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प्रदेश के इस शहर में आदिवासियों ने लूटी यह चीज...पढ़ें पूरी खबर Wednesday 15 November 2023 05:51 AM UTC+00 शुद्धाद्वेत पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में वर्ष के सबसे बड़े त्योहार दीपावली , गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट उत्सव उल्लास एवं श्रद्धा के साथ परंपरागत रूप से पूरे आनंद के साथ मनाया गया। अन्नकूट का प्रसाद लूटने सैकड़ों की संख्या में आदिवासी परिवार के सदस्य उमड़े, जिन्होंने कई मन चावल के ढेर सहित अन्य सामग्री को लूटा। प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में दीपोत्सव, गोवर्धन पूजा के अवसर पर भी श्रद्धालुओं में अपार उत्साह दिखाई दिया। अपरान्ह के समय सैकड़ों गोमाता वल्लभ विलास कॉटेज के पार्किंग से ग्वाल-बाल रिझाते हुए मंदिर के गोवर्धन पूजा चौक तक लाए। पूरे मार्ग में अठखेलियां करती हुई व दौड़ती-भागती गोमाताएं, जिनके पैरों में पैजनिया और सिर पर मोरपंखों का मुकुट सजा हुआ था अलौकीक लग रहीं थीं। प्रभु श्रीनाथजी में वर्ष के सबसे बड़े एवं महत्वपूर्ण गोवर्धन पूजा के क्रम को श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत राकेश गोस्वामी की आज्ञा से उनके पुत्र विशाल बावा ने निभाया। गोवर्धन पूजा चौक में बनाए गए गोबर के गोवर्धन पर्वत की विशाल बावा ने पूजा की। इस दौरान द्वितीय पीठ वि_लनाथजी मंदिर के पीठाधीश्वर कल्याण राय, उनके पुत्र हरिराय बावा, वाग्धीश बावा, श्रीनाथजी के बड़े मुखिया इन्द्रवदन गिरनारा, द्वितीय मुखिया प्रदीप सांचीहर, लालन के मुखिया भगवान दास सांचीहर, घनश्याम सांचीहर, रजनीकांत सांचीहर की मौजूदगी में पूजन शुरू हुआ। जहां गोवर्धन पर्वत पर चंदन कुमकुम के साथ माला बीड़ा आदि पधराकर पूजन किया। इसके बाद नंदरायजी के वंश की मुख्य तिलक वाली गोमाता से गोबर से बने हुए गोवर्धन पर्वत को घूंंदवाया गया। गोवर्धन पूजा चौक में कई गोमाता के साथ आए ग्वाल-बालों ने गिरिराज धरण के खूब जयकारे लगाए। गोवर्धनपूजा के अवसर पर श्रीनाथजी मंदिर की नाथूवास स्थित मुख्य गोशाला से गोमाता को लेकर पहुंचे हेडग्वाल रमेश गुर्जर एवं मेवाड़ के मुखिया आदि साथ आए अन्य ग्वाल-बालों को तिलकायत के आशीर्वाद से केसर व कुमकुम के छापे लगाकर विदाई दी। इस अलौकिक मनोरथ के समय प्रभु श्रीनाथजी के निधि स्वरूप लाड़ले लालन को सूरजपोल के चबूतरे पर बिराजित किया गया। गोमाता को खूब रिझाया |
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