>>: Digest for November 23, 2023

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Table of Contents

नागौर जिले के पूर्वी छोर पर स्थित परबतसर विधानसभा में इस बार कांग्रेस-भाजपा के साथ आरएलपी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को टिकट देकर मुकाबला त्रिकोणीय बना दिया है। कांग्रेस ने यहां वर्तमान विधायक रामनिवास गावडिय़ा को दुबारा उतारा है, जबकि भाजपा ने पूर्व विधायक मानसिंह किनसरिया को चौथी बार टिकट दिया है। मानसिंह 2008 व 2013 में विधायक रह चुके हैं। वहीं आरएलपी ने 2008 व 2013 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे लच्छाराम बडारड़ा को टिकट दिया है। परबतसर विधानसभा में इस बार कुल पांच उम्मीदवार हैं, जिनमें एक निर्दलीय है तो एक प्रत्याशी बसपा के भी हैं। परबतसर में मतदाता अभी पत्ते नहीं खोल रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के कार्यकर्ता मुखर होकर पैरवी कर रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी पिछले पांच साल में करवाए गए विकास कार्यों के दम पर जनता से वोट मांग रहे हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी का कहना है कि कांग्रेस के राज में पिछले 5 सालों में कोई काम नहीं हुए। यदि उनको मौका मिला तो जनता की मूलभूत सुविधाओं को सबसे पहले सुधारेंगे तथा परबतसर को भष्ट्राचार मुक्त बनाएंगे।

2018 चुनाव में मिले मत
कांग्रेस - रामनिवास गावडिय़ा - 76,373
भाजपा - मानसिंह किनसरिया - 61,888
जीत का अंतर - 14,485

इस बार मतदाता
कुल - 2,49,254
पुरुष - 1,29,676
महिला - 1,19,574
थर्ड जेंडर - 4

प्रत्याशियों के वादे
- कांग्रेस प्रत्याशी जनता से वादा कर रहे हैं कि यदि फिर से आशीर्वाद मिला तो 36 कौम को साथ लेकर चिकित्सा, शिक्षा, सडक़ों सहित सीवरेज लाइन व पानी की उपलब्ध सुलभ करेंगे। साथ ही 5 वर्षों में विकास में कहीं कमी रह गई है, तो उसे पूरा करेंगे।
- भाजपा प्रत्याशी जनता से वादा करते हुए कहते हैं कि उन्हें दुबारा मौका मिला तो सबसे पहले चिकित्सा, शिक्षा, सडक़ें, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिकता से पूरा करेंगे।

विधानसभा क्षेत्र के बड़े मुद्दे
- परबतसर को रेल मार्ग से किशनगढ़ से जोड़ा जाए। पांच साल पहले घोषणी भी हुई, लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। वर्तमान में केवल एक ट्रेन मकराना से परबतसर के बीच चलती है।
- कोरोना के दौरान बंद की गई रोडवेज बसों को दुबारा चालू किया जाए। निजी यातायात वाहनों से सफर करना काफी जोखिम भरा रहता है।
- स्थानीय स्तर पर उद्योग धंधे कम होने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है।
- शाम चार बजे बाद परबतसर बस स्टैण्ड पर बसें आना बंद हो जाती है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। डीपो कार्यालय में कार्मिक भी नहीं मिलते।

क्या कहते हैं मतदाता
परबतसर से होकर जाने वाली रोडवेज बसों की संख्या कोरोना से पहले 80-90 थी, लेकिन कोरोना के बाद जब वापस यातायात वाहन शुरू हुए तो मात्र 30 फीसदी बसों को ही चालू किया गया। अजमेर जाने-आने वाली 80 फीसदी बसें बंद कर दी। मकराना-बोरावड़ जाने के लिए करीब 10 बसें थी, उनमें दो-तीन रखी हैं। सरकार ने रोडवेज बसों में महिलाओं को किराए में जो छूट दी है, बसें नहीं होने से उसका लाभ नहीं मिल रहा है। अब प्राइवेट बसों की मनमानी चलती है। विकास की बात करें तो काफी काम हुआ है, लेकिन और करने की आवश्यकता है।
- चांदमल चायल, परबतसर

परबतसर शहर में शाम चार बजे बाद रोडवेज बसें बस स्टैण्ड पर न आकर सीधे गांधी चौक से निकल जाती हैं, जिससे मुख्य सडक़ पर बार-बार जाम लगता है, यात्रियों को परेशानी झेलती पड़ती है। बस स्टैण्ड पर जो लोग ठेले लेकर या दुकान खोलकर बैठे हैं, उनका धंधा भी मंदा हो रहा है।
- सुभाष पारीक, पार्षद, परबतसर

पिछले पांच साल में काफी विकास कार्य हुए हैं, अब जो सबसे बड़ी मांग है, वो परबतसर को किशनगढ़ से रेल मार्ग से जोडऩे की है। कुछ वर्ष पहले घोषणा भी हुई थी, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया।
- लोकेश मालाकार, पार्षद, परबतसर

जिले के पूर्वी छोर पर स्थित नावां विधानसभा में इस बार कांग्रेस और भाजपा में सीधी टक्कर होती दिख रही है। कांग्रेस से वर्तमान विधायक महेन्द्र चौधरी मैदान में हैं तो भाजपा से पूर्व विधायक विजयसिंह चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों प्रत्याशी चौथी बार आमने-सामने हैं, हालांकि 2008 के चुनाव में विजयसिंह निर्दलीय चुनाव लड़े थे और हार गए, लेकिन 2013 के चुनाव में उन्हें भाजपा ने टिकट दिया और जीत गए। 2018 में फिर महेन्द्र चौधरी जीत गए। इस बार फिर दोनों आमने-सामने है और दोनों के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। सांभर झील में नमक बनाने का अधिकार क्षेत्र के किसानों को अब भी नहीं मिल पाया तो परिवहन सुविधा बढ़े और गांव शहर से जुड़े, जैसे मुद्दे यहां मतदाताओं के बीच चर्चा में हैं।

मुद्दा जो हर मन सवाल बना - क्या जिला बनेगा कुचामन?

नावां विधानसभा क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर कुचामन है। पिछले काफी समय से कुचामन को जिला बनाने की मांग चल रही थी। सरकार ने अगस्त 2023 में 19 नए जिले बनाए, जिसमें डीडवाना-कुचामन के नाम से जिला बना दिया, लेकिन जिला मुख्यालय कुचामन बनाने की आस अब भी पूरी नहीं हुई। अब जब चुनावी माहौल शुरू हुआ तो फिर से यह सवाल यहां लोगों के बीच उठता दिख रहा।

2018 चुनाव में मिले मत
कांग्रेस - महेन्द्र चौधरी - 72,168
भाजपा - विजयसिंह चौधरी - 69,912
जीत का अंतर - 2256

इस बार मतदाता
कुल - 2,67,787
पुरुष - 1,37,691
महिला - 1,30,094
थर्ड जेंडर - 2

प्रत्याशियों के वादे

  • भाजपा प्रत्याशी का कहना है कि सेवा का मौका मिला तो वे कुचामन को जिला बनाएंगे। इसके साथ नावां विधानसभा क्षेत्र को भ्रष्टाचार मुक्त करने, स्वच्छ व सुशासन की स्थापना कर आम आदमी को राहत प्रदान करने की बात कर रहे हैं।
  • कांग्रेस प्रत्याशी पिछले पांच साल में करवाए गए विकास कार्यों के साथ जिन गांवों में डामर की सडक़े नहीं बनी है, वहां सडक़े बनाने, कुचामन को राजस्थान का नम्बर वन स्वच्छ शहर बनाने का वादा कर रहे हैं।

विधानसभा क्षेत्र के बड़े मुद्दे

  • कुचामन अलग से नया जिला बने
  • चिकित्सा सुविधाओं का और अधिक विस्तार हो
  • किसानों को सिंचाई के लिए और पीने के लिए नहरी पानी मिले
  • सांभर झील में किसानों को नमक बनाने का अधिकार मिले
  • गांव शहरों से जुड़े इसके लिए परिवहन के साधन शुरू किए जाएं

क्या कहते हैं मतदाता
कांग्रेस सरकार ने आचार संहिता लगने से पहले कुचामन को जिला बनाने की घोषणा की, इसलिए यहां के लोगों की उम्मीद अब दुगुनी हो गई है। ऐसे में चुनाव के बाद इस घोषणा को हकीकत में बदला जाना चाहिए।
- रामदेव नायक, कुचामन

कुचामन सहित नावां विधानसभा क्षेत्र में काम तो काफी हुए हैं, लेकिन लोगों को पूरा पानी अब भी नहीं मिल रहा है। बेरोजगारी यहां का बड़ा मुद्दा है। इसके साथ महिलाओं को सुरक्षा सुनिश्चित हो। कुचामन को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
- संजना बुगालिया- कुचामन

डीडवाना (नागौर)। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को डीडवाना में चुनावी सभा की। उन्होंने कहा कि विकास पर हक सभी का, उसे तबके में विभाजित नहीं कर सकते। मोदीजी ने नारा दिया सबका साथ सबका विकास। हम विकास सबका करेंगे, योजनाओं का लाभ सबको देंगे।

योगी ने कहा कि यदि राजस्थान में भाजपा सरकार होती तो क्या रामनवमी के जुलूस पर रोक लगाती? सर्वाधिक अपराध राजस्थान में हो रहे यह भी होते क्या?, महिलाओं पर भी अत्याचार नहीं होते।

योगी ने कहा आस्था का सम्मान करना हो तो केवल भाजपा ही विकल्प। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण युद्ध स्तर पर चल रहा, डीडवाना में ऐसे कितने लोग जो 22 जनवरी के बाद अयोध्या जाएंगे। वे हेलीपैड से सभास्थल बलदेवराम मिर्धा स्टेडियम पहुंचे।

यह भी पढ़ें : योगी के निशाने पर गहलोत, कहाः राजस्थान में सरकार नहीं माफियागिरी का राज

गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने भर्तहरि महाराज की तपोस्थली जोगामंडी धाम पहुंचकर सिद्ध समाधियों व मां हिंगलाज माता के दर्शन किए। जोगामंडी महंत लक्ष्मणनाथ महाराज ने शॉल ओढाकर सम्मान किया। पंचमनाथ महाराज बोदलासी सुरेश योगी काली माता मंदिर की ओर से गोरखनाथ महाराज व मां हिंगलाज की प्रतिमा उन्हें भेंट की गई।

आज चौपाल में हथाई सरू हुई अर खंखारो करता खींव जी कैवण लाग्या भाईडां, आज तो जोरदार मेह बरस्यो। खेत सूं लेय'र गांव ताणी एकोधार। हथाई में बैठ्या लोग अचंभो करता बोल्या अठै तो एक छांट ई कोनीं पड़ी। थे कद री अर कठै री बात कर रिया हो। खींव जी बोल्या आज री अर अठै री ई बात करूं। म्हैं अबार बरसतै में ई खेत सूं सीधो इण चौपाल में आयो हूं। पैंपरळां-पैंपरळां पाणी पड़्यो। खींव जी री बात सुण'र सुगनो एकदम उछळतो सो बोल्यो 'यार! लोगां नैं बावळा समझै है के? तूं बरसतै मेह में आयो जणा साव सूखो कियां? थारै तो एक बूंद ई लागेड़ी कोनीं।' खींवजी हंसण ढूक्यो। बाबोसा ई एकै कानीं बैठा दाढ़ी माथै हाथ फेर्यो अर मुळक्यो।

खींवजी बोल्या अरे भाई थे म्हनैं जाणो कोनीं के? म्हारी खिमता अजे ओळखी कोनीं थे। म्हैं आयो तो बरसतै मेह में ई हो पण साव सूखो इण वास्तै हूं कै 'छांट अठै तो बन्दो बठै'। अबै बताओ म्हैं भीजूं कियां? खींवजी तो चिलम हाथ में ली अर सुटको खींचण लाग्या अर बाबोसा बात सरू करी। बोल्या खींवै री बात समझ्या के? सगळा बोल्या गप्प मारै, साव कूड़ भाखै, इणमें समझण वाळी कुणसी बात है। बाबोसा बोल्या खैर एक बार इण बात नैं छोडो। अबार चुनाव रो चाळो है। रोजीनां न्यारा-न्यारा दळ अर न्यारा-न्यारा नेता गांव में आवै। पूरो गुवाड़ खचाखच भरीजै। मिनख नावड़ै ई कोनीं। आखो गांव भेळो हुवै। जे गांव वाळा कीं कम पड़ै तो आवण वाळा नेता 100-200 आदमी खुद सूं पैली बारै सूं भेज देवै। मायक, मंच एवं भाषण चाटण री सगळी व्यवस्था आगलो नेता आप कानीं सूं करै। गाड़ी-घोड़ा आवै। कोई ऊंट माथै, कोई घोड़ै माथै तो कोई हाथी रै होदै बैठै। मंच सूं भाषण देवै। समर्थन मांगै। सगळा लोग दोनूं हाथ खड़ा कर-कर समर्थन देवै। नेता नैं सुहावै बिसा नारा लगावै। बात-बात माथै ताळियां बजावै। नेता रै साथै फोटुवां खिंचावै। सेल्फी लेवै। सोशल मीडिया पर पोस्टां करै। आवण वाळो नेता इत्ता वोट भेळा देख'र बावळो हुयोड़ो सो पाछो जावै अर मन ई मन खुद री जीत रा सपनां संजोवै।

सभा संपूरण हुयां, नेता आगलै गांव जावै। दूजा बारै सूं आयोड़ा ई कित्ती देर रुकै, बै ई जाता रैवै। गांव वाळा तो कठै जावै। बठै ई बैठा बातां करै। एक बोलै भाई आज तो फलाणै री सभा में वोटां री बरसात हुई। सगळा कैवै हां भाई बात तो साची है पण इण बरसात में भीज्या किताक इण बात रो ठाह तो तीन दिसंबर नैं परिणाम आयां ई पड़सी।

इत्ती देर सूं चुपचाप बैठ्यो खींवजी उछळ'र बोल्यो अबै समझ्या के? म्हैं कुण हूं जको बरसतै मेह में ई सूखो रैय सकूं। म्हैं हिंदुस्तान रो आम मतदाता हूं, जको पैली सूं जाणूं कै म्हनैं वोट किण नैं देवणो है। नेता डाळ-डाळ है तो म्हैं पात-पात हूं। नेता वादां री छांटां बरसावै पण बंदा भीजै कोनीं। जाति, धरम अर संप्रदाय सूं भरमावण री खेंचळ करै पण म्हारै कीं फरक नीं पड़ै। म्हैं जाणूं कै देस रो भलो कुण करसी, म्हारै माथै वां छांटां रो ई असर हुवैला। बाकी तो छांट अठै अर बन्दो बठै। सगळा बोल्या आज तो खींवजी कमाल करग्यो। बाबोसा ई राजी हुया अर सगळां राम-राम कर घर री सुध करी।
- डॉ. गजादान चारण 'शक्तिसुत'

चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी है। जिले में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव के लिए अतिरिक्त बलों के करीब सात हजार जवान नागौर आए हैं। उधर, पुलिस के साथ जवानों का विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च जारी है। आगामी 25 नवंबर को होने वाले मतदान को देखते हुए जिलेभर के होटल व धर्मशाला के साथ संदिग्ध वाहन अथवा लोगों की जांच-पड़ताल जोरों पर चल रही है।

सूत्रों के अनुसार नागौर (डीडवाना-कुचामन) जिले के दस विधानसभा क्षेत्र में 25 नवम्बर को मतदान होना है। शांतिपूर्ण चुनाव के लिए एसपी नारायण टोगस के सुपरविजन में सुरक्षा व्यवस्था के हिसाब से जाब्ता लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अर्ध सैनिक बलों की चार कम्पनी पहले ही आ चुकी थी। सोमवार की रात करीब सोलह कम्पनी और नागौर पहुंची। इस तरह सेंट्रल फोर्स की बीस कम्पनी नागौर जिले में पहुंच चुकी हैं। बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और आरपीएफ के इन जवानों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेज दिया है।

इसके अलावा आरएसी की आठ कम्पनी के अतिरिक्त मध्यप्रदेश से करीब आठ सौ होमगार्ड भी चुनाव की कमान संभालेंगे। नागौर जिले के पांच सौ होमगार्ड चुनावी ड्यूटी करेंगे। इस तरह स्थानीय पुलिस के अलावा करीब सात हजार जवान चुनाव/मतदान की व्यवस्था संभालेंगे। थानों के पुलिसकर्मी पहले ही फ्लाइंग स्क्वायड टीम (एफएसटी) के अलावा चुनाव के अन्य कार्य में लगाए जा चुके हैं। आलम यह है कि कई थाने तो दो-दो पुलिसकर्मियों के भरोसे रह गए हैं।

थानों को छोडि़ए एसपी ऑफिस तक में कार्यरत पुलिसकर्मियों को चुनावी ड्यूटी बांट दी गई है। इन्हें अलग-अलग कार्य सौंपे गए हैं। इस संबंध में मंगलवार को पुलिस लाइन में भी इन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ड्यूटी संबंधी सावधानियों के साथ जिम्मेदारी से अवगत कराया गया।

तलाशे रहने के ठौर-ठिकाने

बताया जाता है कि बीएसएफ के जवान तो साथ में राशन-पानी ही नहीं खाना बनाने का इंतजाम तक लाए हैं। सोमवार की रात करीब दो हजार जवान यहां पहुंचे थे। इनको अलग-अलग टुकड़ी में अपने-अपने कार्य स्थल के लिए रवाना कर दिया गया। कुचामन हो या डीडवाना, मकराना हो या परबतसर, सभी क्षेत्रों में इनको ठहराने का इंतजाम किया गया है।

दबिश के साथ जांच-पड़ताल

सूत्रों का कहना है कि चुनाव के चलते इन दिनों प्रत्याशियों के जनसंपर्क/सभा व रैली के आयोजन हो रहे हैं। गड़बड़ी की आशंका देखते हुए पुलिस होटल/धर्मशाला के अलावा स्टेशन/बस स्टैण्ड सहित अन्य प्रमुख स्थानों की निगरानी कड़ी कर दी गई है। अभी तक प्रचार/सभा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई। प्रचार का दौर अभी दो दिन और चलेगा।

-शहर के व्यस्ततम बाजारों मे से एक होने के बाद भी सडक़ पर बिखरी कंकरीट
-महज 100 मीटर के एरिया में ही तीन जगहों पर से उखड़ी सडक़
नागौर. शहर के अहिंसा सर्किल से गांधी चौक से लेकर सुगन सिंह सर्किल क्षेत्र के बाजार तक पहुंचने का सफर मुश्किल हो गया है। बीच राह कई जगह पर सडक़ की हुई खराब हालत की वजह से स्थिति खराब हो चुकी है। यह स्थिति तब है, जबकि इस क्षेत्र में न केवल शहर के प्रमुखतम प्रतिष्ठान स्थापित हैं, बल्कि होटल्स आदि कशामिल है। यहां से भी सरकार को प्रतिमाह लाखों का राजस्व प्राप्त होता है। इसके बाद भी लंबे समय से खराब सडक़ की न तो मरम्मत हुई, और न ही निर्माण किया गया। इसके चलते बाजारों में व्यवसायियों के साथ ही अब इस राह गुजरने वाले राहगीरों का इस पर चलना मुश्किल होने लगा है।
अहिंसा सर्किल से लेकर सुगन सिंह सर्किल एवं बीकानेर रोड तक पहुंचने की राह में एक, दो नहीं, बल्कि कई गड्ढों को पार करना पड़ता। गड्ढों के मिलने की शुरुआत अहिंसा सर्किल क्षेत्र में प्रवेश करते ही हो जाती है। यहां मुख्य चौराहे पर ही दो जगह गोलाकार में तकरीबन तीन से पांच मीटर तक न केवल पूरी सडक़ उखड़ चुकी है, बल्कि कंकरीट भी निकलकर बाहर बिखर चुकी है। इस राह से आगे बढऩे पर एक चिल्ड्रन निजी हॉस्पिटल मिलता है। इसके पास बीस से पचीस मीटर के हिस्से की पूरी सडक़ ही उखड़ चकी है। इस तरह की स्थिति तीन जगहों पर है। इन गड्ढों से गुजरते हुए बीकानेर रोड की ओर बढ़ते हैं तो मुख्य चौराहे का लगभग हर हिस्सा सडक़ का टूटा हुआ है। यह क्षेत्र सब्जी से लेकर हार्डवेयर, साफ्टवेयर, मोबाइल शॉप सहित कई प्रमुख दुकानों का प्रमुख बाजार है। बाजार में पूरे दिन खरीदार पहुंचते रहते हैं। इस राह गुजरने पर ऊंचे-नीचे हुए रास्तों की वजह से पहाड़ी सडक़ों पर चलने का अहसास होने लगा है। स्थानीय बाशिंदों में मुकेश, आकाश, रमेश, सुवालाल, राजेश, मनोज ने बताया कि कुछ अर्सा पहले सडक़ तो बनी थी, लेकिन बेहतर गुणवत्ता नहीं होने की वजह से टूट गई। यहां से लेकर पूरे सर्किल तक कई जगहों पर पूरी सडक़ की खराब हो चुकी है।
जनता कहिन:
बेहद अफसोसजनक स्थिति है कि लाखों का टैक्स अदा करने के बाद भी चलने के लिए एक बेहतर सडक़ तक नहीं मिल पाती है। खराब सडक़ होने की स्थिति में हादसा आदि होने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होने का प्रावधान होना चाहिए।
रामप्रकाश, शहरवासी
सडक़ निर्माण कराने वाले जिम्मेदार इस क्षेत्र में सडक़ तो बनाना भूल ही गए। हालांकि कहने के लिए यह पॉश कॉलोनियों का क्षेत्र होने के साथ ही बाजार आदि जाने के लिए प्रमुखतम मार्ग है। इसके बाद भी खराब सडक़ पर सफर करना मजबूरी बन गई है।
जावेद खान, शहरवासी

मेड़ता सिटी में देव प्रबोधिनी एकादशी एवं बाबा श्याम के जन्मदिन के अवसर पर चारभुजा चौक में रात 8.30 बजे से "एक शाम श्याम बाबा के नाम' कीर्तन का आयोजन हुआ। इसको लेकर नागौर से शीश पहुंचने के बाद बाबा श्याम का विशेष एवं आकर्षक दरबार सजा। आयोजक जब्बरचंद काच्छवाल, राहुल बोराणा ने बताया कि रात को 12 बजते ही चारभुजा चौक में भव्य व दर्शनीय आतिशबाजी की गई। इस दौरान पुष्प वर्षा के साथ केक काटकर श्याम बाबा का बर्थडे मनाया गया। श्रद्धालु शेखर सांखला ने बताया कि श्याम कीर्तन में देर रात तक चली भजनों की प्रस्तुतियों में श्याम भक्त मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे।
इन भजनों की दी प्रस्तुतियां
नागौर से आई भजन गायकों की टीम ने गणेश वंदना के साथ कीर्तन की शुरूआत की। इसके बाद बालाजी महाराज और पितृ देव की वंदना की गई। कीर्तन में गायक श्याम अटल की ओर से "श्याम जयंती आई रे, सबका मन हर्षाया रे...', राजु गौड़ "इतने सेठ यहां पर मौज उड़ाते हैं, उन्हीं से पूछो कहां से लेकर आते हैं...', "एक आस तुम्हारी है, विश्वास तुम्हारा है ...', पवन राठी ने "हारा हू बाबा पे तुझ पर भरोसा है, जितूंगा एक दिन मेरा दिल यह कहता है...', "सुन ले कन्हैया अरजी हमारी...', प्रिंस दाधीच ने "रोती हुइ आंखों को मेरे श्याम हंसाते हैं...', "जयकारा बाबा-जयकारा...', राकेश गौड़ ने "कान्हा रे कान्हा अब तो आजा रे...' सहित भजनों की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान पंडित मोनू महाराज सहित ग्रुप के कलाकार मौजूद रहे।

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