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Table of Contents

राजस्थान में 24 घंटे में मौसम बदलने वाला है। नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रदेश में अब तीन दिन तक झमाझम बारिश होगी। जिसका असर प्रदेश के 13 जिलों में रहेगा। इस संबंध में मौसम विज्ञान केंद्र ने येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केंद्र के अनुसार प्रदेश में 19 व 20 फरवरी को जयपुर, भरतपुर व बीकानेर तथा 21 फरवरी को जयपुर, कोटा व भरतपुर संभाग में मेघगर्जन व तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। इससे प्रदेश के तापमान में बढ़त होगी।

इन जिलों में होगी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार प्रदेश में सोमवार को झुंझुनूं, चूरू व हनुमानगढ़ में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की हवाओं व बारिश के साथ ओले गिरेंगे। इस संबंध में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि येलो अलर्ट के अनुसार पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, जयपुर, करौली, सीकर, बीकानेर, नागौर और श्रीगंगानगर में मेघगर्जन के साथ बारिश होगी। इसी तरह मौसम केंद्र के ऑरेंज अलर्ट के अनुसार 20 फरवरी को अलवर, भरतपुर, धौलपुर, झुंझुनूं व चूरू में 30 से 40 किमी प्रति घंटे रफ्तार की हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि होगी। जबकि येलो अलर्ट के अनुसार दौसा, जयपुर, करौली, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, बीकानेर व हनुमानगढ़ में मेघगर्जन के साथ कहीं कहीं बारिश होगी।

तापमान में होगी बढ़ोत्तरी
मौसम विभाग के अनुसार बारिश से प्रदेश में एकबारगी फिर तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने पर तापमान में कमी होगी।

पिछले 20 साल से शेखावाटी की बड़ी मांग बनी नहरी पानी को लेकर लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने मास्टर स्ट्रोक लगाया है। हरियाणा से मिलने वाले नहरी पानी को लाने के लिए अब दोनों राज्यों के बीच सहमति बन गई है। केन्द्र जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने शनिवार को जल्द इस प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने का ऐलान किया है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री के साथ राजस्थान व हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की हुई बैठक में इसके लिए नई डीपीआर बनाने पर सहमति बन गई है। चार महीने में प्रोजेक्ट की डीपीआर बनेगी ओर इसके बाद अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए झुंझुनूं जिले में यमुना का पानी पहुंचेगा। पानी पहुंचने से जिले में पेयजल किल्लत तो दूर होगी ही, साथ ही सिंचाई के लिए पानी मिलने से जिले में हरित क्रांति को पंख लग सकेंगे। अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए जुलाई से अक्टूबर के बीच प्रदेश के सीकर, नीमकाथाना, झुंझुनूं,चूरू समेत अन्य जिलों के लिए 577 एमसीएम पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

रंग लाई पत्रिका मुहिम
शेखावाटी में बढ़ती पेयजल समस्या को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से लगातार समाचार प्रकाशित किए गए। इसके बाद कई सामाजिक संगठनों की ओर से अभियान को समर्थन दिया गया। इसके तहत कई गांव-ढाणियों में संघर्ष समितियों का गठन किया गया था।

अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए पेयजल
राजस्थान और हरियाणा संयुक्त रूप से डीपीआर तैयार करेंगे। अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए जुलाई से अक्टूबर के बीच राजस्थान के चूरू, सीकर, झुंझुनूं सहित अन्य जिलों के लिए 577 एमसीएम पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पेयजल और सिंचाई की जरूरतें पूरी हो सकेंगी।

तीन जल भंडारण बनेंगे
अपर यमुना बेसिन में तीन जल भंडारण रेणुकली, लखवार और किशाऊ चिह्नित किए गए हैं। यहां से राजस्थान को हथिनीकुंड से निर्धारित अवधि के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा। यदि संभव हुआ तो शेष समयावधि में भी पेयजल और सिंचाई की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।

सिंचाई के लिए मिलेगा 500 क्यूसेक पानी
योजना के तहत पहले चरण में 1400 क्यूसेक पानी पेयजल के लिए व दूसरे चरण में करीब 500 क्यूसेक पानी सिंचाई का पानी लाने के लिए राजस्थान सरकार प्रयासरत है। ताजेवाला हैड से चार पाइप लाइन के माध्यम से पानी लाया जाना प्रस्तावित है। जिसमें से तीन पाइप लाइनें शेखावाटी क्षेत्र के लिए होंगी और एक पाइप लाइन राजस्थान बॉर्डर पर स्थित हरियाणा के जिलों के लिए होगी।

जो कहा सो किया... लंबी प्रतीक्षा का हुआ अंत: खर्रा
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि दो दशकों से अटके मुद्दे पर यह एक ठोस और स्थायी समाधान की दिशा में मजबूत कदम है। निश्चित ही यह योजना राजस्थान में जल उपलब्धता के विषय में मील का पत्थर साबित होगी। इस योजना के मूर्त रूप लेने के बाद राजस्थान को ताजेवाला हेड-वर्ड्स से यमुना नदी का पानी मिल सकेगा और बारिश में व्यर्थ बह जाने वाले जल का भी समुचित उपयोग हो सकेगा। शेखावाटी के लोगों की लंबी प्रतीक्षा का अब अंत हो गया है। यहां के लोगों को जल्द नहरी पानी मिलने का सपना पूरा होगा।

सुजला शेखावाटी समिति ने जताई खुशी
शेखावाटी को पानी का हक मिलने पर सुजला शेखावाटी समिति सदस्यों ने कहा कि यह शेखावाटी के लिए ऐतिहासिक क्षण है। सदस्योें ने बताया कि 18 दिसंबर 2022 को राज्यसभा सदस्य घनश्याम तिवाड़ी का रामलीला मैदान में सर्व समाज की ओर से'अमृत महोत्सव' का आयोजन किया था। समारोह में उन्होंने शेखावाटी में सिंचाई एवं पेयजल की समस्या के समाधान की बात कही थी। इसके बाद सुजला शेखावाटी समिति का गठन किया गया। समिति के माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भी दिए गए। तिवाड़ी ने राज्यसभा में कई बार इस मुद्दे को उठाया। समिति ने शेखावाटी के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखे और सम्मेलन कर जनजागृति अभियान की पहल की। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर बनने की घोषणा पर सुजला समिति सदस्यों ने खुशी जताई है। समिति अध्यक्ष दयाराम महरिया , उपाध्यक्ष रामसिंह पिपराली, सचिव आशीष तिवाड़ी, निदेशक डॉ. नेकीराम आर्य, कोषाध्यक्ष हरफूलसिंह खीचड़ ने दोनों राज्यों के सीएम, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री व राज्य सभा सदस्य का भी आभार जताया है।

लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत: महरिया
पूर्व विधायक नन्द किशोर महरिया ने बताया कि लंबे समय से संघर्ष जारी था। प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के सीएम, हरियाणा के सीएम, हरियाणा के उप मुख्यमंत्री, राजस्थान के मंत्री सुरेश रावत सहित योजना से जुड़े अफसरों से मुलाकात की थी। नहरी पानी के लिए सहमति बनने से शेखावाटी के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

पेयजल और सिंचाई के लिए बनी योजना: श्रवण चौधरी
भाजपा नेता इंजीनियर श्रवण चौधरी ने बताया कि ताजेवाला हैड से शेखावाटी को पेयजल व सिंचाई के लिए 31 हजार करोड की योजना पर सकारात्मक प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि टि्रपल इंजन की सरकार में शेखावाटी की वर्षों पुरानी उम्मीदें पूरी होने जा रही हैं। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री की मौजूदगी में राजस्थान व हरियाणा के सीएम ने नए सिरे से डीपीआर बनाने पर सहमति जताई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में राजस्थान में भाजपा सरकार के समय इस योजना की रूपरेखा तैयार की गई थी, तब हवाई सर्वे के माध्यम से डीपीआर बनाने का कार्य भी हुआ, लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने शेखावाटी क्षेत्र की दिक्कतों पर संवेदनहीनता दिखाई। अब टि्रपल इंजन की सरकार ने इस योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज कर दी है।

रंग लाए सामूहिक प्रयास, शेखावाटी की पेयजल समस्या होगी दूर: सांसद
पिछले कई साल से नहरी पानी लाने के लिए प्रयास जारी थे। इस संबंध में प्रधानमंत्री, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री व सीएम से पिछले दिनों भी आग्रह किया था। कांग्रेस सरकार की मंशा नहीं थी बरना यह काम और भी पहले भी हो सकता था। राजस्थान में हमारी सरकार बनते ही इस दिशा में प्रयास और तेज किए तो प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। इस प्रोजेक्ट से सीकर, नीमकाथाना के साथ चूरू व झुंझुनूं जिले के लोगों को भी पानी मिल सकेगा। अब कोशिश रहेगी कि इस प्रोजेक्ट की जल्द डीपीआर बनाकर काम शुरू कराया जाए। इस प्रोजेक्ट से शेखावाटी की पेयजल समस्या भी दूर हो सकेगी।
सुमेधानंद सरस्वती, सांसद, सीकर

डिलेवरी ब्वॉय के मर्डर के मामले में आरोपी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी सुरेश मीणा उर्फ कालू को रिमांड के बाद जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को तीन दिन के रिमांड पर लिया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि पहले पूजा अपने पति और ससुराल के बाकी लोगों के साथ सीकर में रहती थी। पिछले मानसून के दौरान पूजा और उसका पति रामधन गांव में शिफ्ट हो गए थे। वहां घर में गैस चूल्हा और टेलीविजन जैसी रूटीन काम में आने वाली चीज ही नहीं थी। वहीं पड़ोस में भी कोई ज्यादा आबादी नहीं थी। धाेद थाना क्षेत्र के सिहोट बड़ी गांव में 29 जनवरी की रात को डिलीवरी बॉय रामधन मीणा (27) का शव उसके खेत के गेट के बाहर ही पड़ा मिला था। 13 फरवरी को पुलिस ने मर्डर के मामले में आरोपी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी सुरेश मीणा उर्फ कालू को 13 फरवरी को गिरफ्तार किया था। पूजा ने अपने पति की हत्या की साजिश इसलिए रची क्योंकि वह पति से परेशान थी, वह बहुत कम पैसा कमाता था, जिससे कि सिर्फ स्कूटी व मोबाइल की किस्त ही चुक पाती थी। पुलिस के अनुसार करीब दो महीने से पूजा पति को मौत के घाट उतरवाने के लिए क्राइम से जुड़े एपिसोड देख रही थी। अपने पति को मौत के घाट उतारने के लिए प्रेमी को उकसाया और पति की हत्या करवा दी।

Rajasthan Paper Leak: एक तरफ राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट होने से बचाने के लिए कठोर कानून बना रही है और आराेपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने के साथ ही संपत्ति जब्त करने का काम कर रही है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय सीकर के पेपर आउट मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं। निजी कॉलेज का आरोपी एग्जाम कॉर्डिनेटर शीलबंद लिफाफा खोलकर उसकी मोबाइल से फोटो खींचकर पेपर को अपने जानकार लड़कों को भेज देता था और फिर लड़के उक्त पेपर को तीनों जिलों सीकर, चूरू व नीमकाथाना के छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन पैसे लेकर पेपर बेच देते थे।

आठों लड़कों ने सैकड़ों छात्रों को 500 से लेकर एक हजार रुपए में केमिस्ट्री का पेपर बेच दिया। आगे जिन भी छात्रों ने पेपर खरीदे उन्होंने भी पेपर अपने मित्रों व साथियों को दिए। उक्त आठों आरोपियों के खातों में पेपर बेचने के ढाई से तीन हजार रुपए ट्रांसफर करने के सबूत भी मिले हैं। हालांकि अभी मुख्य आरोपी एग्जाम कॉर्डिनेटर गिरफ्तार नहीं हो सका है, ऐसे में उसके पकड़े जाने पर ही पता चल सकेगा कि उसने इससे पहले कितने पेपर आउट किए हैं।

दादिया थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि शेखावाटी विश्वविदयालय का केमिस्ट्री का पेपर आउट होने में घोर लापरवाही सामने आई है। उक्त अधिकारियों ने तीन दिन पहले ही पेपर सभी कॉलेजाें में पहुंचा दिए लेकिन प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए गए थे। जिस निजी कॉलेज से पेपर आउट हुए, वहां पेपर कॉर्डिनेटर ने एक दिन पहले बिना वीडियोग्राफी किए और बिना तीन सदस्यीय कमेटी के व वीडियोग्राफी किए बिना ही प्रश्नपत्र का लिफाफा खोलकर पेपर आउट कर दिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि परीक्षा से ठीक 15 मिनट पहले ही पेपर खोला जाना चाहिए था, पेपर कॉर्डिनेटर ने एक दिन पहले ही पेपर खोल लिया, इसका मतलब यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारियों व फ्लाइंग से भी निगरानी में भी बड़ी चूक हुई है।


यूनिवर्सिटी प्रशासन पर सवालिया निशान :
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अनिल राय, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरिंदम बासु, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. रविंद्र कटेवा व सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजीव कुमार के साथ ही फ्लाइंग में लगे सीनियर स्टाफ ने भी ढिलाई बरती है। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर जांच की तो खुले हुए लिफाफा चैक क्यों नहीं किए। सीसीटीवी, पेपर खोलते समय वीडियोग्राफी, लिफाफा पर तीन लाेगों के हस्ताक्षर, दो ताले लगाने के नियमों की पालना क्यों नहीं हुई, सेंटर पर इतनी बड़ी गड़बड़ी उनके पकड़ में कैसे नहीं आई। गौरतलब है कि परीक्षा नियंत्रक डॉ. बासु ने 8 फरवरी को मामला दर्ज करवाया था कि एक युवक शैलेश नाम का युवक एग्जाम से पहले ही छात्रों को केमिस्ट्री का पेपर उपलब्ध करवाने का दावा कर रहा है।


प्रश्नपत्र खोलने के गोपनियता के नियम यह हैं
किसी भी विश्वविद्याल, सीकर के गोपनीयता के नियम हैं, जिसके अंतर्गत जिन-जिन केंद्रों पर परीक्षा होनी है, वहां पर पेपर स्ट्रॉन्म रूम में स्थित डबल लॉकर की आलमारी में ही रखे जाने चाहिए। दोनों तालों की चाबी अलग-अलग व्यक्तियों के पास होनी चाहिए। जिसमें दोनों उपस्थित होने पर ही प्रश्नपत्र निकाले जाते हैं। साथ ही आलमारी को सील भी किया जाता है। इसके लिए अलग से एक रजिस्टर का संधारण किया जाता है जिसके तहत अलमारी खोलने व बंद करने का समय और खोलने वालों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज किए जाते हैं। प्रश्नपत्र खोलने से पहले लिफाफा पर केंद्राधीक्षक के अलावा तीन अन्य लोग जिसमें सहायक केंद्राधीक्षक व दो अन्य वीक्षकों के हस्ताक्षर होने अनिवार्य हैं, जिससे पता चलता है कि सही लिफाफा खोला जा रहा है। जिसमें विश्वविद्यालय के टाइम टेबल से प्रश्नपत्र की तिथि, समय, पेपर कोड और प्रश्नपत्र का नाम की जांच की जाती है। गौरतलब है कि शेखावाटी विवि ने स्ट्रॉन्ग रूप पर सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य कर रखा है।


इनका कहना है :
पेपर आउट होने का पता चलने पर हमने मामला दर्ज करवा दिया था। 300 छात्रों वाले केंद्र पर मात्र 15 मिनट पहले पेपर खोलने का नियम है, एक दिन पहले लिफाफा खोलकर पेपर आउट करना गंभीर है। यूनिवर्सिटी संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करेगी। आउट हुआ केमिस्ट्री का पेपर 21 फरवरी को पूर्व में तय समय के अनुसार ही दोबारा करवाया जाएगा।
डॉ. रविंद्र कटेवा, डिप्टी रजिस्ट्रार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, शेखावाटी विवि, सीकर

Sikar News : अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम- 2024 के तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन शनिवार को लखनऊ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय सीकर के कुलपति प्रो. डॉ. अनिल कुमार राय ने विश्वविद्यालय के अकादमिक उन्नयन, शिक्षा, शोध और आउटरीच गतिविधियों के मद्देनज़र देश के दो अग्रणी विश्वविद्यालयों आत्मिया यूनिवर्सिटी राजकोट गुजरात और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।


एमओयू शिक्षा, शोध और सामाजिक विकास के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। कुलपति प्रो. राय ने बताया कि इस समझौते के तहत शेखावाटी विश्वविद्यालय अन्य दोनों विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षा और शोध के क्षेत्र में संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करेगा। विश्वविद्यालय छात्रों और शिक्षकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे और सामाजिक विकास के लिए संयुक्त पहल करेंगे। कुलपति प्रो. डॉ. राय ने कहा, यह समझौता ज्ञापन हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे गुजरात और बिहार की ज्ञान संपदा और कौशल का लाभ शेखावाटी विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को मिलेगा।

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शोध में होगा काम
बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार युनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने कहा, यह समझौता ज्ञापन हमारे लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। हम दोनों विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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