>>: Digest for June 27, 2023

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Table of Contents

dial future program: दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थियों व अभिभावकों के पास सबसे बड़ा सवाल है कौनसे विषय का चयन करें। कॅरियर की क्या संभावनाएं है। इसकी चिंता शिक्षा विभाग की ओर से दूर कर दी जाएगी। विभाग की ओर से डायल फ्यूचर कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसमें विद्याथीZ व अभिभावकों को विषय/ संकाय चयन, कक्षा दसवीं के बाद संचालित व्यवसायिक पाठ्यक्रम वाले विद्यालयों, संस्थानों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ विषय/संकाय/व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश व उससे जुड़े कॅरियर के बारे में भी बताया जाएगा। ये जानकारी स्कूलों में पथ प्रदर्शक शिक्षक देंगे।
घर बैठे भी मिलेगी जानकारी

कॅरियर की जानकारी घर बैठे हेल्प डेस्क से भी ली जा सकती है। प्रदेश में चार जोन बनाकर हेल्प डेस्क का गठन किया गया है। जयपुर जोन हेल्प डेस्क में जयपुर व भरतपुर संभाग, कोटा जोन में कोटा व उदयपुर संभाग, जोधपुर जोन में जोधपुर व पाली संभाग तथा बीकानेर जोन में बीकानेर, चूरू व अजमेर संभाग को शामिल किया गया है। इन हेल्प डेस्क पर पांच-पांच विशेषज्ञ बैठेंगे, जो कॅरियर व विषय चयन के लिए फोन आने पर मार्गदर्शन करेंगे।
इस दिन से मिलेगा कार्य

-30 जून से 5 जुलाई: राज्य व संभाग स्तर पर हेल्प डेस्क की ओर से मार्गदर्शन सुबह दस से शाम पांच बजे तक किया जाएगा। शनिवार व रविवार को भी सहायता मिलेगी।
-30 जून से 5 जुलाई: स्कूलों में पथ प्रदर्शक की ओर से मार्गदर्शन किया जाएगा।

उच्च माध्यमिक स्कूलों में देंगे मागदर्शन
डायल फ्यूचर के तहत हर उच्च माध्यमिक विद्यालय में मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे बच्चों को विषय चयन के साथ कॅरियर व व्यवसायिक शिक्षा की जानकारी मिल सकेगी। उसे विषय चयन के अलावा अन्य विकल्प भी पता लगेंगे। इसकी तैयारी कर ली गई है।

पालाराम मेवाता, संयुक्त निदेशक, शिक्षा मण्डल, पाली

पाली/अहमदाबाद. पाली जिले की एक महिला शिक्षिका की अहमदाबाद में कार की टक्कर से मौत हो गई।
अहमदाबाद शहर के निकोल रिंग रोड को क्रॉस कर रही बाली के भंदर गांव की महिला शिक्षिका को एक कार के चालक ने टक्कर मार दी। इस घटना में वे गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। उन्हें उपचार के लिए इंडस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। आई डिवीजन ट्रैफिक पुलिस ने इस मामले में महिला शिक्षिका के देवर जगदीश मालवीय (43) की शिकायत पर आरोपी कार चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत के तहत मूलरूप से पाली जिले की बाली जिले के भंदर गांव निवासी हाल ओढव मनमोहन पार्क के सामने अक्षरदीप अपार्टमेंट में रहने वाले जगदीश मालवीय सोनी की चाली के पास श्रीराम एस्टेट में लेथ मशीन का कारखाना चलाते हैं। उनकी भाभी कल्पनाबेन मालवीय (52) चार दिन पहले ही राजस्थान से अहमदाबाद परिजनों से मिलने आई थीं। वे बाली तहसील में प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका थीं। वे शुक्रवार दोपहर को तीन बजे निकोल रिंग रोड पर इंडस हॉस्पिटल के पास रोड पार कर रही थीं। इसी दौरान कार के चालक ने उन्हें टक्कर मार दी। उन्हें टक्कर मारने वाला कार चालक ही अस्पताल में लेकर आया और भर्ती कराया। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

पाली। Railway Stations In Rajasthan: रेलवे की अमृत स्टेशन योजना के तहत केंद्र सरकार ने उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों के विकास के लिए 272 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक बनाने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। डीआरएम पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत देश के एक हजार छोटे रेलवे स्टेशनों के विकास की कार्य योजना बनाई गई है। इसमे जोधपुर मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों को शामिल किया गया है। योजना के प्रथम चरण में स्टेशन कार्यालयों को शिफ्ट किया जाएगा।


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यह होंगे प्रमुख कार्य
-ऊंचे लेवल के प्लेटफॉर्म बनाएंगे
-सड़कों को चौड़ा किया जाएगा
-सभी श्रेणियों के स्टेशनों पर उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म (760-840 मिमी) किए जाएंगे
-प्लेटफार्मों की लंबाई करीब 600 मीटर की होगी
-उचित रूप से डिज़ाइन किए गए साइनेज लगाए जाएंगे
-पैदल मार्ग, सुनियोजित पार्किंग क्षेत्र, बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जाएगी
- रूफटॉप प्लाजा बनेगा
- गिट्टी रहित ट्रैक बनेगा
- नेट की 5-जी कनेक्टिविटी रहेगी

इन स्टेशनों पर मिलेगी आधुनिक सुविधाएं
नागौर, नोखा, बाड़मेर, मेड़ता रोड, मारवाड़-भीनमाल, डीडवाना, गोटन, सुजानगढ़, जालोर, रामदेवरा, बालोतरा, रेन, फलोदी, डेगाना और देशनोक।


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नए भवनों का नहीं करेंगे निर्माण
रेल मंत्रालय ने की ओर से देश के चयनित स्टेशनों को मेगा अपग्रेडेशन के तहत सुविधाएं विकसित की जाएगी। इसमे नए भवनों के निर्माण को टाला जाएगा। हालांकि इस पर निर्णय लेने का अधिकार डीआरएम को दिया गया है।

Monsoon In Rajasthan : राजस्थान में मानसून की एंट्री के साथ ही भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौोसम विभाग की माने तो राजस्थान में मानसून लाइन उदयपुर, अजमेर, सीकर होकर से गुजर रही है। अगले चार दिन तक पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश होगी। उधर, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम बना हुआ है। इससे पूर्वी राजस्थान में भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है।

देश में यहां से गुजर रही मानसून लाइन
मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक आर.एस. शर्मा की माने तो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 25 जून को राजस्थान के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर गया है।। मनसून की उत्तरी सीमा वेरावल, वल्लभ विद्यानगर, उदयपुर, नारनौल, अंबाला और कटरा से होकर गुजर रही है। अगले दो दिन के भीतर गुजरात, हरियाणा, पंजाब के कुछ हिस्सों और जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों से आगे की तरफ बढ़ेगी। मानसून के प्रवेश के साथ ही राजस्थान में उदयपुर, कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्से में बारिश शुरू होगी। कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम
मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम बन रहा है, जिसके असर से राजस्थान में अगले चार से पांच दिनों तक भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है। 26 से 28 जून के दौरान पूर्वी राजस्थान में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं पर भारी व अति भारी बारिश भी होगी। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 25 से 27 के बीच हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। उधर, 30 जून तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

यह दिखाई देगा प्रभाव
- भारी बारिश से निचले इलाकों और अंडरपासों में कहीं-कहीं जलभराव हो सकता है।
- सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है।
- भारी बारिश से नदी-नालों पर बने पुलों पर तेज प्रवाह से पानी की आवक हो सकती है।
-भारी बारिश के चलते दृश्यता में कमी के चलते दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
-भारी बारिश के बीच कृषि मंडियों में रखे जींस व अनाज को ढककर रखना जरूरी है।

IMD Figures : राजस्थान में पिछले दिनों बिपरजाॅय की तूफानी बारिश ने कई जिलों को तर-बतर कर दिया और बांधों पर चली चादर देखने लोग अब तक आ रहे हैं। उधर, मौसम विभाग ने एक से 25 जून तक बारिश का आंकड़ा जारी किया है, जिससे साफ हो गया है कि राजस्थान के किस इलाके में सबसे ज्यादा पानी बरसा है और कहां बारिश का इंतजार बना हुआ है। बिपरजाॅय का कहर और मेहर दोनों ही मारवाड़ पर बरसी। तभी तो यहां 25 दिनों के भीतर रेकाॅर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है।

मारुवाड़ पर मेहर और कहर

मौसम केन्द्र के ताजा आंकड़ा पर नजर डालें तो बिपरजाॅय और पश्चिमी विक्षोभ के चलते राजस्थान में जून का महीना बारिश के हिसाब से रेकाॅर्ड तोड़ रहा है। जून की बारिश ने नदी-नालों में उफान ला दिया है और कई जिलों में पेयजल की समस्या का समाधान हो गया। यहां तक की मानसून के दौरान 25 प्रतिशत बारिश का कोटा भी 25 जून तक पूरा हो चुका है। आंकड़ों पर नजर डाले तो बिपरजाॅय ने मारवाड़ पर कहर और मेहर दोनों बरसाया है। 25 जून तक सबसे ज्यादा बारिश जालोर में दर्ज की गई है। यहां सामान्य बारिश का आंकड़ा 29.1 एमएम है, जबकि वास्तविक बारिश 426.9 एमएम दर्ज की गई, जो सामान्य से 1367 प्रतिशत ज्यादा है। दूसरा नंबर पर पाली रहा है। यहां सामान्य से 968 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

अन्य जिलों की स्थिति

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार सिरोही की बात करें तो यहां सामान्य से 849 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बाड़मेर में सामान्य से 688, राजसमंद में 538, टोंक में 365, भीलवाड़ा में 244 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उधर, झालावाड़ में माइनस 49 और प्रतापगढ़ में माइनस 45 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई। सबसे कम बारिश बांसवाड़ा में हुई। यहां सामान्य से 66 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

अगले चार दिन तक भारी से अति भारी बारिश

मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में अगले चार दिन तक कुछ स्थानों पर मानसून की भारी से अति भारी बारिश दर्ज होगी। राजस्थान में अजमेर, भीलवाड़ा, बासंवाड़ा, बारां, चित्तौडगढ़, डूंगरपुर, कोटा, प्रतापगढ़, टोंक और उदयपुर में चार दिन के भीतर कहां भारी तो कहीं अति भारी बारिश दर्ज होगी।

 

 

राजीव दवे. सिंचाई विभाग के बांधों में बरसात होने पर कितना पानी आया है? नदी कितने वेग से बह रही है? बांध की दीवारें सुरक्षित है या नहीं? इसकी जानकारी के लिए पाली का सिंचाई विभाग ग्रामीणों के भरोसे है। इसका कारण है सिंचाई विभाग में कार्मिका का अभाव। सिंचाई विभाग में इस समय मेट व गेज रीडर के साथ हेल्पर, मिस्त्री, स्टोर सहायक व जमादार के नाम पर महज 14 कार्मिक है। जबकि विभाग के पास पाली व सुमेरपुर खण्ड में 52 बांध है।

अनुनय-विनय कर चलाते काम
हर साल मानसून आने पर कार्मिकों की कमी के कारण सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों के निकट रहने वाले ग्रामीणों या पूर्व कार्मिकों से अनुनय-विनय कर काम चला रहे हैं। ऐसा नहीं करे तो हाल ही में बिपरजॉय की तूफानी बरसात के समय ढारिया बांध में लीकेज होने की जानकारी भी नहीं मिलती और बांध का पानी वर्ष 2006 की तरफ फिर कहर बरपा देता।

जिले के 12 बांध स्टेट समय के
बांधों की सुरक्षा इस कारण भी जरूरी है कि 42 बांधों में 12 बांध तो स्टेट टाइम के बने हुए है। हेमावास बांध को बने तो 115 साल से अधिक हो चुके हैं। इसके बावजूद उस बांध पर हर कार्य देखने के लिए महज एक मेट कार्यरत है। बांध की मुख्य मोरी से आकेली की तरफ जाने वाली मोरी के बीच ही एक से डेढ़ किमी की दूरी है। ऐसा ही हाल अन्य बांधों का है।

कार्मिकों की कमी
विभाग में गेज रीडर के साथ अन्य कार्मिकों की कमी है। मानसून के समय बांध के पास के ग्रामीणों आदि से आग्रह कर गेज व अन्य सूचना लेनी पड़ती है। हम स्वयं भी बरसात के समय गश्त करते हैं।

ताराराम, अधीशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, पाली
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जिले के बांधों पर अभी महज इतने कार्मिक
मेट: 2

गेज रीट: 4 (जवाई पर कार्यरत)
हेल्पर प्रथम: 1

हेल्पर द्वितीय: 2
मिस्त्री सिविल ग्रेड द्वितीय: 2

स्टोर सहायक: 2
जमादार: 1

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जल संसाधान खण्ड पाली में बांध: 44

जवाई नहर खण्ड सुमेरपुर में बांध: 8
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सूरत [गुजराज] के स्मीमेर अस्पताल के गायनेक वार्ड से एक गभर्वती महिला के चार साल के बच्चे का एक महिला अपहरण कर ले जाने से दौड़धाम मच गई। अपहरण के कुछ ही घंटों में पुलिस ने अपहर्ता महिला और उसके पति को पकड़कर बच्चे को मुक्त करवाया। पुलिस का कहना है कि शादी के 20 साल बाद भी संतान नहीं होने से दंपती ने बच्चे के अपहरण का षड्यंत्र रचा था।

पुलिस के मुताबिक, एक गर्भवती महिला शनिवार को प्रसूति के लिए स्मीमेर अस्पताल में भर्ती हुई थी। महिला के साथ उसका चार साल का पुत्र अर्क भी था। दोपहर करीब सवा तीन बजे एक महिला वार्ड से चार साल के बच्चे का अपहरण कर फरार हो गई थी। पुत्र के नजर नहीं आने पर परिजनों ने अस्पताल में खोजबीन की। इसके बाद वराछा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने सबसे पहले अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो उसमें एक महिला बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दी। उसके बाद महिला ऑटोरिक्शा में बॉम्बे मार्केट की ओर जाते दिखाई दी।

पुलिस ने अलग-अलग सीसीटीवी कैमरे चेक करते हुए महिला का पता लगा लिया और विजय नगर सोसायटी में महिला के घर पहुंचकर उसके व उसके पति को धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला का नाम सीमा और उसके पति का नाम शंकर प्रजापति है। दंपती मूलत: राजस्थान के पाली जिले के महुवा गांव का निवासी है। पुलिस ने बताया कि शादी के बीस साल बाद संतान नहीं होने से महिला ने बच्चे के अपहरण की योजना बनाई थी।

75 से अधिक कैमरे चेक किए
चार साल के बच्चे के अपहरण की घटना सामने आने के बाद वराछा और क्राइम ब्रांच पुलिस ने टीमें बनाकर स्मीमेर अस्पताल से आई माता चौक तक एक-एककर 75 सीसीटीवी कैमरे खंगाले। जिसके जरिए विजय नगर सोसायटी में महिला के घर तक पहुंची। विजय नगर के आगे के कैमरे जांचने पर आरोपी महिला नजर नहीं आई थी, जिससे पक्का हो गया कि महिला विजय नगर में ही रहती है।

बच्चे का कुमकुम से स्वागत भी किया
पुलिस ने बताया कि जब अपहर्ता महिला के घर पहुंचे तो घर में कुमकुम के निशान थे। पता चला कि बच्चे का अपहरण करने के बाद दंपती ने बच्चे का घर में स्वागत किया गया था। बच्चे के पैरों पर भी कुमकुम लगा हुआ था।

Monsoon Update : राजस्थान में मानसून के प्रवेश के साथ ही पिछले 24 घंटों के दौरान 11 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। यह संकेत हैं कि इस बार राजस्थान पर मजकर मानसून की मेहर बरसेगी। मौसम विभाग की माने तो अगले पांच दिन तक भारी से अति भारी होगी और 29 जून को अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट की संभावना है।

कोटा संभाग में जारी होगा रेड अलर्ट
मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम बन रहा है। राजस्थान में 24 घंटे के भीतर असर दिखेगा और अगले चार से पांच दिनों तक भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है। कोटा संभाग में लो प्रेशर सिस्टम का ज्यादा असर रहेगा, जिसके कारण 29 जून को अत्यंत भारी बारिश भी होने की उम्मीद है। इस दौरान 200 एमएम से ज्यादा बारिश दर्ज हो सकती है। उधर, राजस्थान के कई इलाकों में 28 व 29 जून को भारी से अति भारी बारिश होगी। पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगह मानसून की बारिश शुरू होने को है। यहां बारिश का अभी यलो अलर्ट रहेगा, लेकिन चार दिन बार अच्छी बारिश होने की संभावना है।

11 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज
मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो राजस्थान में मानसून का धमाकेदार प्रवेश हुआ है, जिसके चलते गंगानगर तहसील में 109 एमएम, अलवर के कठूंबर में 101, राजसमंद के कमनोरी में 98, झुंझुनूं के सूरजगढ़ में 82, अलवर के थानागाजी में 79, गंगानगर में दो स्थानों पर 75, सीकर के अजीतगढ़ में 73, चित्तौड़गढ़ के भैंसरोडगढ़ में 73 और कोटा के कोटा में 68 और रामगंजमंडी में 66 एमएम बारिश दर्ज की गई है।

तापमान में आई कमी
राजस्थान में मानसून की झमाझम बारिश के साथ ही अधिकतम तापमान में कमी देखने को मिल रही है। राज्य के ज्यादातर इलाकों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिरा है। केवल श्रीगंगानगर में तापमान 42 डिग्री से उपर रहा है। बड़ी बात यह है कि 19 जिलों का तापमान 35 डिग्री से नीचे रहा।

यहां किसी भी समय भारी बारिश
मौसम केन्द्र जयपुर की माने तो राजस्थान में जयपुर, झुंझुनूं, चूरू, सीकर, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, दौसा, भरतपुर, नागौर, अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा, करौली, सवाईमाधोपुर पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।

धर्मज्ञो धर्मकर्ता च सदा धर्मपरायण:, तत्वेभ्य: सर्वशास्त्रार्थादेशको गुरुरुच्यते।। अर्थात् धर्म को जानने वाले, धर्म मुताबिक आचरण करने वाले, धर्मपरायण, और सब शास्त्रों में से तत्वों का आदेश करने वाले गुरु कहे जाते हैं। इन्हीं भावार्थो को साकार करते हुए गुरुभक्त तीन जुलाई को गुरु का पूजन व वंदन करेंगे। आषाढ़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। जिलेभर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर तैयारियां की जा रही है। वही आश्रमों को सजाया जा रहा है। कई जगहों पर शोभायात्रा निकलेगी। आश्रमों में गुरुओं के पूजन के साथ ही चरण पादुकाओं का पूजन वंदन व दुग्धाभिषेक किया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष पूर्णिमा तिथि अत्यधिक फलदायी होगी।

संन्यासियों के चातुर्मास का आगाज

ज्योतिषाचार्य पं.कुशाल दवे ने बताया कि आषाढ़ मास की पूर्णिमा 2 जुलाई रात 8.21 बजे से शुरू होगी। इसी दिन पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा। वही संन्यासियों का चातुर्मास आरंभ होगा। वही गुरु पूर्णिमा दूसरे दिन सोमवार शाम 5.08 बजे तक रहेगी। 21 घंटे से अधिक समय तक रहने वाली पूर्णिमा तिथि सोमवार को पूरे दिन मान्य होगी। तिथि की खासियत होगी कि ये चंद्रमा के आधिपत्य यानि सोमवार और पूर्णिमा पडऩे से इसका फल कई गुना बढ़ रहा है।

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