>>: Digest for February 08, 2024

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Table of Contents

नीमकाथाना. नीमकाथाना जिला बनते ही भूमाफिया ऐसे सक्रिय हुए कि वे सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर प्लॉङ्क्षटग करने से बाज नहीं आ रहे। शहर में चला की ढाणी के पास काटी गई अवैध कॉलोनी में लोगों ने प्लॉट भी खरीद लिए। शिकायतकर्ता धर्मपाल सैनी व पूरणमल यादव द्वारा गोड़ावास पंचायत में स्थित 34 बीघा सरकारी जमीन पर माफियाओं द्वारा कब्जा कर प्लॉङ्क्षटग करने का मामला कलक्टर की जनसुनवाई उठाया तो राजस्व अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। तहसीलदार ने नायब तहसीलदार वीपी ङ्क्षसह नरूका तथा गोडावास व चला की ढाणी पटवारी से जब मामले की जांच करवाई तो सच्चाई सामने आई। इस तहसीलदार महेश ओला ने कब्जाधारियों के खिलाफ धारा 91 की कार्रवाई तथा मौके पर यथास्थिति रखने के आदेश दिए है। वही माफियाओं ने खातेदारी जमीन पर बिना स्वीकृति कच्ची सड़के बनाकर प्लॉङ्क्षटग करने के पर धारा 177 की कार्रवाई के लिए उपखंड अधिकारी को लिखा जाएगा।

प्लॉट खरीदे गरीबों की सुनने वाला कौन

माफियाओं ने जिस सरकारी भूमि पर प्लॉङ्क्षटग कर गरीबों को बचे दिए। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि जिन लोगों ने माफियाओं से प्लॉट खरीदे हैं उनकी सुनने वाला कौन है। मामला उच्च स्तरीय अधिकारियों तक पहुंच गया है। ऐसे में यहां विभाग कभी ना कभी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सरकारी जमीन को अपने कब्जे में जरूर लेगा। ऐसे में लोगों के पास दुखों का पहाड़ टूटने के अलावा कुछ नहीं बचेगा।

जांच में निकल सकते हैं ऐसे कई मामले

जिम्मेदार अधिकारी यदि क्षेत्र में काटी गई अवैध कॉलोनियां की अगर जांच करवाएं तो इस तरह के कई मामले उजार होने की संभावना बताई जा रही है। क्षेत्र में माफियाओं द्वारा काटी गई दर्जनों कॉलोनियां बिना स्वीकृति के ही सामने आएगी, जो स्वीकृति लेकर कॉलोनियां काटी है उनमे नियमों की पालना नहीं की गई है। माफियां तो प्लॉट बेचकर पीछे हट जाते है बाद में मरना प्लॉट खरीदने वालों का हो जाता है।

नीमकाथाना. जिले की महिलाओं को स्वयं की पहचान बनाने एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कलक्टर श्रुति भारद्वाज ने एक नवाचार शुरू किया है जिसको 'मिशन मेरी पहचान' नाम दिया गया है। इस नवाचार के तहत राजीविका की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उनकी रुचि के अनुसार उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है । इसके तहत मंगलवार को जिला कलेक्टर श्रुति भारद्वाज ने नाथा की नांगल में आरसेटी के द्वारा चलाए जा रहे प्रशिक्षण शिविर का निरीक्षण किया। इसके तहत महिलाओं को सॉफ्ट टॉयज बनाने की ट्रेङ्क्षनग दी जा रही है। कलक्टर ने बताया कि मिशन मेरी पहचान नवाचार के तहत महिलाओं को उनके घर पर ही स्किल ट्रेङ्क्षनग दी जा रही है। उनका लक्ष्य है कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर उनको अपनी पहचान बनाने में मदद करना है। इस नवाचार के तहत महिलाएं अपनी रुचि के अनुसार अपने घर पर ही उत्पाद तैयार कर सकेंगी। उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफ ॉर्म पर बेचने की ट्रेङ्क्षनग भी दी जाएगी। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुरारी शर्मा, आरसेटी डायरेक्टर अशोक कालेर, राजीविका के जिला प्रबंधक अनुराग स्वामी मौजूद रहे।

Road Accident In Sikar Rajasthan: नई दुल्हन के स्वागत के लिए ससुराल में मंगल गीत गाए जा रहे थे, सजावट की जा रही थी और पूजा पाठ की तैयारी कर की जा रही थी। शुभ घड़ी में नई बहू पहली बार ससुराल में कदम रखती उसे यादगार बनाए जाने के लिए हर तैयारी की गई, लेकिन दुल्हन ससुराल में पहला कदम नहीं रख सकी। ससुराल से कुछ दूर पहले उसकी मौत हो गई।

 

सड़क हादसे के बाद दुल्हन की कार चकनाचूर हो गई। लाश की हालत देखकर कलेजा मुंह को आ गया। दूल्हा गंभीर रूप से घायल है। वर और वधु पक्ष के लोग अस्पताल में मौजूद हैं। सीकर में आज तड़के बड़ा सड़क हादसा हुआ है। हादसे के बाद हडकंप मचा हुआ है। सीकर जिले के फतेहपुर इलाके में यह सड़क दुर्घटना हुई है।


पुलिस के अनुसार हादसा सीकर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 पर फतेहपुर इलाके में सुबह करीब आठ बजे हुआ। सीकर जिले के ही लक्ष्मणगढ़ इलाके के बाटड़ानाऊ गांव से एक बारात हरियाणा गई थी। मंगलवार रात को शादी होने के बाद दूल्हा और दुल्हन बाटड़ानाऊ गांव लौट रहे थे। उसी दौरान दूल्हे के गांव से कुछ ही किलोमीटर पहले ही दूल्हा और दुल्हन की कार एक डंपर से टकरा गई।

हादसा इतना जबर्दस्त था कि दुल्हन खुशबू की मौके पर ही मौत हो गई और दूल्हा गंभीर रूप से घायल हो गय। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां दुल्हन को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूल्हे को सीकर के कल्याण अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही दूल्हा और दुल्हन के घरों में कोहराम मच गया। पुलिस ने बताया कि दूल्हा रघुवीर जाट बाटड़ानाऊ का रहने वाला है। जबकि दुल्हन खुशबू उर्फ रेखा हरियाणा के सिरसा के ताजिया खेड़ा गांव की रहने वाली थी।

उल्लेखनीय है हाल ही सीकर जिले के लोसल इलाके में एक शादी से पहले दुल्हन के सगे भाई समेत उसके तीन जवान भाइयों की सड़क हादसे मौत हो गई थी। इनमें दो युवक लड़की की बुआ और मामा के बेटे थे। इस हादसे के बाद वहां शादी टाल दी गई और पूरा परिवार तथा गांव गम में डूब गया था।

लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन मंगलवार को सीकर के प्रधानजी का जाव में हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपनी खामियों पर चर्चा के साथ लोकसभा चुनाव में प्रदेश से 15 से ज्यादा सीट जीतने का खम ठोका। अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए केंद्र व राज्य सरकार पर करारा आक्रमण भी किया। कांग्रेस महासचिव व प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पीएम मोदी ने संसद में राजनेता की बजाय अहंकारी के रूप में कांग्रेस को चैलेंज दिया है। कार्यकर्ताओं के हवाले से उसे मैं स्वीकार करता हूं। देश में फिर से कांग्रेस की सरकार बनाएंगे। कहा, इसके लिए हमें शहीद भगत सिंह का 'पगड़ी संभाल जट्टा' और 'मेरा रंग दे बसंती चोला' का नारा देना होगा। सीएम भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अफसरों को भगवान से डरने की बात कहते हैं। जबकि सीएम का तो रौब ऐसा होना चाहिए कि अफसर ये कहे कि भगवान के लिए मुझ पर रहम करो। कांग्रेस को खून से देश की धरती सींचने वाली बताते हुए उन्होंने अग्निवीर योजना पर भी सवाल उठाए। कहा, योजना में केंद्र सरकार पेंशन रहित चार साल की नौकरी दे रही है। जिसमें शहीद होने पर जवान को सलामी व वाहन भी नसीब नहीं हो रहा।

डोटासरा ने पद के लिए किया मना
रंधावा ने डोटासरा को फिर से पीसीसी चीफ बनाने का जिक्र भी किया। कहा, डोटासरा ने राहुल गांधी को उनकी बजाय किसी नए को प्रदेशाध्यक्ष बनाने की बात रखी थी। पर राहुल गांधी ने उनका काम अच्छा बताते हुए उन्हें आगे भी पद पर रहने को कहा। इसी तरह डोटासरा ने अपने पद को पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह की देन बताते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि प्रदेशाध्यक्ष का चेला प्रदेशाध्यक्ष बन गया।

भाजपाई कह सकते हैं कि खाटूश्यामजी भी हम लाए: जूली
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावे सहित भाजपा पर निशाना साधा। खाटूश्यामजी के जयकारे के साथ संबोधन शुरू करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भाजपा वाले खाटूश्यामजी के लिए भी कह सकते हैं कि हम लाए हैं। चंडीगढ मेयर विवाद, अग्निवीर, महंगाई, काले धन व निजीकरण के नाम पर भी भाजपा पर हमलावर जूली ने कांग्रेस को शहीदों की पार्टी कहा। बोले, महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी राजीव गांधी देश के शहीद हो गए। पर भाजपा एक आदमी भी बता दे जिसकी अंगुली भी देश के लिए कटी। उन्होंने यूजीसी के ड्राफ्ट में बैकलॉग खत्म कर आरक्षित वर्ग के साथ अन्याय होने की बात कही। सीकर विधायक राजेंद्र पारीक ने कहा पीएम मोदी नेे संसद में 90 मिनट कांग्रेस को कोसा। अब तो कार्यकर्ताओं का खून खौलना चाहिए। सभा को विधायक चौधरी वीरेंद्र सिंह, सुरेश मोदी, शिखा मील व सभापति जीवण खान ने भी संबोधित किया।

अनुशासन व त्याग की क्लास: कार्यकर्ता बोला, कांग्रेस ही कांग्रेस को कर रही खत्म, डोटासरा ने कहा नेता सुधरे
संवाद कार्यक्रम में नीमकाथाना के एक कार्यकर्ता ने मंच से पूर्व विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश खंडेलवाल पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। कार्यकर्ता ने कहा कि कांग्रेस ही कांग्रेस को खत्म कर रही है। खंडेलवाल के खिलाफ कार्यकर्ता ने रंधावा को दस्तावेज भी दिए। अनुशासन को लेकर बाद में डोटासरा ने समिति बनाकर सभी कार्यकर्ताओं की शिकायत दूर करने की बात कही। उन्होंने भी कहा कि लोग कहते हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता ठीक है, लेकिन नेता सुधर जाएं तो भाजपा को हरा सकते हैं। प्रदेश प्रभारी रंधावा ने भी इस दौरान कांग्रेस में त्याग की भावना खत्म होने की बात कही। कहा, नेता पहले ये देखने लगा है कि कांग्रेस से पहले उसे क्या मिलेगा। कार्यक्रम में लोकसभा पर्यवेक्षक महेंद्र गहलोत, पूर्व विधायक महादेव सिंह खंडेला, प्रभारी नसीम अख्तर, जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला, जगदीश दानोदिया, सीताराम लांबा, पीएस जाट, गोविंद पटेल आदि मौजूद रहे।

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पीएम व सीएम सहित आरएसएस कार्यकर्ताओं पर निशाना साधा है। सीकर में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान के नाम पर राज्य सरकार चौथ वसूली करते हुए भ्रष्टाचार की नई कार्य योजना तैयार कर रही है। अभियान के नाम पर किसानों व मजदूरों के ट्रेक्टर पकड़े जा रहे हंै। उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है। पेपर लीक पर कहा कि भाजपा नेता आरपीएससी भंग करने की कहते थे, पर अब कुछ नहीं कर रहे। सीपी जोशी व राजेंद्र राठौड़ की चलनी बंद हो गई। कहा, पेपर लीक के नाम पर राजस्थान को बदनाम कर केंद्र सरकार अब कानून लाई है, जो भी कांग्रेस राज में बने से कानून से कमजोर है। बोले, पर्ची की सरकार बताए कि वे अब केंद्र का कानून मानेंगे या राज्य का कड़ा कानून। दोनों उपमुख्यमंत्री के सीनियर असिस्टेंट बदलने को भी उन्होंने भाजपा की अंर्तकलह करार दिया।

बार- बार व जोर से झूठ बोलने की ट्रेनिंग
डोटासरा ने भाजपा सरकार को फूट डालकर राज करने, आईटी, ईडी व सीबीआई का डर दिखाने व झूठ बोलने वाली भी कहा। बोले, पार्टी में प्रधानमंत्री से लेकर आरएसएस कार्यकर्ताओं को झूठ को बार- बार व जोर-जोर से बोलने की ट्रेनिंग दी जाती है। ताकि वे सत्ता में बने रहे। अब वे कह रहे हैं कि 500 साल बाद राम लेकर आए। जबकि राम को क्या वे गोद में लाए? राम तो घट- घट में पहले से थे। कहा, राम मंदिर का मुद्दा फीका पड़ा तो अब ज्ञानवापी ले आए। उन्होंने जातिगत जनगणना करवा जनसंख्या में भागीदारी के हिसाब से आरक्षण में हिस्सेदारी देने की वकालत भी की।

अनुशासन व त्याग की क्लास: कार्यकर्ता बोला, कांग्रेस ही कांग्रेस को कर रही खत्म, डोटासरा ने कहा नेता सुधरे
संवाद कार्यक्रम में नीमकाथाना के एक कार्यकर्ता ने मंच से पूर्व विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश खंडेलवाल पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। कार्यकर्ता ने कहा कि कांग्रेस ही कांग्रेस को खत्म कर रही है। खंडेलवाल के खिलाफ कार्यकर्ता ने रंधावा को दस्तावेज भी दिए। अनुशासन को लेकर बाद में डोटासरा ने समिति बनाकर सभी कार्यकर्ताओं की शिकायत दूर करने की बात कही। उन्होंने भी कहा कि लोग कहते हैं कांग्रेस के कार्यकर्ता ठीक है, लेकिन नेता सुधर जाएं तो भाजपा को हरा सकते हैं। प्रदेश प्रभारी रंधावा ने भी इस दौरान कांग्रेस में त्याग की भावना खत्म होने की बात कही। कहा, नेता पहले ये देखने लगा है कि कांग्रेस से पहले उसे क्या मिलेगा। कार्यक्रम में लोकसभा पर्यवेक्षक महेंद्र गहलोत, पूर्व विधायक महादेव सिंह खंडेला, प्रभारी नसीम अख्तर, जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला, जगदीश दानोदिया, सीताराम लांबा, पीएस जाट, गोविंद पटेल आदि मौजूद रहे।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सियासत गर्माने वाला पेपर लीक का मुद्दा अब देश की सियासत तक भी पहुंच है। पेपर लीक के मुद्दे के जरिए राजस्थान में सत्ता हासिल करने पर भाजपा ने अब एसआईटी व नए कानून के जरिए बेरोजगारों को साधने की कोशिश तेज कर दी है। केन्द्र सरकार के पेपर लीक माफिया के खिलाफ मास्टर स्ट्रोक लगाने से पहले ही राजस्थान कानून ला चुका है। राजस्थान की ओर से लाए गए कानून में केन्द्र सरकार के कानून से ज्यादा सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया था। इसके बाद भी पेपर लीक के मामले नहीं थमे। ऐसे में बेरोजगारों का सवाल है कि सरकार को पेपर लीक माफिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए बेरोजगारों व राज्य सरकारों से सुझाव लेकर और इसमें संशोधन करने चाहिए। बेरोजगारों का सवाल है कि सरकार को ऑनलाइन परीक्षाओं की तरफ कदम आगे बढ़ाने होंगे जिससे पेपर लीक माफिया का खात्मा हो सके। हालांकि कई राज्यों में ऑनलाइन परीक्षाओं के भी पेपर लीक हो चुके है। द

पहले था आरपीएससी भंग का वादा, अब बताई संवैधानिक संस्था
प्रदेश में सत्ता में आने से पहले भाजपा के कई नेताओं की ओर से आरपीएससी को भंग करने का दावा किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी, राजेन्द्र राठौड़ सहित कई नेताओं ने सत्ता में आने पर आरपीएससी को भंग करने की बात कही थी। लेकिन अब सरकार बनते ही सरकार के मंत्रियों की ओर से आरपीएससी के संवैधानिक संस्था होने के तर्क दिए जा रहे है। तीन दिन पहले सीकर में यूडीएच मंत्री ने कहा थ कि आरपीएससी को भंग करना संभव नहीं है। इसको लेकर भी बेरोजगारों की ओर से सवाल उठने लगे है।

किस राज्य में कितने पेपर लीक के मामले
पांच सालों में देश के 15 राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए। इससे 41 प्रतियोगी परीक्षाएं प्रभावित हुई।
राजस्थान में 2015 से 2023 तक 14 परीक्षाओं के पेपर लीक माने गए।
गुजरात में आठ साल में 14 पेपर लीक के मामले सामने आए।
उत्तर प्रदेश में 2017 से 2022 तक आठ मामले आए।

राजस्थान में पहले से सख्ती: उम्र कैद से लेकर 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान
राजस्थान रीट सहित अन्य परीक्षाओं के लीक होने पर सियासी पारा उफान पर रहा था। बेरोजगारों ने भी जमकर आंदोलन किए। इसके बाद पिछली सरकार की ओर से कानून लाया गया। इस कानून के तहत पेपर लीक पर उम्र कैद और पेपर लीक के नाम पर धोखाधड़ी में दस साल की कैद और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान किया गया। वहीं केन्द्र सरकार के कानून में दस साल तक जेल व एक करोड़ के जुर्माना का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में दस सालों में इन परीक्षाओं के पेपर हुए लीक.....
-आरएएस 2013 को लेकर 978 पदों के लिए प्री-परीक्षा 26 अक्टूबर 2013 में हुई थी। इसका परिणाम 11 जून 2014 को जारी हुआ था। गड़बड़ी का अंदेशा होने के बाद 11 जुलाई 2014 को परीक्षा रद्द कर दी गई।
-एलडीसी भर्ती परीक्षा 2013 में करीब 7 हजार पदों के लिए आरपीएससी ने 11 जनवरी, 2014 को परीक्षा कराई थी। दिसम्बर 2015 में परीक्षा को रद्द कर दिया गया। यह भर्ती बाद में 3 साल बाद पूरी हुई।
-जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा 2015 के तहत 925 पदों के लिए हुई। परीक्षा में 6 लाख अभ्यर्थियों ने इम्तिहान दिया। परीक्षा से पहले ही सॉल्व पेपर वाट्सऐप पर वायरल हो गया। इस कारण परीक्षा होने के बाद शाम को पेपर को रद्द कर दिया गया।
-कांस्टेबल भर्ती 2018 में पुलिस मुख्यालय की ओर से परीक्षा हुई। 11 मार्च 2018 को पुलिस को पेपर लीक की जानकारी मिली। 17 मार्च 2018 को इस परीक्षा को रद्द किया।
-लाइब्रेरियन भर्ती 2018 में कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 29 दिसंबर को परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया।
-जेईएन सिविल भर्ती 2018 का आयोजन भी कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से किया गया। छह दिसंबर 2020 को परीक्षा को एसओजी की रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड ने पेपर लीक मानते हुए रद्द कर दिया।
-रीट लेवल-2 परीक्षा का आयोजन राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 26 सितंबर 2021 को हुआ. परीक्षा का पर्चा लीक होने की बात सामने आई। परीक्षा के करीब 4 माह बाद पेपर लीक मानते हुए सरकार ने इसे रद्द कर दिया।
-बिजली विभाग की टेक्निकल हेल्पर भर्ती 2022 का एग्जाम ऑनलाइन हुआ था। परीक्षा में पेपर लीक को लेकर बवाल मचा और तकनीकी खामी भी सामने आई, इसके बाद 6 केंद्रों की परीक्षा रद्द की गई।
-कांस्टेबल भर्ती 2022 का आयोजन पुलिस मुख्यालय की ओर से किया गया था. इस परीक्षा में भी 14 मई 2022 को दूसरी पारी का पेपर वायरल हो गया था। इस पारी के पेपर को रद्द कर फिर से परीक्षा कराई गई थी।
-वनरक्षक भर्ती परीक्षा 2020 में कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 12 नवंबर 2022 को आयोजित दूसरी पारी के पेपर के विकल्प सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. इस पारी की परीक्षा को बोर्ड ने रद्द कर दिया।
-कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा 2020, चिकित्सा अधिकारी भर्ती परीक्षा 2021, वरिष्ठ अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा 2022, हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा 2022, एसआई भर्ती परीक्षा 2022 और सीएचओ भर्ती परीक्षा 2022 भी पेपर लीक की वजह से विवादों में रही है।

एक्सपर्ट व्यू....
पेपर लीक पूरे देश की बड़ी समस्या है। सरकार को इस मुद्दे पर सियासत करने के बजाय हकीकत में बेरोजगारों का दर्द जानने की कोशिश करनी होगी। राजस्थान में केन्द्र सरकार का कानून आने से पहले ही सख्त कानून लागू है। केन्द्र सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए देशभर के विशेषज्ञों से राय लेकर नीति में कुछ और बदलाव करने चाहिए। पेपर लीक की समस्या खत्म होने पर ही बेरोजगारों को राहत मिल सकती है।
डॉ. एचआर कुड़ी, भर्ती मामलों के विशेषज्ञ

शिक्षानगरी सीकर ने स्वच्छता रैकिंग में इंदौर की तरह चमकने के लिए अब नवाचार के साथ कदमताल की है। यदि शहरी सरकार के नवाचार को आमजन का पूरा साथ मिले तो पूरे देश की दाद मिलने के साथ नगर परिषद मालामाल भी हो सकती है। शहरी सरकार की ओर से पायलट प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट पर गीले कचरे से नानी बीड़ में खाद बनाने का काम शुरू किया था। शहरी सरकार पिछले एक साल में लगभग 15 लाख रुपए की खाद किसानों को बेच चुकी है। संभवतया इस तरह का नवाचार करने वाली नगर निकायों में एकमात्र सीकर नगर परिषद है। नगर परिषद की ओर से तैयार खाद को फिलहाल दो रुपए किलो के आधार पर स्थानीय किसानों को बेचा जा रहा है। गुणवत्ता के मापदंडों पर खाद के खरा उतरने की वजह से लगातार डिमांड भी बढ़ रही है। परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि इस साल 25 टन खाद तैयार करने का लक्ष्य लिया है।

परिषद को यह चाहिए साथ: अलग-अलग डाले सूखा और गीला कचरा
नगर परिषद ने अपने नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए अब क्लीन सीकर अभियान शुरू किया है। परिषद की ओर से अब शहरवासियों को गीला व सूखा कचरा अलग-अलग डालने की अपील को लेकर अभियान शुरू किया है। परिषद आयुक्त के साथ अन्य कर्मचारी भी नियमित रूप से समझाईश कर रहे है। अगले चरण में सड़क पर कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना लगाकर भी कार्रवाई की जाएगी।

इन नवाचारों से क्लीन सिटी के दावे....

1. कचरे से खाद: 25 टन कचरे का लक्ष्य
परिषद ने खाद बनाने के नवाचार को इस साल और आगे बढ़ाने का लक्ष्य लिया है। इसके तहत परिषद की ओर से अब हर साल 25 टन कचरा बनाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल नानी बीड़ इलाके में परिषद की ओर से खाद तैयार की जा रही है। खास बात यह है कि यहां खाद से सब्जी भी तैयार की जा रही है। इन सब्जियों को भी छात्रावास व स्थानीय बाजार में बेचा जाएग।

2. फूल-पत्ते और घास से खाद:
खाद बनाने की दिशा में शहरी सरकार ने इस साल एक और नवाचार किया है। इसके तहत शहर के पार्क से एकत्रित होने वाली घास, फूल व पत्तों से भी खाद बनाना शुरू किया है। परिषद की ओर से इस खाद से ही सड़क किनारे लगे पौधों में खाद भी दी जा रही है।

3. परकोटे में रात्रिकालीन सफाई:
क्लीन सीकर-ग्रीन सीकर की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए परकोटे में नियमित रुप से रात्रिकालीन सफाई शुरू की है। वहीं शहर के मुख्य बाजाारों से अब दिन में भी कचरा उठाया जा रहा है। वहीं शहर को क्लीन बनाने के लिए 15 जोन में बांटा गया है। सभी सफाई जोन प्रभारियों की तरफ से दिन में दो बार निरीक्षण भी किया जा रहा है।

ऐसे तैयार हो रही कचरे से खाद
गीले कचरे से सामान्य तरीके से 90 में खाद तैयार हो जाती है। परिषद के अधिकारियों ने बताया कि खाद बनाने के लिए गड्ढ़ा खोदकर गीले कचरे का ढेर बनाया जाता है। इस ढेर को हर सप्ताह जेसीबी की सहायता से पलटना होता है। साथ ही इसमें पानी व अन्य सामग्री डाली जाती है। औसतन 90 दिन में खाद बनकर तैयार हो जाती है।

खाद गुणवत्ता में भी खरी, बढ़ रही डिमांड: आयुक्त
गीले कचरे तैयार होने वाली खाद की गुणवत्ता भी पिछले दिनों जांच कराई थी। इसमें खाद गुणवत्ता के मापदंडों पर खरी उतरी है। खाद की लगातार डिमांड भी बढ़ रही है। यदि आमजन की इस मुहिम में सहभागिता मिले तो हर साल 25 टन कचरा तैयार हो सकता है। शहरी क्षेत्र में नवाचार के तहत रात्रिकालीन सफाई भी शुरू की है।
शशिकांत शर्मा, आयुक्त, नगर परिषद सीकर

शहर में खुले साइबर थाना में अब लगातार ठगी व आईटी एक्ट के मामले दर्ज हो रहे हैं। ऐसे में पीड़ितों को जल्द न्याय व राहत मिलने के साथ ही मामलों का तेजी से खुलासा भी हो रहा है। एक पीड़ित ने युवक के नाम से फर्जी आईडी बनाकर उसके परिवार व रिश्तेदारों को आपत्तिजनक फोटो व मैसेज भेजने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार नरेंद्र कुमार का आरोप है कि उसके वॉट्सएप नंबर पर एक बदमाश ने पहले तो उसे अश्लील फोटो व मैसेज भेजे। पीड़ित ने मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद बदमाश ने उसके नाम की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बना ली और इसके बाद उसके परिवार व रिश्तेदारों को अश्लील फोटो व मैसेज भेज रहा है। आरोपी अब पीड़ित को धमकियां भी देने लगा है। पुलिस ने आरोपी की सोशल मीडिया की आईडी की पहचान कर ली है।

इधर, अर्मेनिया में 70 हजार की नौकरी के नाम पर ट्यूरिट वीजा दे विदेश भेजा, 2.50 लाख ठगे
आर्मेनिया में भेजकर 70 हजार रुपए हर माह तनख्वाह पर अच्छी नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से आरोपी 2.50 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी अब युवक के पैसे लौटाने से मना कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने कोतवाली थाना में मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस को दी रिपोर्ट में सांगलिया, सीकर के रहने वाले मुकेश कुमार (31) ने बताया कि आरोपी हरिराम निवासी छोटीपुरा जो की शिकायतकर्ता के निहाल में उसके पड़ोस में रहता है। आरोपी हरिराम के साथ शिकायतकर्ता की जान-पहचान है। आरोपी हरिराम ने मुकेश कुमार के पास फोन किया और कहा कि आर्मेनिया में हरिराम का भाई रहता है और और वह आर्मेनिया जा रहा है। अगर मुकेश कुमार के पास पासपोर्ट है तो शिकायतकर्ता को आर्मेनिया में नौकरी लगवा देगा।

अर्मेनियां में नहीं मिला कोई भी काम
आर्मेनिया कंट्री जाने का टोटल खर्च ढाई लाख रुपए आएगा। पीड़ित ने हरिराम पर विश्वास कर लिया और 49 हजार ऑनलाइन, डेढ़ लाख नकद व 50 हजार डॉलर चैंज करने के नाम पर कुल तीन बार में 2.50 लाख हड़प लिए। आरोपी ने शिकायतकर्ता को टूरिस्ट वीजा पर आर्मेनिया कंट्री में भेज दिया और कहा कि आर्मेनिया में जाने के बाद वह टूरिस्ट वीजा को वर्क वीजा में चेंज करवा देगा। पीड़ित मुकेश कुमार को आर्मेनिया में कोई काम नहीं मिला। जिसके बाद उसे वापस भारत भेज दिया गया। आरोपी हरिराम से पैसे मांगे तो वह उसे जान से मारने की धमकियां देने लगा है।

राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर कस्बे में शादी कर घर लौट रहे दूल्हा- दुल्हन की कार को डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे में दुल्हन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दूल्हे सहित दो अन्य सवार घायल हो गए। हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग 65 पर हिसार- सालासर रोड पर हुआ। जहां लक्ष्मणगढ़ का बाटड़ानाऊ निवासी नरेंद्र पुत्र रघुवीर सिंह हरियाणा के सिरसा जिले से दुल्हन खुशबू का ब्याहकर लौट रहा था। तभी मरटाडू चौराहे पर उनकी कार सामने से आ रहे डंपर से टकरा गई। हादसे में 24 वर्षीय खुशबू की मौत हहो गई। जबकि दूल्हा नरेंद्र, व बादूसर निवासी नितिन पुत्र नेमीचंद घायल हो गए। हताहतों को अन्य गाड़ी में साथ चल रहे बारातियों ने तुरंत राजकीय धानुका अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने खुशबू को मृत घोषित करते हुए नरेंद्र को सीकर रैफर कर दिया। चालक नितिन का अस्पताल में ही प्राथमिक उपचार हुआ। सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।

 

रात को ही हुए फेरे, ससुराल से दस किमी पहले मौत
मृतका खुशबू ने मंगलवार रात को ही नरेन्द्र के साथ सात फेरे लिए थे। अल सुबह ही पीहर से विदा होकर वह पति के साथ ससुराल के लिए रवाना हुई थी। पर कुदरत की कुचाल से ससुराल से करीब 10 किमी पहले ही उसने दुनिया से ही विदा ले ली। घटना के बाद शादी के दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। जिसने भी सुना वह स्तब्ध रह गया।

सीसीटीवी फुटेज आया सामने
दुर्घटना का सीसीटीव फुटेज भी सामने आया है। जिसमें दूल्हा- दुल्हन की कार सामने से आते डंबर से टकराकर सडक़ किनारे कच्चे में जाकर रुकती हुई और उसमें से तुरंत कोई शख्स निकलता हुआ दिख रहा है।

यूथ में कॅरियर चयन को लेकर फिर बदलाव आया है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में लगातार बढ़ते ऑप्शन के बाद अब युवाओं ने फिर इंजीनियरिंग में नई राहें तलाशना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ वर्षों में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या ठहर सी गई थी। लेकिन इस साल देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के आंकड़े देखें तो इसमें काफी उछाल आया है। एनटी के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में 27 प्रतिशत से अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। जेईई-मेन परीक्षा आयोजक संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष जेईई-मेन पहले सेशन के लिए 12 लाख 31 हजार 874 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। इसमें बीई-बीटेक के लिए 12 लाख 21 हजार 615 एवं बीआर्क के लिए 74 हजार विद्यार्थी पंजीकृत थे। बीई-बीटेक के लिए पंजीकृत 12 लाख 21 हजार 615 विद्यार्थियों में से 11 लाख 70 हजार 36 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा में उपस्थिति 95 प्रतिशत से अधिक रही।
जेईई-मेन के पहले सेशन में बीई-बीटेक में पिछले वर्षों में पंजीयन कराने वाले विद्यार्थियों की संख्या पर नजर डालें तो वर्ष 2022 में 8 लाख 72 हजार 432, वहीं 2023 में 8 लाख 60 हजार 64 एवं 2024 में 12 लाख 21 हजार 615 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। ऐसे में पिछले साल के मुकाबले इस साल पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या एक चौथाई से ज्यादा बढ़ी है। इस साल बीआर्क एवं बीई-बीटेक के लिए पंजीकृत 12 लाख 31 हजार 874 विद्यार्थियों में 8 लाख 24 हजार 945 लड़के एवं 4 लाख 6 हजार 920 लड़कियां शामिल थी। इसमें कुल पंजीकृत विद्यार्थियों में सामान्य श्रेणी के 4 लाख 16 हजार 86, ईडब्ल्यूएस के 1 लाख 54 हजार 840, ओबीसी के 4 लाख 98 हजार 169, एससी के 1 लाख 21 हजार 394, एसटी के 41 हजार 375 शामिल रहे।

जेईई-मेन: अप्रेल सेशन की आवेदन प्रक्रिया शुरू
जेईई-मेन जनवरी की 6 दिन में हुई 11 शिफ्टों की परीक्षा समाप्त होने के बाद अब जेईई-मेन सेशन-2 की आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। यह परीक्षा 1 से 15 अप्रैल के मध्य होगी। आवेदन की अंतिम तिथि 2 मार्च तक है। अप्रेल आवेदन में तीन तरह के लाखों विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे, जिसमें वे विद्यार्थी जो पूर्व में जनवरी एवं अप्रैल दोनों सेशन के लिए आवेदन कर चुके हैं। दूसरे वे विद्यार्थी जिन्होंने पूर्व में केवल जनवरी सेशन के लिए ही आवेदन किया और अब अप्रेल सेशन के लिए भी आवेदन करना चाहते हैं। तीसरे ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने अभी तक जनवरी सेशन के लिए आवेदन नहीं किया है और अप्रेल सेशन के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे आवेदन करेंगे।

कैसे कर सकेंगे पुराने आवेदन में करेक्शन
पूर्व में जेईई-मेन जनवरी परीक्षा के लिए 12 लाख 31 हजार से अधिक विद्यार्थी आवेदन कर चुके हैं। ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने दोनों सेशन के लिए आवेदन किया हुआ है एवं जिन्होंने केवल पूर्व में जनवरी सेशन के लिए ही आवेदन किया है, वे अपने जनवरी के एप्लीकेशन नं. एवं बनाए गए पासवर्ड से आवेदन कर सकते हैं। दोनों सेशन के लिए आवेदन कर चुके विद्यार्थी परीक्षा के माध्यम, कोर्स, स्टेट ऑफ इलेजिब्लिटी, परीक्षा केन्द्र, 10वीं व 12वीं की डिटेल में करेक्शन कर सकते हैं। साथ ही केवल जनवरी सेशन के लिए एप्लाई करने वाले विद्यार्थी अप्रैल सेशन के लिए कोर्स, परीक्षा का माध्यम, स्टेट ऑफ इलेजिब्लिटी, परीक्षा केन्द्र, 10वीं, 12वीं की डिटेल भरकर आवश्यक परीक्षा शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पहली बार आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को सम्पूर्ण आवेदन प्रक्रिया से गुजरना होगा। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने के उपरान्त जमा किए गए परीक्षा शुल्क भुगतान को अंतिम तिथि निकलने से पूर्व अवश्य जांच लें। जनवरी के लिए आवेदन कर चुके विद्यार्थियों के पास आवेदन में करेक्शन का यह आखिरी मौका है। अप्रेल की परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले यूनीक विद्यार्थी बड़ी संख्या में इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।

बेहतर प्लेंसमेंट की वजह से क्रेज बढ़ा
एनटीए की ओर से जारी आंकड़ाें से स्पष्ट है कि इंजीनियरिंग के प्रति यूथ में क्रेज बढ़ा है। इंजीनियरिंग में क्रेज बढ़ने के पीछे मुख्य वजह है बेहतर पैकेज और प्लेंसमेंट। आज यदि दुनिया की नामी कंपनियों की बात करें तो उनमें ज्यादातर सीईओ इंजीनियर क्षेत्र से है। ऐसे में अभिभावकों के साथ विद्यार्थियों की सोच में भी बदलाव आया है। भविष्य में इस क्षेत्र में कॅरियर की संभावना निश्चित तौर पर और बढ़ेगी।
कपिल ढाका, एक्सपर्ट, सीकर

कई सालों से इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का आंकड़ा थमा हुआ था। जेईई-मेन के अप्रेल सेशन की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आगामी समय में विद्यार्थियों में इंजीनियरिंग के प्रति क्रेज और बढ़ने की संभावना है।
अमित आहूजा, कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट

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