>>: Digest for June 27, 2023

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कुंभलगढ़. क्षेत्र के सूरजकुंड धाम पर रविवार को 50 से ज्यादा पर्यटक पानी के तेज बहाव में फंस गए, जिन्हें वहां के लोगों ने देसी जुगाड़ की मदद से बाहर निकाला। उदयपुर सहित राजसमंद के कुछ लोग रविवार को जंगल के अंदर बने सूरजकुंड धाम पर दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। जब वे वहां आए तब बारिश नहीं थी, लेकिन वहां से बाहर निकलने के लिए आधे रास्ते पहुंचे तो तेज बारिश शुरू हो गई, जो कई घंटे तक चली। इसी बीच आधे रास्ते पहुंचते ही बीच में ही पानी भर गया। इससे वे वहीं रुक गए। लेकिन, पगडंडी मार्ग होने के कारण वहां से निकलने के लिए वह थोड़ा आगे बढ़े तो पानी का बहाव तेज हो गया और वह बीच में फंस गए। इसी दौरान यहां पर कई सालों से आने वाले स्थानीय भक्त भवानीसिंह झाला, ओंकारसिंह झाला और पीपला के सरपंच भगवत सिंह झाला, परसराम शर्मा व ग्रामीण पहुंचे, जिन्होंने पेड़ के सहारे रस्सी बांधी और एक-एक कर सभी को बाहर निकाला।

पार्किंग के आगे जाने पर लगाई रोक

भारी बारिश के चलते सूरजकुंड के नाले उफान पर चल रहे हैं। ऐसे में कुंभलगढ़ प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। तहसीलदार रणजीत सिंह चारण ने बताया कि नाले उफान पर होने पर सूरजकुंड पार्किंग से आगे श्रद्धालुओं को जाने पर रोक लगाई गई है।

राजसमंद. जिले में गत दिनों बिपरजॉय तूफान के तहत हुई बारिश के कारण अब तक खरीफ की 50 प्रतिशत बुवाई पूरी हो गई है। इसमें सर्वाधिक बुवाई मक्का की हुई है। शेष बुवाई भी जल्द पूरी होने की उम्मीद है, जबकि गत वर्षो में बुवाई जून माह के अंत से शुरू होती थी। कृषि विभाग के अनुसार जिले में इस बार खरीफ की फसल बुवाई का लक्ष्य 90,400 हेक्टेयर में निर्धारित किया गया है। इसमें से अब तक करीब 44 हजार हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है। इस बार जल्दी बुवाई का कारण गत दिनों बिपरजॉय तूफान के तहत हुई बुवाई को माना जा रहा है। इसके कारण पूरे जिले में बारिश होने से काश्तकार खेतों में बुवाई में जुट गए। जानकारों की मानें तो जिले में प्रतिदिन 10 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बुवाई हो रही है। ऐसे में इस बार इस माह के अंत तक अधिकांश बुवाई होने की उम्मीद है, जबकि पिछले सालों में जून के अंतिम सप्ताह से 15 जुलाई के बीच बुवाई होती थी।

प्रमाणित बीज की करें खरीद और बिल लें

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि काश्तकारों को बुवाई में प्रमाणित बीज और संतुलित उर्वरक का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने इसका बिल अवश्य लेने की बात कही। साथ ही कृषि विभाग की ओर से दुकानों से बीज और खाद्य के नमूने भी लिए जा रहे हैं। ऐसे में किसी में कोई कमी अथवा खराबी पाए जाने पर विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिले में बुवाई जोरों पर, बिल जरूर लें किसान

जिले में बुवाई जोर-शोर से जारी है। अब तक 50 प्रतिशत से अधिक खरीफ की बुवाई हो गई है। काश्तकारों को बीज अथवा उवर्रक आदि की खरीद का बिल अवश्य रूप से लेना चाहिए।

- के.सी.मेघवंशी, संयुक्त निदेशक (विस्तार)कृषि विभाग राजसमंद

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