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सामाजिक कुरीतियां दूर करने के लिए स्कूलों में बनेंगे स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स Tuesday 05 March 2024 11:23 AM UTC+00 सामाजिक कुरीतियां दूर करने के लिए स्कूलों में बनेंगे स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स ये कैडेट्स सामाजिक बुराइयों और विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। इसके साथ ही आम लोगों में पुलिस के प्रति भय को दूर करने के साथ लोगों को उसके साथ जोड़ेगी। इस योजना के तहत चयनित सरकारी स्कूलों को 2.67 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। प्रत्येक स्कूल को हर साल 40 से 50 हजार रुपए का बजट दिया गया है। स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स योजना में बूंदी जिले के चयनित 17 सरकारी स्कूलों के लिए 8 लाख 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। हर थाना इलाके में एक स्कूल इन 17 विद्यालयों का हुआ चयन प्रशिक्षण के उद्देश्य प्रदेशभर के 534 स्कूलों में स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स बनाए जाएंगे। स्टूडेंट पुलिस कैडेट्स के तहत विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा,ताकि यह स्कूली बच्चे समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और पुलिस और आम लोगों के बीच सेतु का काम करेंगे। जिले के 17 स्कूलों का चयन किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। |
तालेड़ा अस्पताल: दर्जा बढ़ा, परिसर नहीं Tuesday 05 March 2024 12:10 PM UTC+00 तालेड़ा अस्पताल: दर्जा बढ़ा, परिसर नहीं अस्पताल कई वर्षों से कस्बे के बीच मुख्य मार्ग पर संचालित है। अस्पताल परिसर में चिकित्सकों कर्मचारियों के वाहन खड़े करने तक की जगह नहीं है। वहीं गंभीर मरीज को लाते समय वाहन को अस्पताल परिसर में ले जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। परिसर से वाहनों को हटाया जाता हैं जिसमें भी समय लगता है, जब तक मरीज को उपचार नहीं मिल पाता। कस्बे के मुख्य मार्ग पर वाहनों के लगातार आवागमन पर आपातकालीन मरीज को लेकर आने वाले वाहन जाम में फंस जाते हैं। कई बार तो मरीजों को बाहर सड़क पर ही उतार कर अंदर ले जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य कर्मचारी, मरीज व परिजनों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। अस्पताल परिसर, सीमित मरीजों में इजाफा परिसर सीमित अन्यत्र स्थानांतरण ही विकल्प अस्पताल में परिसर के संबंध में उच्च अधिकारियों को समस्या से अवगत करवा दिया गया है। अस्पताल में मरीजों के आने जाने के दौरान समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार कस्बे की मुख्य सड़क से वाहन अंदर नहीं आने पर मरीजों व परिजनों को नुकसान उठाना पड़ता है। अस्पताल को अन्य जगह संचालित करने या भूमि आवंटन कर नया अस्पताल का भवन बनाया जाना ही विकल्प है। |
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