>>: Digest for February 19, 2024

>>

Patrika - A Hindi news portal brings latest news, headlines in hindi from India, world, business, politics, sports and entertainment!

You are receiving a digest because your subscriptions have exceeded your account's daily email quota. Your quota has automatically reset itself.

Table of Contents

असमय मां-बाप को खोने वाली चार बेटियों के जीवन में अब अंधेरा नहीं रहेगा। परिजनों व जरूरतमंदों के भोजन के पैकेट पर आश्रित रहने वाली बेटियों की व्यथा को राजस्थान पत्रिका ने शनिवार को प्रमुखता से उठाया तो कई संगठनों के साथ ही प्रबुद्धजनों ने मदद को हाथ बढ़ाए हैं। इतना ही नहीं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने भी ट्वीट कर इन बेटियों का दर्द कम करने का विश्वास दिलाया है। उन्होंने पाली जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को इन बेटियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, पाली शहर के प्रताप नगर में बांगड स्टेडियम के सामने एक चद्दर के कमरे में रहने वाली संगीता 18 साल, नेहा 13 साल, नीतू 10 साल और सबसे छोटी रवीना 5 साल के सिर से करीब चार साल पहले पिता रतन बंजारा भाट का साया उठ गया। मां मैना देवी मजदूर कर बेटियों को पाल रही थी, लेकिन नियति को यह भी मंजूर नहीं था और 26 जनवरी को मां भी चार बेटियों को अकेला छोड़कर चली गई। उनकी बड़ी मां व काकी भी विधवा है। एक बड़े पिता है, लेकिन बुजुर्ग है और वे घर पर ही रहते है। पहले मजदूरी करते थे। ऐसे में इन बेटियों को अपना बनाकर कोई सिर पर हाथ रखने वाला नहीं है। इस पर राजस्थान पत्रिका के शनिवार के अंक में नियति की मार... मां-बाप को भगवान ने बुला लिया, बिलखती रहती हैं बेटियां' के शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मदद की अपील की। इसका बड़ा असर देखने को मिला।

एक माह की खाद्य सामग्री भेजी
इधर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव कुलदीप रांका ने भी पाली विभाग के अधिकारियों को प्रकाशित समाचार की कटिंग भेजकर सहायता करने के निर्देश दिए। वहीं पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ अपनी पत्नी राजबाला व पुत्र सचिन के साथ पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंचे और एक माह की खाद्य सामग्री सौंपी। इसी प्रकार शहर के एक मित्र मंडल के अशोक बंजारा, महेंद्र सिंह, अजय मेवाड़ा, हिम्मत सिंह, नरेश परिहार व अन्य ने पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंच एक माह का किराने का सामान मुहैया कराया।

केबिनेट मंत्री गहलोत ने दिए निर्देश, कहा -बेटियों की मदद को तैयार भाजपा सरकार
राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद केबिनेट मंत्री गहलोत ने ट्वीट किया और लिखा कि मां-बाप के साये के बिना इन बच्चियों का जीवन कितना दुश्वार है, ये सोचनीय विषय है। उन्होंने जिले सहित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों से इन बहनों को मंत्रालय की योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही लिखा कि ग़रीब कल्याण के लिए प्रतिबद्ध वर्तमान भाजपा सरकार इन बालिकाओं की मदद के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

बालिकाओं को प्रति माह 1500 रुपए की सहायता
मंत्री गहलोत के निर्देश पर पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंचकर जानकारी ली। बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग की ओर से 18 वर्ष से कम उम्र की तीन बालिकाओं को पालनहार योजना के माध्यम से प्रति माह 1500 रुपए की सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

जे.पी. अरोड़ा, अतिरिक्त निदेशक, समाज कल्याण विभाग, पाली

यह भी पढ़ें- आयुर्वेद पर भरोसा ज्यादा...राहत कम...क्योंकि अस्पतालों में खांसी-जुकाम की दवा भी नहीं

बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास
बालिकाओं की पारिवारिक आर्थिक स्थिति कमजोर है, मकान भी कच्चा है, एक खुला बाथरूम है, शौचालय की व्यवस्था भी नहीं है। उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।

दुर्गेश सिंघल, परामर्शदाता, राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह, पाली

यह भी पढ़ें- यहां के जंगल और वन्यजीवों को बचाने के लिए युवाओं ने छेड़ी ये मुहिम, पढ़ें पूरी खबर...

असमय मां-बाप को खोने वाली चार बेटियों के जीवन में अब अंधेरा नहीं रहेगा। परिजनों व जरूरतमंदों के भोजन के पैकेट पर आश्रित रहने वाली बेटियों की व्यथा को राजस्थान पत्रिका ने शनिवार को प्रमुखता से उठाया तो कई संगठनों के साथ ही प्रबुद्धजनों ने मदद को हाथ बढ़ाए हैं। इतना ही नहीं, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने भी ट्वीट कर इन बेटियों का दर्द कम करने का विश्वास दिलाया है। उन्होंने पाली जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को इन बेटियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, पाली शहर के प्रताप नगर में बांगड स्टेडियम के सामने एक चद्दर के कमरे में रहने वाली संगीता 18 साल, नेहा 13 साल, नीतू 10 साल और सबसे छोटी रवीना 5 साल के सिर से करीब चार साल पहले पिता रतन बंजारा भाट का साया उठ गया। मां मैना देवी मजदूर कर बेटियों को पाल रही थी, लेकिन नियति को यह भी मंजूर नहीं था और 26 जनवरी को मां भी चार बेटियों को अकेला छोड़कर चली गई। उनकी बड़ी मां व काकी भी विधवा है। एक बड़े पिता है, लेकिन बुजुर्ग है और वे घर पर ही रहते है। पहले मजदूरी करते थे। ऐसे में इन बेटियों को अपना बनाकर कोई सिर पर हाथ रखने वाला नहीं है। इस पर राजस्थान पत्रिका के शनिवार के अंक में नियति की मार... मां-बाप को भगवान ने बुला लिया, बिलखती रहती हैं बेटियां' के शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मदद की अपील की। इसका बड़ा असर देखने को मिला।

एक माह की खाद्य सामग्री भेजी
इधर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव कुलदीप रांका ने भी पाली विभाग के अधिकारियों को प्रकाशित समाचार की कटिंग भेजकर सहायता करने के निर्देश दिए। वहीं पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़ अपनी पत्नी राजबाला व पुत्र सचिन के साथ पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंचे और एक माह की खाद्य सामग्री सौंपी। इसी प्रकार शहर के एक मित्र मंडल के अशोक बंजारा, महेंद्र सिंह, अजय मेवाड़ा, हिम्मत सिंह, नरेश परिहार व अन्य ने पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंच एक माह का किराने का सामान मुहैया कराया।

केबिनेट मंत्री गहलोत ने दिए निर्देश, कहा -बेटियों की मदद को तैयार भाजपा सरकार
राजस्थान पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद केबिनेट मंत्री गहलोत ने ट्वीट किया और लिखा कि मां-बाप के साये के बिना इन बच्चियों का जीवन कितना दुश्वार है, ये सोचनीय विषय है। उन्होंने जिले सहित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उच्च अधिकारियों से इन बहनों को मंत्रालय की योजनाओं का लाभ दिलवाने के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही लिखा कि ग़रीब कल्याण के लिए प्रतिबद्ध वर्तमान भाजपा सरकार इन बालिकाओं की मदद के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

बालिकाओं को प्रति माह 1500 रुपए की सहायता
मंत्री गहलोत के निर्देश पर पीड़ित बालिकाओं के घर पहुंचकर जानकारी ली। बालिकाओं को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग की ओर से 18 वर्ष से कम उम्र की तीन बालिकाओं को पालनहार योजना के माध्यम से प्रति माह 1500 रुपए की सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
-जे.पी. अरोड़ा, अतिरिक्त निदेशक, समाज कल्याण विभाग, पाली

पश्चिमी राजस्थान व जोधपुर संभाग के सबसे बड़े जलस्रोत जवाईबांध में मगरमच्छ प्रजनन व घड़ियाल पार्क की योजना लंबे समय से कागजों में ही रेंग रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से यहां करीब दो दशक पहले मगरमच्छ के दो जोड़े जवाई बांध स्थित हवामहल के निकट छोड़े गए थे। साथ ही जनप्रतिनिधियों ने शिलालेख लगाकर इस योजना का शुभारंभ किया था। लेकिन, उसके बाद यहां पर कुछ नहीं हो पाया है।

दरअसल, करीब 20 वर्ष पूर्व कांग्रेस शासनकाल में जवाईबांध में मगरमच्छ प्रजनन केंद्र की शुरुआत की गई थी, जिससे कि पर्यावरण की दृष्टि से बांध का जल साफ सुथरा व शुद्ध रह सके। इतना ही नहीं, हवामहल से सिंचाई के लिए नहर खोलते समय पानी के तेज बहाव के साथ बांध से मगरमच्छ नहर में नहीं आ सके। इसे बाहर आने से रोकने को लेकर बांध में नहर के आगे वाले भाग व जवाई के डूब क्षेत्र के अंतिम छोर पर जाली लगाने की योजना थी। साथ ही मगरमच्छ प्रजनन केंद्र के तहत मगरमच्छों को अंडे देने की लिए बांध के किनारे जगह-जगह बजरी डालकर धोरे बनाने का प्रावधान था। पर्यटकों को बढ़ावा देने की दृष्टि बांध क्षेत्र में घड़ियाल पार्क की योजना भी शामिल थी।

पांच सौ से अधिक मगरमच्छ, पशुपालकों में भय
वर्तमान में जवाई बांध में करीब पांच सौ से अधिक मगरमच्छ है। साथ ही सैकड़ों की संख्या में मछलियों के साथ कई जलीय जीव जंतु मौजूद है। कई बार बांध के खाली होने व घटते जल स्तर के दौरान भोजन की तलाश में मगरमच्छ पलायन कर खेतों की ओर रुख कर लेते हैं। बांध से सटे सेणा, बिसलपुर, दूदनी, मोरी बेड़ा आदि गांवों में मगरमच्छ आते रहते हैं। यहां के पशुपालक भेड़ बकरियां जवाई के डूब क्षेत्र व पहाड़ी के इर्द-गिर्द चराते वक्त मगरमच्छ के हमलोें का शिकार हो चुके हैं।

कइयों को गंवानी पड़ी जान
जानकारी के अनुसार पशु चराते समय मगरमच्छ ने गत वर्षों में कई पशुपालकों को अपना शिकार बनाया। इसमें पशुपालक सुराराम पुत्र दानाराम देवासी निवासी दूदनी, लखमाराम पुत्र भगताराम देवासी दूदनी, धरमा राम पुत्र रामाजी कीर निवासी दूदनी समेत कई लोगों को जान गवानी पड़ी।

सफारी करने आते हैं सैलानी
जवाई टूरिज्म पैँथर कंजर्वेशन क्षेत्र होने से यहां सफारी करने प्रतिवर्ष सैकड़ों की संख्या में देश विदेश से सैलानी पहुंचते हैं। कई बार मगरमच्छों से जान की परवाह किए बगैर यहां जवाई के डूब क्षेत्र में सेल्फी व डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाते हैं।

आंकड़ों की जुबानी
साल- मगरमच्छ
2014- 307
2015- 325
2016- 333
2018- 358
2019- 369
2020- 377
वर्तमान में 500 लगभग (बांध में गणना के दौरान पिछले दस साल में मगरमच्छों की संख्या)

तब छोड़े गए थे दो जोड़े
मगरमच्छ प्रजनन एवं घड़ियाल योजना का शुभारंभ नॉर्थ सेंडल स्थित हवामहल के निकट तत्कालीन पर्यटन मंत्री बीना काक, वन मंत्री भगराज चौधरी व सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के नाम से शिलापट्ट लगाकर किया था। तब मगरमच्छ के दो जोड़े छोड़े गए थे।

पाली संभाग की नव पदस्थापित संभागीय आयुक्त सीनियर आइपीएस प्रतिभा सिंह ने शनिवार को ही कार्यभार ग्रहण किया। रविवार सुबह वे बांगड़ अस्पताल निरीक्षण के लिए पहुंची।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल के गलियारों में जगह-जगह गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताई। उसके बाद वे वार्डों में गई जहां कई बिस्तरों पर उन्हें चद्दर नजर नहीं आई तो कई बिस्तरों में मैली चद्दर देख उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से साफतौर पर कहा कि आगे से व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। उन्होंने अस्पताल की सफाई व्यवस्था और मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं में कौताही न बरतने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही एक वार्ड के बाहर वार्डों से निकला बायो वेस्ट प्लास्टिक के बैग में भरा पड़ा नजर आया। पास ही मरीजों के परिजनों को बैठा देख नाराजगी जताते हुए व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अतिरिक्त प्रबंधक डॉ आर.के. विश्नोई, नर्सिंग अधीक्षक दयालाल भंगरिया सहित चिकित्सक व कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से संभागीय आयुक्त ने मरीजों व उनके परिजनों से अस्पताल में उपचार मिलने सहित दवाइयां मिल रही है या नहीं इसको लेकर चर्चा की।

Pali Visit of CM Bhajanlal Sharma : पाली जिला कलक्टर एलएन मंत्री ने जिले के आला अधिकारियों के साथ रविवार को जाडन के ओम आश्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सोमवार को प्रस्तावित दौरे को लेकर ओम आश्रम में हेलीपैड, कार्यक्रम स्थल, मंदिर, मुख्य कार्यक्रम स्थल आदि का जायजा लिया व संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों व आयोजकों के साथ वहां हेलीपैड ,पानी, बिजली, आवागमन, यातायात, सुरक्षा व्यवस्था, कार्यक्रम रूपरेखा आदि पर जिले के आला अधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने शहर के भंसाली राजकीय कन्या महाविद्यालय में हेलीपैड स्थल व सर्किट हाउस में प्रस्तावित जनसुनवाई से सम्बन्धी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया ओर आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ राजेश गोयल, रोहट उपखंड अधिकारी भंवरलाल जनागल, सोजत उपखंड अधिकारी शकुंतला, नगर परिषद आयुक्त ,आशुतोष आचार्य , सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग समेत विभिन्न विभागों के आला अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे।

You received this email because you set up a subscription at Feedrabbit. This email was sent to you at abhijeet990099@gmail.com. Unsubscribe or change your subscription.