए उनके पिता संजीव सहारण की खुशी का तो कोई ठिकाना ही नहीं है। उनकी मां भी अपने बेटे की बल्लेबाजी देखकर व टीम को फाइनल तक पहुंचाने पर बेहद खुश दिखाई दी।

पत्रिका ने उनके पिता संजीव सहारण से बात की तो वे काफी खुश थे। उन्होंने कहा कि टीम को बेटे ने फाइनल तक पहुंचाया है, इसकी खुशी के लिए उनको पास कोई शब्द नहीं है। मेरे बेटे ने मेरा सपना पूरा किया है। जब वह गया था, तो कहकर गया था कि कप अपना ही होगा। हम उस जगह पहुंच रहे हैं, जहां जाना था। पिता ने जाते समय उदय सहारण को कहा था कि वह अपने हिसाब से ही खेले और दबाव में नहीं आए। उनको विश्वास था कि जब वह अकेला जम जाता है, तो फिर पीछे नहीं हटता।

यह भी पढ़ें : राजस्थान के इस जिले में पटरी पर चढ़ी उम्मीदों की रेल, जल्द दौड़ती नजर आएगी ट्रेन

 

खुद पर था विश्वास


मैच जीतने के बाद उदय ने कमेंटेटर से बातचीत करते हुए कहा कि उनको विश्वास था कि अगर खड़े रहे तो मैच आखिर तक जाएगा। पापा भी धीरे-धीरे ही खेलते थे और मैच को आखिर तक ले जाते थे। मैंने भी यही सोचा कि खड़ा रह गया तो बड़े शॉट तो बाद में भी खेल सकता हूं। वैसे मैच के दौरान उदय अपने साथी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते भी सुने गए।

 

पिता ही हैं कोच


उदय के कोच उनके पिता डाॅ. संजीव सहारण हैं, जो कि ए श्रेणी के क्रिकेट कोच भी हैं। डाॅ.सहारण ने बताया कि उनका सपना भी बड़ा क्रिकेटर बनने का था लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। आयुर्वेद में डाॅक्टर की पढ़ाई की। खुद का सपना बेटे में देखा और उसको रोजाना दस से बारह घंटे तक अभ्यास करवाया। सहारण ने बताया कि उन्होंने बेटे को कभी किसी खिलाड़ी से कॉपी करने का नहीं सिखाया।

क्षेत्र में मौसम में उतार चढाव की स्थिति बनी हुई है। सुबह क्षेत्र में घने बादल छाए रहे और इसके बाद कई स्थानों पर बारिश व बूंदाबांदी हुई। शीतलहर के कारण अभी सर्दी का असर बना हुआ है। बूंदाबांदी व बारिश से फसलों को फायदा होगा।


सुबह ही क्षेत्र में घने बादल छाए रहे। इसके बाद लूणिया, सिद्धूवाला, रामसिंहपुर, जैतसर, जानकीदासवाला व आसपास के इलाके में कहीं बारिश व कहीं बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम सर्द हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस समय गहूं व सरसों की फसल में हल्की बारिश से काफी फायदा पहुंचेगा।

कई जगहों पर बूंदाबांदी के बाद श्रीगंगानगर में बादल छंट गए और करीब साढ़े ग्यारह बजे धूप खिल गई। इससे लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली। पिछले दिनों तेज धूप खिलने से लोगों को सर्दी से राहत मिली थी लेकिन इसके बाद बादल आने से कभी धूप कभी छांव की स्थिति बनी हुई है। वहीं बूंदाबांदी से सर्दी में इजाफा कर दिया है।

अनूपगढ़. सीमा सुरक्षा बल की 23वीं वाहिनी की ओर से बुधवार को भारत-पाक सीमावर्ती क्षेत्र के सीमावर्ती गांव 9 एलएसएम में सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत कैम्प का आयोजन किया गया। सिविक एक्शन कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल की ओर से जहां एक तरफ ग्रामीणों को नि:शुल्क चिकित्सीय सुविधा दी गई वहीं विद्यालय के विद्यार्थियों को खेल सामग्री तथा पाठ्य सामग्री देकर लाभांवित किया गया।

कैम्प का उद्घाटन सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी सत्येंद्र गिरी द्वारा रिबन काटकर किया गया। इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल की वाहिनी के समादेष्टा तरुण कुमार गौतम भी मौजूद रहे। सिविक एक्सन कैम्प में ग्राम पंचायत 30 एपीडी और खोखरावली के अंतर्गत ग्राम 1 बीएसएम, 2 बीएसएम, 30 एपीडी, 4 के एएम और 26 एपीडी एवं 9 एलएसएम स्कूल के बच्चों को स्कूल बैग, स्टेशनरी आइटम, स्पोट््र्स आइटम व स्कूल फर्नीचर का सामान वितरण किया गया। मेडिकल कैंप में सीमा सुरक्षा बल के डॉ. तपन काले, मेडिकल अफसर, डॉ. सीमा बिश्नोई (एमबीबीएस) ने 204 मरीजों का उपचार कर मुफ्त में दवाई का वितरण किया गया। इस अवसर पर 23वीं वाहिनी के समादेष्टा तरुण कुमार गौतम, कृष्ण कुमार कोठारी (उप समादेष्टा), तेज राम(सहा समादेष्टा) अधिनस्थ अधिकारी आदि बीएसएफ के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। इस दौरान ग्राम पंचायत 30 एपीडी के सरपंच पूरनमल, गोपीराम शर्मा सरपंच (खोखरावाली), प्रधानाध्यापक राजकीय प्राथमिक विधालय 26 ए पी डी के गिरीरीज मीणा, राजकीय प्राथमिक विद्यालय 9 एलएसएम की प्रधानाध्यापिका पवन बाई मीणा भी उपस्थित रही।
कार्यक्रम के दौरान सत्येंद्र गिरी डी आई जी ने ग्रामीणों को बताया कि सिविक एक्शन प्रोग्राम भारत सरकार का एक कार्यक्रम है, जिसके तहत सीमावर्ती गंावों में रहने वाले जरूरतमंद ग्रामीणों व सामुदायिक केंद्रों में सामान उपलब्ध कराना होता है, जैसे कि सीमावर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य सेंटर में जरूरत के उपकरण, स्कूलों में जरूरत की स्टेशनरी व खेलों का सामान इत्यादि उपलब्ध कराना है, जिससे सीमा सुरक्षा बल व ग्रामीणों के बीच अच्छा तालमेल बना रहता है।
गांव के विद्यालय को क्रमोन्नत करवाने के लिए अनुशंसा की मांग
निकटवर्ती गांव 9 एलएसएम के ग्रामीणों ने सरपंच पूर्णमल व गोपीराम तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक पवन बाई मीणा के नेतृत्व में गांव में पहुंचे सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी सत्येंद्र गिरी और सीमा सुरक्षा बल की 23 वीं वाहिनी के समादेष्टा तरुण कुमार गौतम के समक्ष विद्यालय के लिए सीमा सुरक्षा बल वाहिनीं की ओर से किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उनके समक्ष स्कूल में व्याप्त अन्य समस्याओं को उठाते हुए उनसे आग्रह किया कि यहां के प्राथमिक विद्यालय को उच्च प्राथमिक विद्यालय में क्रमोन्नत करवाने के लिए बीएसएफ की ओर से अनुशंसा पत्र भेजें, ताकि यहां के बच्चों को माध्यमिक शिक्षा के लिए गांव से बाहर दूर नहीं जाना पड़े। इस मौके पर बीएसएफ के अधिकारियों को प्रधानाध्यापक व दोनों सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में यहां का विद्यालय प्राथमिक स्तर का विद्यालय है। कक्षा 5 तक का विद्यालय होने के कारण आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को अन्यत्र जाना पड़ता है। जिस पर बीएसएफ के दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वह इस मामले में सरकार को अनुशंसा पत्र भेजेंगे। इस मौके पर अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी लेने के साथ ही व्यवस्थाओं के बारे में पूछा।
बॉर्डर पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया
अनूपगढ़ सीमा क्षेत्र के दौरे के दौरान सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी सत्येंद्र गिरी ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की क्षेत्र की चौकी 2 बीएनएम का दौरा करके बॉर्डर पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाया। डीआईजी गिरी ने प्रेस को बताया कि सीमा चौकी पर उनकी विजिट ऑफिशियली थी। उन्होंनें जवानों से फिटनेस के बारे में भी बात की गई कि ड्यूटी के दौरान अपने आपको कैसे फिट रखना है। सीमा पार से ड्रोन की सहायता से आ रहे हेरोइन को रोकने के लिए ड्रोन रोधी तकनीक विकसित की जा रही हैं। सीमा सुरक्षा बल के जवान हमेशा क्षेत्र के गांव वालों के साथ तालमेल रखते हैं, ताकि किसी के पास कोई खबर हो तो बीएसएफ को पता चल सके और अपराधियों को पकड़ा जा सके।

श्रीगंगानगर. पश्चिमी विक्षोभ के असर से जिले में बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को मौसम साफ रहने के बाद बुधवार को आसमान में फिर बादल छा गए। इससे जिले में कई जगह हल्की बारिश हुई। श्रीगंगानगर व आसपास के इलाके में भी बारिश के आसार बने लेकिन बादल बिना बरसे छंट गए। सुबह ग्यारह बजे के आसपास खिली धूप से सर्दी का असर कम हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी इलाके में बना हुआ है। इससे मौसम में उतार चढाव की स्थिति बनी हुई है। सुबह इलाके में घने बादल छाए रहे और उसके बाद कई स्थानों पर बारिश व बूंदाबांदी हुई। इसके बाद सर्दी का असर बना हुआ है। बूंदाबांदी व बारिश से सरसों व गेहूं की फसलों को फायदा होगा। बारानी क्षेत्र में चना, जौ और तारामीरा की फसल के लिए बारिश जीवनदायिनी साबित हुई है। मावठ नहीं होने और ठंड के प्रकोप से बारानी फसलें दम तोडऩे लगी थी। जानकारी के अनुसार लूणिया, सिद्धूवाला, रामङ्क्षसहपुर, जैतसर, जानकीदासवाला व आसपास के इलाके में कहीं बारिश व कहीं बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम सर्द हो गया।
सूरतगढ़. क्षेत्र में बुधवार सुबह बूंदाबांदी के बाद दोपहर में धूप खिली। इससे आमजन ने सर्दी से राहत महसूस की। बरसात होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि बरसात होने से फसलों को फायदा होगा।
जानकीदासवाला. क्षेत्र में बुधवार सुबह मावठ की हल्की बूंदाबांदी से किसानों के चेहरों पर रौनक छा गई। विगत दो दिनों से हो रही बूंदाबांदी से फसलों को सूखी ठंड़ से निजात मिलेगी। साथ ही हल्की बूंदाबांदी से फसलों को लाभ मिलेगा और अच्छी बढ़वार होगी। वहीं बूंदाबांदी से गांव की सडक़ें भी भीगी नजर आई। बरसात से सर्दी का असर भी एकबार फिर बढ़ गया।

श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर). कस्बे में अतिक्रमण वैसे तो सामान्य बात है लेकिन विद्युत निगम ने भी कई सड$कों पर अतिक्रमण कर रखा है। जी हां, इसका सबूत है सडक़ के बीचोंबीच खड़े हाई वोल्टेज विद्युत ट्रांसफामर और विद्युत खंभे। सड$क की करीब आधी जगह पर कब्जा होने से जहां सड$कों की चौड़ाई कम हो गई है। वहीं, हादसे की भी आशंका बनी रहती है।
जानकारी अनुसार डीएसपी कार्यालय के सामने लगे हाई वोल्टेज विद्युत ट्रांसफार्मर ने सड$क पर करीब दस फीट जगह घेर रखी है। वहीं, जलदाय विभाग के निकट चौड़ी सड$क पर लगा ट्रांसफार्मर भी सड$क के किनारे से दस फीट अंदर की ओर लगा है। ऐसे में जहां वाहनों के आवागमन के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है।
--------------------------------
बनी रहती है हादसे की आशंका
आसपास के लोगों को अतिक्रमण का मौका मिल जाता है। हाल ही रेलवे फाटक से शहीद भगतङ्क्षसह चौक के मध्य बनी सीसी सड$क का निर्माण भी खंभों को शिफ्ट किए बिना कर दिया गया। इससे दिनभर व्यस्त रहने वाली सड$क पर हादसे की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा भी कस्बे में कई विद्युत खंभे सड$क के किनारे ना होकर बीचोंबीच लगे हैं और संज्ञान होने के बावजूद विद्युत निगम ने आंखें मूंद रखी हैं। लोगों का कहना है कि इस बारे में कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
डीएसपी कार्यालय के सामने व जलदाय विभाग के निकट सड$क के बीच लगे ट्रांसफार्मरों की जानकारी है। ये ट्रांसफार्मर लंबे समय से लगे हैं। डीएसपी कार्यालय के निकट लगे ट्रासंफार्मर को शिफ्ट करने के लिए वहां से पत्र भी आया था लेकिन इसकी शिङ्क्षफ्टग का खर्च भुगतने के सवाल पर मामला वहीं रुक गया। लेकिन अब जनहित में इन ट्रांसफार्मरों के स्थान परिवर्तन का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। - वीके वर्मा, एइएन विद्युत निगम श्रीकरणपुर।

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.